इंग्लैंड में चल रही काउंटी क्रिकेट में भारतीय स्पिनर आर साई किशोर की गेंदबाजी ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद कम ही थी। ग्लॉस्टरशायर के लिए खेल रहे साई किशोर ने डर्बीशायर के खिलाफ मुकाबले में गेंद से ऐसा जादू दिखाया कि उनकी टीम ने यह मैच 213 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। डर्बीशायर को जीत के लिए 319 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन साई किशोर की फिरकी के सामने पूरी टीम सिर्फ 105 रन पर सिमट गई।
दूसरी पारी में साई किशोर ने बिखेरा फिरकी का जादू
डर्बीशायर की दूसरी पारी में साई किशोर ने सिर्फ 20 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। खास बात यह रही कि इस पारी में गिरे सभी 10 विकेट स्पिन गेंदबाजों के हाथ लगे, यानी डर्बीशायर के किसी भी बल्लेबाज को तेज गेंदबाजों ने आउट नहीं किया। इससे पहले पहली पारी में भी साई किशोर ने 23 ओवर की गेंदबाजी में 2 विकेट लिए थे। इस तरह पूरे मैच में उनके नाम 7 विकेट दर्ज हुए, जिसने ग्लॉस्टरशायर की जीत की नींव रखी।
जेम्स ब्रेसी ने रच दिया इतिहास
इस मुकाबले में ग्लॉस्टरशायर के विकेटकीपर बल्लेबाज जेम्स ब्रेसी ने भी अपनी खास छाप छोड़ी। उन्होंने पहली पारी में 113 रन और दूसरी पारी में नाबाद 104 रन बनाकर दोनों पारियों में शतक जमाया। इस प्रदर्शन के साथ जेम्स ब्रेसी साल 1919 में हैरी स्मिथ के बाद एक ही मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले ग्लॉस्टरशायर के पहले विकेटकीपर बन गए। यह रिकॉर्ड करीब सौ साल बाद टूटा, जो अपने आप में इस मैच की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया।
पहली पारी में उतार-चढ़ाव भरा रहा खेल
टॉस जीतकर ग्लॉस्टरशायर ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने जेम्स ब्रेसी के 113 रन, विलियम्स के 42 रन और साई किशोर के 20 रनों की मदद से पहली पारी में 237 रन बनाए। डर्बीशायर की तरफ से ब्रेट रैंडेल ने 5 विकेट लेकर सबसे प्रभावी गेंदबाजी की, जबकि बेन एचिसन और शोएब बशीर ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। जवाब में डर्बीशायर ने भी संघर्ष दिखाया और पहली पारी में 278 रन बनाए। ओपनर मोहम्मद नईम ने 119 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से 71 रन की उपयोगी पारी खेली। ग्लॉस्टरशायर की ओर से ऑलिवर प्राइस ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके, जबकि साई किशोर को 23 ओवर की गेंदबाजी में 2 विकेट मिले। इस तरह डर्बीशायर को पहली पारी में 41 रन की मामूली बढ़त हासिल हुई।
शुरुआती झटकों के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाजों का जलवा
ग्लॉस्टरशायर की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने सिर्फ 37 रन पर अपने 5 विकेट खो दिए थे। लेकिन इसके बाद माइल्स हैमंड और जेम्स ब्रेसी ने पारी को संभाला और टीम को संकट से बाहर निकाला। माइल्स हैमंड ने 118 रन और जेम्स ब्रेसी ने नाबाद 104 रन बनाए, जबकि जो फिलिप्स ने भी 64 रन की उपयोगी पारी खेली। इन्हीं बल्लेबाजों की मेहनत से ग्लॉस्टरशायर ने 5 विकेट पर 359 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी और डर्बीशायर के सामने 319 रन का मुश्किल लक्ष्य रख दिया।
105 रन पर सिमटी डर्बीशायर, मिली बड़ी हार
इतने बड़े लक्ष्य के सामने डर्बीशायर की टीम एक बार फिर बिखर गई। साई किशोर की फिरकी के आगे बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम सिर्फ 105 रन पर आउट हो गई। साई किशोर ने 20 रन देकर 5 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया। नतीजा यह रहा कि ग्लॉस्टरशायर ने यह मुकाबला 213 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया, जो इस काउंटी सत्र के सबसे बड़े जीत के अंतर में से एक है।



















