काम के दौरान पीठ दर्द से चाहिए राहत? जानिए ब्रांच और हरमन मिलर सहित दुनिया की सबसे बेहतरीन ऑफिस कुर्सियों की पूरी समीक्षाईंधन भरवाते समय बरतें सावधानी, इन तरीकों से पेट्रोल पंप पर होने वाली ठगी से खुद को बचाएंहर की पौड़ी पर ब्रिटिश काल के मिष्ठान का जायका, तीर्थयात्रियों की पहली पसंद बना मलाई समोसामुंबई में खाली जेब और तीन दिन का फाका, शबाना आजमी ने बयां किया जावेद अख्तर का अनसुना सफरनीतू कपूर ने पैपराजी के बैक शॉट मांगने पर ली चुटकी, गाड़ी में बैठने से पहले पूछा तीखा सवालहरियाणा में ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टो के नाम पर करोड़ों की ठगी, रेहड़ी वाले से लग्जरी कारों के मालिक बने जालसाज समेत चार गिरफ्तारउत्तर प्रदेश के भदोही का नाम संत रविदास नगर भदोही करने का ऐलान, 1340 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगातबिना जहर और रसायनों के घर से चूहों और छछूंदरों को कैसे रखें दूरक्रिप्टो पर रिजर्व बैंक का रुख बेहद सावधान, केंद्रीय बैंक गवर्नर ने टेक्नोलॉजी इनोवेशन और मौद्रिक संप्रभुता पर रखी स्पष्ट रायमुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर: साबरमती नदी पर 12 मंजिला इमारत जितना ऊंचा पुल बनकर तैयार
क्विक कॉमर्स से महंगा इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना पड़ा भारी, अधिकृत डीलर न होने से निर्माता ने वारंटी देने से किया इनकारतकनीक
4 अक्तू॰ 2026, 4:44 pm (58 मिनट पहले)· 0

क्विक कॉमर्स से महंगा इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना पड़ा भारी, अधिकृत डीलर न होने से निर्माता ने वारंटी देने से किया इनकार

स्विगी इंस्टामार्ट से 70 हजार रुपये में खरीदे गए गेमिंग कंसोल पर कंपनी ने अनाधिकृत विक्रेता का हवाला देकर वारंटी रजिस्ट्रेशन रोक दिया, जिससे खरीदारों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है।

तेजी से सामान पहुंचाने वाले क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लोग अब सिर्फ राशन और रोजमर्रा की चीजें ही नहीं, बल्कि महंगे गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद भी मंगाने लगे हैं। मिनटों में सामान घर तक पहुंच जाना बेशक सुविधाजनक लगता है, लेकिन बिना सोचे-समझे की गई ऐसी खरीदारी कई बार ग्राहकों के लिए भारी सिरदर्द बन जाती है। हाल ही में सामने आई एक घटना यह साफ दिखाती है कि प्लेटफॉर्म कितना भी भरोसेमंद लगे, उस पर लिस्टेड विक्रेता यदि निर्माता का अधिकृत डीलर नहीं है तो उत्पाद की आधिकारिक गारंटी या वारंटी से हाथ धोना पड़ सकता है।

स्विगी इंस्टामार्ट से मंगाया 70 हजार रुपये का गेमिंग कंसोल

यह मामला स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए की गई एक बड़ी खरीदारी से जुड़ा है। एक खरीदार ने 27 सितंबर को इस क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोनी का पीएस5 गेम कंसोल ऑर्डर किया और इसके लिए 70 हजार रुपये का भुगतान किया। डिलीवरी के वक्त कंसोल पूरी तरह सील पैक डिब्बे में आया था और शुरुआती इस्तेमाल के दौरान वह बिल्कुल सामान्य तरीके से काम कर रहा था। खरीदार को लगा कि सब कुछ ठीक है, लेकिन कुछ समय बाद उस डिवाइस में तकनीकी खराबी आने लगी। इसके बाद जब ग्राहक ने आधिकारिक स्तर पर सहायता लेने की कोशिश की, तब असली संकट सामने आया।

ये भी पढ़ें

वारंटी रजिस्ट्रेशन के दौरान सामने आया अनाधिकृत विक्रेता का सच

तकनीकी दिक्कत आने के बाद खरीदार ने उस गेमिंग डिवाइस को कंपनी के सिस्टम पर रजिस्टर करने की प्रक्रिया शुरू की। निर्माता कंपनी के सपोर्ट सिस्टम ने नियमों के मुताबिक उत्पाद का सीरियल नंबर, इनवॉयस यानी बिल, विक्रेता का नाम और वारंटी कार्ड की तस्वीरें अपलोड करने को कहा। जब ये सारे दस्तावेज जमा किए गए, तो कंपनी की तरफ से हैरान करने वाला जवाब मिला। सोनी इंडिया ने इनवॉयस की पड़ताल करने के बाद खरीदार को सूचित किया कि जिस विक्रेता ने यह उत्पाद भेजा है, वह उनका ऑथराइज्ड डीलर नहीं है।

पीवाईडी रिटेल के इनवॉयस पर कंपनी ने क्यों खड़े किए हाथ

जांच में पता चला कि स्विगी इंस्टामार्ट पर जिस मर्चेंट ने इस डिवाइस को बेचा था, उसका नाम बिल पर पीवाईडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (अवंतिका) दर्ज था। सोनी इंडिया ने दो टूक कहा कि यह फर्म उनकी आधिकारिक डीलर सूची में शामिल नहीं है। अधिकृत विक्रेता का बिल न होने के कारण कंपनी के सिस्टम पर उस कंसोल का रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं किया जा सकता और न ही उसे बदला या वारंटी के तहत कवर किया जा सकता है। खरीदार ने अपना यह कड़वा अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर साझा करके लोगों को आगाह किया है कि महंगे सामान का बिल बनवाते समय अधिकृत डीलर की पुष्टि जरूर करें।

सवाल-जवाब

स्विगी इंस्टामार्ट पर खरीदार ने किस तारीख को और कितना भुगतान करके गेमिंग कंसोल खरीदा था?
ग्राहक ने 27 सितंबर को स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए 70 हजार रुपये का भुगतान करके सोनी पीएस5 गेमिंग कंसोल खरीदा था।
सोनी इंडिया ने गेमिंग कंसोल का वारंटी रजिस्ट्रेशन क्यों खारिज किया?
सोनी इंडिया ने बताया कि इनवॉयस पर दर्ज विक्रेता पीवाईडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (अवंतिका) उनका अधिकृत डीलर नहीं है, इसलिए कंसोल रजिस्टर नहीं हो सकता।
डिवाइस की डिलीवरी के समय उसकी स्थिति कैसी थी?
डिलीवरी के समय कंसोल पूरी तरह सील पैक डिब्बे में आया था और शुरुआत में ठीक से काम कर रहा था, लेकिन बाद में उसमें खराबी आ गई।
वारंटी सत्यापन के लिए सपोर्ट सिस्टम ने खरीदार से क्या दस्तावेज मांगे थे?
सपोर्ट सिस्टम ने विक्रेता का नाम, इनवॉयस बिल, सीरियल नंबर और वारंटी कार्ड की तस्वीरें अपलोड करने के लिए कहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp