जर्मनी में चल रहे एक बड़े टेक इवेंट IFA 2026 में लिंगवर्स नाम की कंपनी ने एक अनोखा AI गैजेट दिखाया है, जो कभी डेस्क पर बैठा रोबोट होता है तो कभी गले में पहना जाने वाला पेंडेंट बन जाता है. इस डिवाइस को नाम दिया गया है आईकायरोस, और इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह यूजर की रोजाना की एक्टिविटी, पसंद-नापसंद और अनुभवों को पढ़कर उसी हिसाब से आगे के सुझाव दे सके.
एक ही गोल कोर, दो अलग-अलग रूप
आईकायरोस के केंद्र में एक गोल आकार की चिप जैसी यूनिट है जिसे कंपनी AI कोर कहती है. यही AI कोर डिवाइस का असली दिमाग है और इसे जरूरत के मुताबिक अलग-अलग हार्डवेयर बॉडी में फिट किया जा सकता है. IFA 2026 के स्टेज पर इसे एक छोटे डेस्कटॉप रोबोट के भीतर लगाकर दिखाया गया, जो डेस्क पर बैठकर आसपास की चीजों पर नजर रख सकता है. वहीं जब यूजर घर से बाहर निकलता है, तो यही कोर निकालकर गले में पेंडेंट की तरह पहना जा सकता है, जिससे डिवाइस डेस्क तक सीमित न रहकर दिनभर यूजर के साथ बना रहता है. इस तरह सुबह से रात तक अलग-अलग मौकों की जानकारी लगातार जुटती रहती है, चाहे यूजर घर पर हो या बाहर.
लाइफओएस पढ़ेगा आपकी आदतें और पसंद
इस पूरे सिस्टम को चलाने का काम करता है लाइफओएस नाम का सॉफ्टवेयर, जो अलग-अलग समय और मौकों पर जमा हुई जानकारी को आपस में जोड़कर यूजर की आदतों, रिश्तों, पसंद और अनुभवों की एक तस्वीर बनाने की कोशिश करता है. कंपनी ने इसे समझाने के लिए एक उदाहरण दिया: अगर कोई यूजर बार-बार सेलिंग की बात करता रहे लेकिन असल में इसे कभी सीखने न जाए, तो सिस्टम कुछ समय बाद खुद उसके लिए शुरुआती सेलिंग लेसन का सुझाव भेज सकता है. इसी तरह अगर किसी दिन यूजर को कोई आर्टवर्क या कोई और चीज पसंद आ जाए, तो आईकायरोस उस पल की विजुअल जानकारी अपने पास रख लेता है और बाद में मौका आने पर यूजर को उसकी याद भी दिला सकता है.
आगे चलकर होम रोबोट्स में भी लग सकता है यही कोर
लिंगवर्स के मुताबिक, यह AI कोर सिर्फ रोबोट या पेंडेंट तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले समय में इसे दूसरे कंपैटिबल हार्डवेयर में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे घर में इस्तेमाल होने वाले होम रोबोट्स. मतलब यह कि सालों में जो जानकारी एक डिवाइस के जरिए जमा हुई है, उसे नए डिवाइस में ट्रांसफर करके वह भी यूजर की आदतों और पसंद को तुरंत समझ सकेगा, बजाय इसके कि हर नए गैजेट के साथ प्रोफाइल फिर से शुरुआत से बनानी पड़े.
शटर, म्यूट बटन और डेटा पर यूजर का कंट्रोल
इतनी बारीकी से जानकारी जुटाने वाले डिवाइस में प्राइवेसी को लेकर भी कुछ फीचर दिए गए हैं. आईकायरोस में एक फिजिकल कैमरा शटर, एक प्राइवेसी इंडिकेटर लाइट और एक मैनुअल म्यूट बटन मौजूद है, जिससे यूजर जरूरत पड़ने पर कैमरा और माइक दोनों को सीधे बंद कर सकता है. वॉइस डिटेक्शन और कैप्चर का पूरा काम डिवाइस के अंदर ही होता है, यानी यह प्रोसेसिंग बाहर किसी सर्वर पर नहीं जाती. साथ ही यूजर खुद तय कर सकता है कि उसका डेटा क्लाउड प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाए या नहीं.
लिंगवर्स का कहना है कि डेटा को ट्रांसफर और स्टोरेज, दोनों के दौरान एन्क्रिप्ट किया जाता है और इसे कंपनी अपने AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं करेगी. यूजर यह भी तय कर सकता है कि उसका रॉ डेटा कितने दिन तक सेव रहे, और चाहे तो किसी खास रिकॉर्ड को या पूरे अकाउंट का डेटा एक साथ डिलीट भी कर सकता है.
कीमत और लॉन्च की तारीख अभी तय नहीं
फिलहाल आईकायरोस को सिर्फ IFA 2026 में झलक के तौर पर दिखाया जा रहा है. लिंगवर्स ने अभी यह साफ नहीं किया है कि यह डिवाइस बाजार में कब आएगा और इसकी कीमत क्या रखी जाएगी.


















