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बप्पा के प्रसाद थाली में इस बार शामिल करें मीठी चना दाल भरी पूरन पोलीखानपान
6 सित॰ 2026, 4:26 pm (28 मिनट पहले)· 3

बप्पा के प्रसाद थाली में इस बार शामिल करें मीठी चना दाल भरी पूरन पोली

गणेश चतुर्थी पर घर पर आसानी से बनने वाली महाराष्ट्रीयन पूरन पोली की पूरी विधि, चना दाल, गुड़ और इलायची से तैयार यह भरवां मीठी रोटी बप्पा के भोग के लिए एकदम सही है.

गणपति बप्पा के आगमन की तैयारियां जब घर-घर में शुरू होने लगती हैं, तब रसोई में भी त्योहार जैसा माहौल बन जाता है और मीठे प्रसाद की सूची में सबसे ऊपर नाम आता है महाराष्ट्र की मशहूर पूरन पोली का। चने की दाल, गुड़ और इलायची से तैयार यह भरवां मीठी रोटी जब गरम घी के साथ परोसी जाती है तो घर के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को भाती है। इसे बनाना उतना कठिन नहीं जितना पहली बार में लग सकता है, बस पूरन यानी स्टफिंग का गाढ़ापन और आटे की नरमाई सही रखनी होती है, बाकी प्रक्रिया काफी सीधी है।

कितनी और कौन सी सामग्री चाहिए

इस मिठाई के लिए एक कप चना दाल, एक कप गुड़, आधा गिलास इलायची पाउडर, एक चुटकी जायफल पाउडर और एक चम्मच घी की जरूरत पड़ती है। आटे के लिए दो कप मैदा और दो कप गेहूं का आटा लिया जाता है, साथ ही थोड़ा घी या तेल, एक चुटकी नमक और जरूरत के हिसाब से पानी चाहिए होता है। पोली को तवे पर सेंकते वक्त लगाने के लिए घी अलग से निकालकर रख लेना बेहतर रहता है, ताकि सेंकते समय बार-बार डिब्बा खोलना न पड़े।

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पूरन यानी मीठी स्टफिंग कैसे तैयार करें

सबसे पहले चना दाल को अच्छी तरह पानी से धो लें और करीब आधे घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद दाल को कुकर में पानी डालकर उबाल लें। दाल जब पूरी तरह गल जाए तो उसका अतिरिक्त पानी छानकर अलग निकाल लें, इसे फेंकने की बजाय किसी अन्य सब्जी या डिश में इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे पोषण भी बर्बाद नहीं होता। पकी हुई दाल में गुड़ मिलाकर इसे तब तक पकाया जाता है जब तक दोनों अच्छी तरह घुलकर एक गाढ़ा मिश्रण न बन जाएं। इसके बाद इसमें इलायची पाउडर और जायफल पाउडर मिलाया जाता है, जो स्टफिंग को खास खुशबू और स्वाद देते हैं। मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे अच्छी तरह मैश या पीस लें, जिससे स्टफिंग एकदम मुलायम, एकसार और स्वादिष्ट बने।

नरम आटा गूंथने का तरीका

एक बड़े बर्तन में मैदा, आटा, नमक और घी या तेल डालकर मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए इसे नरम आटे में गूंथ लें। आटा गूंथने के बाद इसे करीब 15 से 20 मिनट के लिए ऐसे ही ढककर रहने दें। इस आराम के दौरान आटा और मुलायम हो जाता है, जिससे पोली बेलना काफी आसान हो जाता है और वह बीच में से फटती भी नहीं।

पोली भरने और सेंकने की विधि

अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्का बेल लें। हर लोई के बीच में तैयार पूरन भरें और किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें ताकि भरावन बाहर न निकले। इसके बाद इसे बहुत हल्के हाथों से गोल आकार में बेलें, ध्यान रहे कि ज्यादा दबाव न पड़े वरना अंदर की स्टफिंग बाहर आ सकती है। तैयार पोली को गर्म तवे पर दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें और आखिर में थोड़ा घी लगाकर इसे कुरकुरा और खुशबूदार बना लें।

बप्पा को भोग लगाकर प्रसाद बांटें

गणेश चतुर्थी के मौके पर इसी पूरन पोली को बप्पा को भोग के तौर पर अर्पित किया जा सकता है और बाद में इसे घर-परिवार व मेहमानों में प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है। एक बात का खास ख्याल रखें, स्टफिंग को बहुत बारीक या बहुत गीला न रखें और पोली को हमेशा मध्यम आंच पर ही सेंकें। ऐसा करने से पोली बीच से फटती नहीं है और उसका स्वाद भी बेहतर बना रहता है, जिससे प्रसाद पूरी तरह स्वादिष्ट और सम्मानजनक बनता है।

सवाल-जवाब

पूरन पोली बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या-क्या चाहिए?
चना दाल, गुड़, इलायची पाउडर, जायफल पाउडर, घी, मैदा और आटा जैसी सामग्री चाहिए होती है।
चना दाल को पकाने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए?
दाल को धोकर करीब 30 मिनट के लिए भिगोया जाता है, फिर कुकर में पानी डालकर पकाया जाता है।
आटा गूंथने के बाद उसे कितनी देर रखना चाहिए?
आटा गूंथने के बाद इसे 15 से 20 मिनट के लिए रहने दिया जाता है ताकि पोली बेलना आसान हो जाए।
पूरन पोली को फटने से कैसे बचाया जा सकता है?
स्टफिंग को बहुत बारीक न रखें और पोली को हमेशा मध्यम आंच पर ही सेंकें, इससे वह फटती नहीं है।
दाल पकाने के बाद बचे पानी का क्या किया जा सकता है?
इस अतिरिक्त पानी को फेंकने की बजाय किसी अन्य सब्जी या डिश में इस्तेमाल किया जा सकता है।
पूरन पोली को किसके साथ परोसा जाता है और इसका इस्तेमाल कैसे होता है?
इसे गर्म घी के साथ परोसा जाता है और गणेश चतुर्थी पर बप्पा को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है।
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