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डीड राइटर की बेटी ने रचा इतिहास, राजस्थान के खैरथल की ख्याति खंडेलवाल बनीं BARC में वैज्ञानिक अधिकारीसक्सेस स्टोरी
3 घंटे पहले· 2

डीड राइटर की बेटी ने रचा इतिहास, राजस्थान के खैरथल की ख्याति खंडेलवाल बनीं BARC में वैज्ञानिक अधिकारी

राजस्थान के खैरथल की ख्याति खंडेलवाल ने पहले ही प्रयास में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक अधिकारी का पद हासिल किया है। घर पर रहकर करीब तीन साल की तैयारी ने उनका सपना सच कर दिखाया।

Rajesh KumarRajesh KumarSenior Correspondent 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
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राजस्थान के खैरथल जिले की एक साधारण घर की बेटी ने वो कर दिखाया है, जिसका सपना देश के लाखों युवा देखते हैं। ख्याति खंडेलवाल ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र यानी BARC में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयनित होकर पूरे इलाके का नाम देशभर में रोशन कर दिया है। यह संस्थान देश के सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष अनुसंधान केंद्रों में गिना जाता है। जैसे ही चयन सूची में ख्याति का नाम आया, खैरथल शहर और उनके घर पर जश्न का माहौल बन गया। तब से ही बधाई देने वालों और शुभचिंतकों का घर पर तांता लगा हुआ है।

यह कामयाबी रातोंरात नहीं मिली। इसके पीछे सालों की लगन और दिन-रात की मेहनत छिपी है। ख्याति की शुरुआती और स्कूली पढ़ाई खैरथल शहर के ही एक निजी स्कूल में हुई। बचपन से ही वह पढ़ाई में बेहद होशियार रहीं। उन्होंने दसवीं में 91.17 प्रतिशत और बारहवीं में 89.60 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने भौतिक विज्ञान को चुना और दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में बीएससी और एमएससी की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने NET और GATE जैसी मुश्किल परीक्षाएं भी अच्छे अंकों से पास कर लीं।

तीन साल की तपस्या और मुंबई का रास्ता

परमाणु भौतिकी में गहरी दिलचस्पी के चलते ख्याति ने BARC में वैज्ञानिक अधिकारी पद के लिए आवेदन किया था। इस अहम पद के लिए होने वाले कठिन इंटरव्यू को उन्होंने विषय पर अपनी मजबूत पकड़ के दम पर पहले ही प्रयास में पास कर लिया। ख्याति बताती हैं कि इस संस्थान में वैज्ञानिक बनना उनका सपना था, जिसके लिए उन्होंने घर पर ही रहकर करीब तीन साल तक रोजाना कई घंटे पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी की। नियमित रूप से काम शुरू करने से पहले उन्हें एक साल की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होगा, जो मुंबई में होगी और आने वाले अगस्त महीने से शुरू होने जा रही है।

घर का माहौल और परिवार की भूमिका

ख्याति के पिता इंद्र खंडेलवाल एक डीड राइटर यानी दस्तावेज लेखक हैं, जबकि मां सुषमा खंडेलवाल गृहिणी हैं। उनका एक भाई यश खंडेलवाल है, जो डॉक्टर है और चिकित्सा क्षेत्र में काम करता है। ख्याति अपनी इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय परिवार के अटूट भरोसे, सहयोग और सही मार्गदर्शन को देती हैं। उन्होंने कहा कि दादाजी गुलाबचंद, दादीजी, नाना-नानी, माता-पिता और भाई डॉ. यश का लगातार मिला मानसिक और भावनात्मक सहारा उनके लिए हमेशा प्रेरणा बना रहा।

भावुक हुए माता-पिता

पिता इंद्र खंडेलवाल ने भावुक होकर कहा कि बेटी का वैज्ञानिक के पद पर चुना जाना पूरे परिवार के लिए सपना सच होने जैसा है। मां सुषमा खंडेलवाल ने भी बेहद खुशी जताते हुए बताया कि घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाने के बावजूद ख्याति ने अपनी पढ़ाई पर हमेशा पूरा ध्यान रखा। दिन-रात की गई उसकी इस निस्वार्थ मेहनत ने आज पूरे परिवार और समाज को झूमने का मौका दिया है। ख्याति की यह उपलब्धि साबित करती है कि अगर सच्ची लगन हो, मेहनत में कोई कमी न हो और लक्ष्य साफ हो, तो छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी देश के सबसे ऊंचे मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।

इसका आप पर असर

  • देशभर के छात्रों के लिए: यह कहानी बताती है कि घर पर रहकर लगातार तीन साल की मेहनत और साफ लक्ष्य से BARC जैसे शीर्ष संस्थान में पहली बार में चयन मुमकिन है।
  • राजस्थान के खैरथल में: कस्बे की एक बेटी की इस कामयाबी ने स्थानीय युवाओं और उनके परिवारों को बड़े सपने देखने और साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला दिया है।

प्रेरणा और सीख

ख्याति खंडेलवाल का सफर बताता है कि सीमित साधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी राह से कुछ अहम सीख मिलती हैं:

  • एक साफ लक्ष्य चुनें: ख्याति का सपना तय था कि उन्हें BARC में वैज्ञानिक बनना है, इसी स्पष्टता ने उनकी तैयारी को दिशा दी।
  • लगातार बने रहें: उन्होंने घर पर रहकर करीब तीन साल तक रोजाना कई घंटे पढ़ाई की, यानी निरंतरता ही असली ताकत है।
  • बुनियाद मजबूत रखें: दसवीं-बारहवीं में अच्छे अंक और फिजिक्स में बीएससी-एमएससी के साथ NET और GATE पास करना उनकी पक्की नींव बना।
  • एकाग्रता न टूटने दें: घर के कामों में हाथ बंटाने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से फोकस नहीं हटने दिया।
  • परिवार का साथ अहमियत रखता है: परिजनों के भरोसे और भावनात्मक सहारे ने मुश्किल वक्त में उन्हें टिकाए रखा।

सवाल-जवाब

ख्याति खंडेलवाल कौन हैं?
वह राजस्थान के खैरथल जिले की रहने वाली हैं और उनका भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर चयन हुआ है।
उन्होंने किस पद के लिए और कहां चयन पाया?
उन्हें BARC में वैज्ञानिक अधिकारी (Scientific Officer) के पद पर चुना गया है।
ख्याति ने तैयारी कैसे और कितने समय की?
उन्होंने घर पर रहकर करीब तीन साल तक रोजाना कई घंटे पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी की और पहले ही प्रयास में इंटरव्यू पास किया।
उनकी पढ़ाई का रिकॉर्ड कैसा रहा?
उन्होंने दसवीं में 91.17 प्रतिशत और बारहवीं में 89.60 प्रतिशत अंक हासिल किए, और दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में बीएससी व एमएससी की।
ख्याति के परिवार में कौन-कौन हैं?
उनके पिता इंद्र खंडेलवाल डीड राइटर हैं, मां सुषमा खंडेलवाल गृहिणी हैं और भाई यश खंडेलवाल डॉक्टर हैं।
अब आगे क्या होगा?
नियमित सेवाएं शुरू करने से पहले उन्हें मुंबई में एक साल की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होगा, जो आने वाले अगस्त महीने से शुरू होगी।
#सक्सेस स्टोरी#ख्याति खंडेलवाल#BARC वैज्ञानिक अधिकारी#खैरथल#सक्सेस स्टोरी#भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र#राजस्थान#परमाणु भौतिकी

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