आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया तेजी से सवालों के जवाब देने वाले चैटबॉट्स से आगे निकलकर खुद काम निपटाने वाले स्वायत्त एजेंट्स की तरफ बढ़ रही है। ऐपल के बहुचर्चित सिरी और ऐपल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे इंजीनियर निखिल गुप्ता ने एक नया एआई एजेंट तैयार किया है, जिसका नाम एसजेडएन रखा गया है। यह सर्विस अक्टूबर में पेश की जा सकती है और इसका मुख्य इंटरफेस आईमैसेज होगा, जिससे यूजर साधारण बातचीत के जरिए अपने जटिल दैनिक कार्य करवा सकेंगे।
आईमैसेज के जरिए काम निपटाने की अनूठी क्षमता
पारंपरिक एआई चैटबॉट्स केवल यूजर के प्रश्नों का उत्तर देते हैं या सुझाव पेश करते हैं, लेकिन एसजेडएन को एक सक्रिय डिजिटल प्रतिनिधि के रूप में विकसित किया गया है। यूजर को बस आईमैसेज में संदेश भेजना होगा, जिसके बाद यह सिस्टम इंटरनेट पर वेबसाइट्स ब्राउज करने, जरूरी उत्पाद खोजने और ऑनलाइन खरीदारी करने जैसे चरण अपने स्तर पर पूरे करेगा। यदि किसी ऑर्डर या सेवा के लिए वेंडर्स से सीधे संवाद की आवश्यकता होगी, तो यह एजेंट उनसे भी संपर्क साधकर प्रक्रिया को मुकाम तक पहुंचाएगा। इसके चलते लोगों को बार-बार अलग-अलग मर्चेंट साइट्स और ऐप्स पर जाकर समय खपाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खुद का ईमेल और फोन नंबर, निजी सहायक की तरह संवाद
इस वर्चुअल असिस्टेंट की सबसे दिलचस्प खासियत यह है कि एसजेडएन को अपना स्वतंत्र नाम, संपर्क फोन नंबर और ईमेल एड्रेस दिया जाएगा। इस पहचान की बदौलत यह एआई एजेंट यूजर की ओर से तीसरे पक्ष को संदेश भेजने, आने वाली ईमेल और कॉल्स का रिप्लाई करने तथा बातचीत आगे बढ़ाने में सक्षम होगा। आईमैसेज के भीतर रहकर यह किसी इंसान जैसे पर्सनल सेक्रेटरी की भूमिका निभाएगा, जिससे यूजर के संचार और शेड्यूलिंग के झंझट काफी हद तक खत्म हो जाएंगे।
ऐपल इकोसिस्टम के टूल्स के साथ तालमेल
आने वाले समय में एसजेडएन के लिए एक अलग स्टैंडअलोन ऐप भी पेश करने की तैयारी है। सिस्टम की बनावट ऐसी रखी गई है कि प्रत्येक उपभोक्ता को एक पूरी तरह अलग और समर्पित एआई मॉडल आवंटित किया जाएगा। इस आर्किटेक्चर के साथ डेटा सुरक्षा का ध्यान रखते हुए निखिल गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्राहक के व्यक्तिगत डेटा को एआई मॉडल की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा एसजेडएन को ऐपल के लोकप्रिय इनबिल्ट फीचर्स के साथ भी गहराई से जोड़ा जा रहा है। यह शेयर्ड ऐपल नोट्स में जानकारियां अपडेट कर सकता है, फाइंड माई सर्विस के माध्यम से लोकेशन तक पहुंच बना सकता है और आईक्लाउड में रखी फाइलों के साथ भी समन्वय कर सकता है। सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि यूजर को इन तमाम गतिविधियों को देखने या नियंत्रित करने के लिए अपनी आईमैसेज चैट स्क्रीन से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन और संभावित चुनौतियां
मैसेजिंग को प्राथमिक वर्कस्पेस बनाकर काम कराने का एसजेडएन का मॉडल बाजार के अन्य समाधानों से काफी अलग है। हालांकि, इस नए प्लेटफॉर्म के मार्ग में कुछ तकनीकी और नीतिगत बाधाएं भी सामने आ सकती हैं। ऐपल का इतिहास रहा है कि उसने अपने आईमैसेज प्रोटोकॉल और प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने वाले बाहरी व अनधिकृत थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन्स पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ऐसे में उद्योग की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि ऐपल इस नए एआई एजेंट द्वारा आईमैसेज को मुख्य यूजर इंटरफेस के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर क्या रुख अपनाता है।



















