HQ-9 फेल होने के बाद भारत की तैयारी, दुश्मन के रडार तबाह करने के लिए आ रहे हैं ये स्मार्ट ड्रोनतकनीक
3 घंटे पहले· 4

HQ-9 फेल होने के बाद भारत की तैयारी, दुश्मन के रडार तबाह करने के लिए आ रहे हैं ये स्मार्ट ड्रोन

TrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में हार्पी ड्रोन के प्रदर्शन के बाद भारत अब अपनी डिफेंस क्षमताओं को और मजबूत कर रहा है। देश अब स्वदेशी और विदेशी सहयोग से लोइटरिंग म्यूनिशन यानी आत्मघाती ड्रोन के बेड़े को तैयार कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर और ड्रोन की ताकत

ऑपरेशन सिंदूर की घटना ने दुनिया को दिखा दिया कि युद्ध के मैदान में छोटे ड्रोन कितने घातक हो सकते हैं। पाकिस्तान के लाहौर में सुरक्षा के लिए तैनात चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को एक छोटे हार्पी ड्रोन ने खिलौने की तरह ध्वस्त कर दिया था। इस घटना ने यह साबित किया कि महंगी और बड़ी मिसाइलों के मुकाबले सस्ते ड्रोन दुश्मन के जटिल सुरक्षा कवच को भेदने में ज्यादा कारगर हैं।

भारत का विदेशी कंपनियों के साथ समझौता

TrendKia की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब अपनी सैन्य शक्ति को नई तकनीक से लैस कर रहा है। भारतीय कंपनी SMPP ने यूरोप के प्रमुख डिफेंस ग्रुप KNDS के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है। इस साझेदारी के तहत भारत में कोलिव्री, लैरिने, वेलोस और रोड्योर जैसे आधुनिक लोइटरिंग म्यूनिशन बनाए जाएंगे। इन ड्रोन्स की सबसे बड़ी खूबी इनकी क्षमता है, क्योंकि ये हवा में 45 मिनट से लेकर 3 घंटे तक सक्रिय रह सकते हैं। ये ड्रोन किसी भी सैन्य ठिकाने, टैंक या रडार पर हमला करने के लिए सही मौके का इंतजार कर सकते हैं।

आत्मघाती ड्रोन क्यों हैं सबसे घातक

ये लोइटरिंग म्यूनिशन सामान्य मिसाइलों से अलग होते हैं। जहां मिसाइल लॉन्च होने के बाद अपने लक्ष्य पर सीधे प्रहार करती है, वहीं ये ड्रोन आसमान में निगरानी करते हैं। यदि लक्ष्य अपनी जगह बदलता है, तो ये ड्रोन उसका पीछा भी कर सकते हैं। दुश्मन का रडार या मिसाइल सिस्टम जैसे ही चालू होता है, ये ड्रोन तुरंत उस सक्रियता को भांपकर हमला कर देते हैं, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।

स्वदेशी 'अग्निवेग' की ताकत

भारत केवल विदेशी तकनीक पर ही निर्भर नहीं है। कंपनी SMPP ने स्वदेशी स्तर पर 'अग्निवेग' विकसित किया है, जिसके 106 सिस्टम भारतीय सेना को सौंपे जा चुके हैं। 'अग्निवेग' की ऑपरेशनल रेंज लगभग 180 किलोमीटर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बावजूद अपना काम जारी रख सकता है। जब दुश्मन जीपीएस या कम्युनिकेशन को बाधित करने की कोशिश करता है, तब भी 'अग्निवेग' अपने सटीक लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम रहता है। दुनिया भर में हो रहे संघर्षों को देखते हुए अब भारत भी बड़ी मिसाइलों के साथ इन स्मार्ट ड्रोन्स पर भारी निवेश कर रहा है।

सवाल-जवाब

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के किस सिस्टम को ड्रोन ने नष्ट किया था?
पाकिस्तान के लाहौर में तैनात चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को एक छोटे हार्पी ड्रोन ने नष्ट कर दिया था।
लोइटरिंग म्यूनिशन क्या होते हैं?
ये ऐसे हथियार हैं जो ड्रोन और मिसाइल दोनों की खूबियां रखते हैं, जो हवा में काफी समय तक रहकर सही लक्ष्य की प्रतीक्षा कर सकते हैं।
अग्निवेग की मुख्य विशेषता क्या है?
अग्निवेग की ऑपरेशनल रेंज लगभग 180 किलोमीटर है और यह भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बावजूद भी काम कर सकता है।
भारत ने किस यूरोपीय कंपनी के साथ समझौता किया है?
भारत की कंपनी SMPP ने यूरोप के डिफेंस ग्रुप KNDS के साथ लोइटरिंग म्यूनिशन बनाने का समझौता किया है।
ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार