व्यावहारिक क्वांटम कंप्यूटर बनाने की वैश्विक होड़ ने दिग्गज टेक कंपनियों और वैज्ञानिक समुदाय के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवाद के केंद्र में माइक्रोसॉफ्ट है, जहां क्वांटम प्रभाग के कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष ज़ुल्फ़ी आलम ने कंपनी के हालिया शोध दावों पर स्वतंत्र भौतिक वैज्ञानिकों द्वारा उठाए गए सवालों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रयोगों का कच्चा डेटा पियर रिव्यू के लिए साझा करने के बजाय माइक्रोसॉफ्ट इस दशक के अंत तक एक चालू व्यावसायिक मशीन तैयार करने के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक बाइनरी प्रणालियों की तुलना में पूरी तरह से अलग सिद्धांत पर काम करती है। जहां साधारण कंप्यूटर शून्य और एक के रूप में डेटा प्रोसेस करते हैं, वहीं क्वांटम सिस्टम उप-परमाणु भौतिकी का उपयोग करके क्युबिट्स बनाते हैं, जो एक ही समय में कई स्थितियों में मौजूद रह सकते हैं। यह तकनीक जटिल गणनाओं को कुछ ही सेकंड में पूरा करने की क्षमता रखती है, जिन्हें करने में पारंपरिक सुपरकंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। दवा निर्माण, रक्षा अनुसंधान और जटिल वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने के लिए टेक कंपनियां न्यूट्रल एटम्स, चार्ज्ड आयन्स और प्रकाश कणों जैसे अलग-अलग तरीकों से क्युबिट्स बनाने का प्रयास कर रही हैं।
मेजोराना कणों की खोज और विवाद
माइक्रोसॉफ्ट ने मेजोराना क्वासीपार्टिकल्स का उपयोग करके क्वांटम कंप्यूटर बनाने का एक अलग रास्ता चुना है। लगभग 90 साल पहले परिकल्पित इन सूक्ष्म भौतिक संस्थाओं को प्रयोगशाला में देखना और नियंत्रित करना बेहद कठिन माना जाता है। पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया था कि उसकी इंजीनियरिंग टीम ने इलेक्ट्रॉन को मेजोराना क्वासीपार्टिकल्स में विभाजित करने में सफलता हासिल की है, जिससे एक नए क्वांटम आर्किटेक्चर की नींव रखी गई।
हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय ने इस दावे पर गहरा संदेह व्यक्त किया। बाहरी शोधकर्ताओं का कहना था कि माइक्रोसॉफ्ट द्वारा प्रकाशित शोध पत्रों में अनिर्णीत डेटा था और अन्य भौतिक घटनाओं के कारण भी वही सिग्नल मिल सकते थे जिनका हवाला कंपनी ने दिया था। इस संदेह की एक बड़ी वजह पुरानी घटनाएं भी हैं। साल 2021 में माइक्रोसॉफ्ट को नेचर पत्रिका से अपना एक प्रमुख शोध पत्र वापस लेना पड़ा था, क्योंकि स्वतंत्र वैज्ञानिकों ने डेटा विश्लेषण में गंभीर त्रुटियां उजागर की थीं।
डेटा गोपनीयता और पियर रिव्यू पर मतभेद
जून में माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की कि उसने अपने वैज्ञानिक खोज AI एजेंट की मदद से एक नया क्युबिट तैयार किया है जो पुराने मॉडल की तुलना में 1,000 गुना अधिक विश्वसनीय है। इतने बड़े दावे के बावजूद शोधकर्ता लगातार सवाल उठा रहे हैं क्योंकि कंपनी प्रयोगों का कच्चा डेटा सार्वजनिक करने से इनकार कर रही है।
इस आलोचना का जवाब देते हुए ज़ुल्फ़ी आलम ने कहा कि व्यावसायिक गोपनीयता और प्रतिस्पर्धी कारणों से विस्तृत डेटा साझा नहीं किया जा सकता। उन्होंने पारंपरिक पियर रिव्यू प्रक्रिया को धीमा बताते हुए कहा कि जून में नेचर पत्रिका में छपा शोध पत्र दो साल पहले किए गए काम पर आधारित था। इस तेज़ी से बदलती दुनिया में दो साल पुरानी समीक्षा प्रक्रिया का कोई औचित्य नहीं रह गया है और इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी के कारण इस प्रक्रिया को तेज़ करना संभव नहीं है।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया और 2029 का लक्ष्य
ज़ुल्फ़ी आलम के इस रुख पर उद्योग जगत के अन्य विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नैस्डैक में सूचीबद्ध क्वांटम कंप्यूटर निर्माता डी-वेव क्वांटम के मुख्य विकास अधिकारी ट्रेवर लैंटिंग ने कहा कि पियर रिव्यू वैज्ञानिक प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई कंपनी यह कहती है कि उसके पास समीक्षा के लिए समय नहीं है, तो इसका सीधा अर्थ यह होता है कि उसके परिणाम स्वतंत्र जांच का सामना करने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं।
वैज्ञानिक समुदाय के संदेह के बावजूद ज़ुल्फ़ी आलम ने कागज पर डायग्राम बनाकर अपनी तकनीकी रणनीति को स्पष्ट किया और कहा कि उन्हें बाहरी अकादमिक जगत के सामने खुद को साबित करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य वर्ष 2029 तक एक व्यावहारिक और उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर तैयार करना है। आलम के अनुसार, वैज्ञानिकों की आलोचना उनकी टीम को और अधिक तेज़ी से काम करने के लिए प्रेरित करती है ताकि एक कार्यशील मशीन बनाकर ही सभी सवालों का अंतिम जवाब दिया जा सके।



















