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शिवपुरी के मुकेश माहौर ने ढाई लाख के लोन से कैसे खड़ा किया राहुल पान का सफल कारोबारसक्सेस स्टोरी
23 जुल॰ 2026, 12:39 pm (98 दिन पहले)· 1

शिवपुरी के मुकेश माहौर ने ढाई लाख के लोन से कैसे खड़ा किया राहुल पान का सफल कारोबार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक छोटे से पान विक्रेता ने 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना' का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। कभी आर्थिक तंगी झेलने वाले मुकेश आज अपने अनोखे स्वाद की बदौलत हर दिन 2,000 रुपये कमा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के चंबल अंचल में स्थित शिवपुरी जिले से मेहनत, समर्पण और सरकारी मदद के सही उपयोग की एक बेहद शानदार कहानी सामने आई है। शिवपुरी के फिजिकल इलाके में 'राहुल पान' नाम की दुकान चलाने वाले मुकेश माहौर ने यह साबित कर दिया है कि अगर व्यक्ति के भीतर कुछ कर गुजरने की लगन हो, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी एक बड़ी और शानदार कामयाबी में बदल सकता है। कभी अपना घर चलाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए कड़ा संघर्ष करने वाले मुकेश आज हर दिन करीब 2,000 रुपये की पक्की कमाई कर रहे हैं। आज उनकी यह छोटी सी दुकान पूरे शहर में स्वाद का एक बड़ा केंद्र बन चुकी है, जहां हर कोई खिंचा चला आता है।

सागर के विशेष पत्तों से आता है अनोखा स्वाद

मुकेश माहौर की इस जबर्दस्त लोकप्रियता के पीछे उनके पान बनाने का खास तरीका और बेहतरीन सामग्री का चुनाव है। वह अपने ग्राहकों के लिए जो पान का पत्ता इस्तेमाल करते हैं, उसे विशेष रूप से सागर जिले से मंगाया जाता है। सागर के इन पत्तों की बनावट और स्वाद एकदम अलग होता है, जिसे स्थानीय लोग बेहद पसंद करते हैं। दुकान पर नियमित रूप से आने वाले ग्राहकों का कहना है कि जब मुकेश पूरी कारीगरी के साथ पान लगाकर काउंटर पर रखते हैं, तो उसकी सजावट और खुशबू देखकर ही किसी के भी मुंह में पानी आ जाता है। उनके इस अनूठे और कलात्मक अंदाज ने ही उन्हें पूरे इलाके में एक खास पहचान दिलाई है।

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सफर पर जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद

राहुल पान का यह अनोखा स्वाद केवल आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों तक ही सीमित नहीं रह गया है। इस रास्ते से गुजरने वाला शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो यहां रुककर पान खाने का मोह छोड़ सके। ग्राहकों की दीवानगी इस हद तक बढ़ चुकी है कि जब भी किसी को शिवपुरी से बाहर किसी लंबे सफर पर जाना होता है, तो वह शहर छोड़ने से पहले सबसे पहले मुकेश की दुकान पर पहुंचता है। लोग अपने सफर के लिए एक साथ कई पान पैक करवाकर अपने साथ ले जाते हैं, ताकि रास्ते भर उन्हें वही चिर-परिचित स्वाद मिलता रहे। ग्राहकों की इसी जुबानी तारीफ ने देखते ही देखते पूरी दुकान की चर्चा शहर के कोने-कोने में फैला दी।

आर्थिक तंगी से उबारने वाली एक अहम योजना

आज भले ही यह दुकान बहुत अच्छी चल रही हो और ग्राहकों की भीड़ लगी रहती हो, लेकिन मुकेश माहौर का शुरुआती सफर इतना आसान बिल्कुल नहीं था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने यह काम शुरू किया था, तब उनका यह कारोबार बहुत ही छोटे स्तर का था। उस समय उनकी दैनिक कमाई इतनी कम होती थी कि परिवार का भरण-पोषण करना और घर का बुनियादी खर्च निकालना भी बेहद मुश्किल हो जाता था। आर्थिक तंगी के उस दौर में उनके जीवन में असल बदलाव तब आया, जब उन्हें छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार करने वालों के लिए चलाई जा रही एक अहम सरकारी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी मिली।

उद्योग विभाग के चक्कर और ढाई लाख का लोन

अपने काम को बड़ा करने और जिंदगी को बदलने की चाहत में मुकेश ने हार नहीं मानी। उन्होंने स्थानीय उद्योग विभाग के कई चक्कर लगाए, अधिकारियों से बात की और लोन पाने की पूरी जरूरी प्रक्रिया को समझा। उनकी यह कड़ी मेहनत और भागदौड़ रंग लाई, जिसके बाद 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना' के अंतर्गत उनका करीब ढाई लाख रुपये का लोन सफलतापूर्वक मंजूर हो गया। यह बड़ी आर्थिक मदद उनके लिए एक नया जीवनदान साबित हुई। इस पैसे का सही इस्तेमाल करते हुए मुकेश ने अपनी दुकान में कच्चा माल बढ़ाया, दुकान की साज-सज्जा को पहले से काफी बेहतर किया और अपने छोटे से काम को एक नया और बड़ा विस्तार दिया।

पूरे शहर के लिए बनी मेहनत की मिसाल

सही समय पर मिली इस महत्वपूर्ण सरकारी मदद और अपनी दिन-रात की अटूट मेहनत के दम पर आज मुकेश माहौर हर रोज 2,000 रुपये बहुत ही आसानी से कमा रहे हैं। एक छोटे से कस्बे में रहकर और बहुत ही सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने जो बड़ा मुकाम हासिल किया है, वह वास्तव में काबिले तारीफ है। आज शिवपुरी के फिजिकल क्षेत्र में स्थित उनकी यह दुकान न सिर्फ पान के शौकीनों का सबसे पसंदीदा ठिकाना है, बल्कि यह उन तमाम युवाओं और व्यापारियों के लिए तरक्की की एक जीती-जागती मिसाल भी बन चुकी है, जो अपने छोटे व्यवसाय को बड़ा बनाने का सपना देखते हैं।

सवाल-जवाब

राहुल पान की दुकान कहाँ स्थित है?
यह मशहूर पान की दुकान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के फिजिकल इलाके में स्थित है।
राहुल पान की दुकान के मालिक कौन हैं?
इस लोकप्रिय पान की दुकान के मालिक का नाम मुकेश माहौर है।
मुकेश माहौर ने किस सरकारी योजना के तहत लोन लिया?
उन्होंने अपने व्यवसाय को बड़ा करने के लिए 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना' के तहत सफलतापूर्ण लोन प्राप्त किया।
मुकेश माहौर को अपनी दुकान के लिए कितना लोन मिला?
उन्हें उद्योग विभाग के माध्यम से लगभग ढाई लाख रुपये का लोन मिला था।
मुकेश माहौर की पान की दुकान की मुख्य खासियत क्या है?
उनकी दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह पान बनाने के लिए विशेष रूप से सागर से मंगाए गए पत्तों का इस्तेमाल करते हैं।
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