डेस्कटॉप कंप्यूटर और लैपटॉप पर इंटरनेट ब्राउज़ करने वाले यूज़र्स के लिए अपने सिस्टम की सुरक्षा की तुरंत समीक्षा करना आवश्यक हो गया है। गूगल ने अपने लोकप्रिय वेब ब्राउज़र के लिए क्रोम 156 अपडेट जारी किया है, जिसके तहत कुल 353 सुरक्षा खामियों को पूरी तरह दूर कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से तैयार किए गए इस नए पैकेज में 6 बेहद गंभीर खामियां भी शामिल हैं, जो यूज़र्स की डिजिटल सुरक्षा को जोखिम में डाल सकती थीं। यह नया सुरक्षा पैच विंडोज़, मैक और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले सभी यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया गया है।
कंपनी ने दुनिया भर के यूज़र्स के लिए इस अपडेट को चरणबद्ध तरीके से जारी करना शुरू कर दिया है। यह सुरक्षा पैच सभी कंप्यूटरों तक एक ही समय में नहीं पहुंचेगा, इसलिए यूज़र्स को अपने ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाकर इसे मैन्युअल रूप से जांचने की सलाह दी जाती है ताकि सुरक्षा का यह सुरक्षात्मक घेरा तुरंत सक्रिय हो सके।
क्रोम 156 में दूर की गईं महत्वपूर्ण तकनीकी खामियां
गूगल क्रोम के इस नए सुरक्षा अपग्रेड में कई मुख्य आंतरिक घटकों को सुरक्षित बनाया गया है। इसमें ग्राफिक्स इंजन, सीएसएस स्टाइलिंग, वेब पेज रेंडरिंग, वेबआरटीसी और एक्सेसिबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण फीचर्स में पहचानी गई सुरक्षा कमजोरियों को ठीक किया गया है।
पहचाने गए 6 सबसे गंभीर बग्स में से 5 मुख्य रूप से सिस्टम की मेमोरी हैंडलिंग से जुड़े हुए थे। ये खामियां स्किआ ग्राफिक्स इंजन, सीएसएस, पेंटिंग, वेबआरटीसी और एक्सेसिबिलिटी फंक्शन में मौजूद थीं। इसके अतिरिक्त, छठा गंभीर बग एक्सेसिबिलिटी मॉड्यूल में पाई गई यूज़-आफ्टर-फ्री खामी से संबंधित है। तकनीकी रूप से यूज़-आफ्टर-फ्री की स्थिति तब पैदा होती है जब कोई प्रोग्राम मेमोरी स्पेस खाली करने के बाद भी अनजाने में उसे दोबारा इस्तेमाल या एक्सेस करने का प्रयास करता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर हमलावर इस प्रकार की कमजोरियों का फायदा उठाकर ब्राउज़र को अनपेक्षित रूप से क्रैश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ परिस्थितियों में हमलावर रिमोट कोड एग्जीक्यूशन के जरिए पीड़ित के कंप्यूटर पर मनमाना दुर्भावनापूर्ण कोड चलाने में भी सक्षम हो सकते हैं। गूगल ने अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि इन खामियों का इस्तेमाल किसी वास्तविक साइबर हमले में किया गया है या नहीं। इसके साथ ही, तकनीकी विवरणों की पूरी जानकारी भी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है ताकि अधिकांश यूज़र्स पहले अपने ब्राउज़र को सुरक्षित वर्ज़न पर अपडेट कर लें।
कंप्यूटर पर गूगल क्रोम को अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया
अपने ब्राउज़र को सुरक्षित नए वर्ज़न पर ले जाने के लिए कुछ आसान चरणों का पालन किया जा सकता है
- सबसे पहले अपने कंप्यूटर पर गूगल क्रोम ब्राउज़र खोलें।
- स्क्रीन पर सबसे ऊपर दाईं तरफ मौजूद तीन बिंदुओं वाले वर्टिकल मेन्यू पर क्लिक करें।
- सामने आने वाले विकल्पों में से हेल्प सेक्शन में जाएं और अबाउट गूगल क्रोम के विकल्प का चयन करें।
- इस पेज पर पहुंचते ही ब्राउज़र उपलब्ध अपडेट की खुद जांच करेगा और नया वर्ज़न मिलते ही उसे बैकग्राउंड में डाउनलोड करना शुरू कर देगा।
- अपलोड और इंस्टॉलेशन पूरा हो जाने के बाद स्क्रीन पर दिखने वाले रीलांच बटन पर क्लिक करें, जिससे ब्राउज़र नए सुरक्षा पैच के साथ दोबारा शुरू हो जाएगा।
विंडोज़, मैक और लिनक्स के लिए आवश्यक वर्ज़न संख्या
जारी किए गए तकनीकी विवरण के अनुसार, विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम पर यूज़र्स को विशिष्ट वर्ज़न संख्या की पुष्टि करनी होगी। लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करने वाले यूज़र्स को यह देखना चाहिए कि उनका ब्राउज़र क्रोम वर्ज़न 156.0.8078.47 पर अपडेट हो चुका हो।
दूसरी ओर, विंडोज़ और मैक ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने वाले कंप्यूटरों पर ब्राउज़र का वर्ज़न 156.0.8078.47 या 156.0.8078.48 दिखाई दे सकता है। दोनों ही वर्ज़न इन सभी सुरक्षा पैचों से पूरी तरह सुरक्षित हैं। यदि आपके कंप्यूटर पर अभी यह वर्ज़न दिखाई नहीं दे रहा है, तो इसका अर्थ है कि रोलआउट आपके क्षेत्र या डिवाइस तक पहुंचने की प्रक्रिया में है। ऐसी स्थिति में थोड़े समय बाद पुनः जांच करें और जैसे ही यह अपडेट उपलब्ध हो, बिना किसी देरी के इसे तुरंत लागू करें।
























