भारतीय सिनेमा के जाने-माने पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर 4 अक्टूबर को 81 वर्ष के हो गए। इस अवसर पर उनकी जीवनसंगिनी और मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी ने उनके शुरुआती संघर्षों से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया। उन्होंने उस दौर की कड़वी सच्चाइयों का ब्योरा दिया जब जावेद अख्तर के पास मुंबई में सिर छिपाने के लिए छत तक मयस्सर नहीं थी और वे कई दिनों तक दाने-दाने को तरसते रहे थे।
फुटपाथ से शुरू हुआ मुंबई का सफर
शबाना आजमी ने एक पुरानी अप्रकाशित तस्वीर के साथ अपने विचार साझा करते हुए बताया कि 4 अक्टूबर 1964 की तारीख को 19 साल का एक नौजवान मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर उतरा था। उस समय उनकी जेब में कुल जमा 27 पैसे बचे थे, लेकिन इरादे बेहद मजबूत थे। शुरुआती दिनों में किसी तरह का सहारा न होने के कारण जावेद अख्तर को रेलवे स्टेशनों के चबूतरों, फुटपाथों और फिल्म स्टूडियो के खुले परिसरों में सोकर रातें काटनी पड़ी थीं। हालात इतने तंग थे कि उनके पास तन पर मौजूद कपड़ों के अलावा बदलने के लिए कोई दूसरा जोड़ा भी नहीं था।
तीन दिन की भूख और अटूट हौसला
संघर्ष के इसी कठिन दौर में एक ऐसा वक्त भी आया जब उन्हें लगातार तीन दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए भूखे पेट ही सोना पड़ा। जब चारों तरफ से परेशानियां घेर रही थीं और उम्मीदें टूटती नजर आ रही थीं, तब जावेद अख्तर ने खुद को अंदर से टूटने नहीं दिया। उन्होंने खुद से कहा था, ‘मैं यूं ही मरने के लिए पैदा नहीं हुआ था, ये दिन बदलेंगे।’ 4 अक्टूबर 1964 को जब वे एक अनजान शहर में आए थे, तब उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था। वहीं 4 अक्टूबर 2026 तक आते-आते उसी इंसान ने अपनी लेखनी से हिंदी सिनेमा को कई कालजयी संवाद और यादगार गीत सौंपे। शबाना ने इस बात पर जोर दिया कि कई कामयाब यात्राएं पूरी तरह शून्य से शुरू होती हैं, इसलिए किसी को भी विपरीत परिस्थितियों में उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
पारिवारिक जीवन और रिश्ते
सिनेमाई उपलब्धियों के साथ-साथ जावेद अख्तर का निजी जीवन भी लंबे समय तक चर्चा के केंद्र में रहा है। शबाना आजमी से पहले उन्होंने वर्ष 1972 में जानी-मानी पटकथा लेखिका हनी ईरानी से निकाह किया था। इस शादी से उनके दो बच्चे जोया अख्तर और फरहान अख्तर हैं। हालांकि यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल सका और दोनों 1978 में एक-दूसरे से अलग रहने लगे। वर्ष 1985 में कानूनी तौर पर उनका तलाक मंजूर हुआ, जबकि इससे पहले ही वर्ष 1984 में जावेद अख्तर ने शबाना आजमी के साथ दूसरा विवाह कर लिया था।
आपसी समझ और परिपक्वता
जावेद अख्तर और शबाना आजमी का संबंध उस समय परवान चढ़ा था जब वे पहले से शादीशुदा थे, जिसे लेकर उस दौर में कई तरह के विवाद और चर्चाएं भी हुईं। इसके बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को संभाला और पिछले चार दशकों से अधिक समय से एक-दूसरे का मजबूती से साथ निभा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में शबाना आजमी ने हनी ईरानी की परिपक्व सोच की भी सराहना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और हनी के बीच कभी कोई कड़वाहट या मनमुटाव नहीं रहा। शबाना इसका श्रेय हनी को देती हैं कि उन्होंने बच्चों यानी फरहान और जोया को कभी उनसे दूर नहीं रखा, जिससे उनके बीच एक सहज और स्नेहपूर्ण संबंध कायम हो सका।
















