चीन की राजधानी बीजिंग में हाल ही में संपन्न हुए वर्ल्ड रोबोट गेम्स ने तकनीकी दुनिया का भरपूर ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस अनूठे आयोजन में मशीनों ने ट्रैक पर दौड़ने से लेकर फुटबॉल के मैदान में किक लगाने और बॉक्सिंग रिंग में हाथ आजमाने तक के अपने कौशल का खुलकर प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के दौरान कुछ मॉडलों के शानदार प्रदर्शन ने लोगों को हैरान कर दिया, तो कुछ मशीनों की लड़खड़ाहट ने दर्शकों का खूब मनोरंजन भी किया।
इन आयोजनों के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाला लम्हा वह था जब एक रोबोट ने 100 मीटर की स्पर्धा में महान धावक उसैन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा पेश किया। इसके अगले ही दिन यानी रविवार को इसी सीरीज के एक अन्य रोबोट ने 400 मीटर की दौड़ में भी अपनी रफ्तार का लोहा मनवाया। इस मशीन ने 400 मीटर की दूरी को 38.16 सेकंड में तय किया, जिसे बाद में संशोधित करके 38.15 सेकंड दर्ज किया गया। इस तरह इस रोबोट ने पिछले रिकॉर्ड को लगभग पांच सेकंड के फासले से पीछे छोड़ दिया।
ट्रैक पर इस मशीन का दौड़ने का तरीका काफी दिलचस्प और अनोखा था। रफ्तार भरते समय यह अपने हाथों को बहुत तेजी से आगे-पीछे करता था और अपने पूरे शरीर को काफी आगे की तरफ झुका लेता था। कई बार तो ऐसा लगा कि अब यह मशीन जमीन पर गिर जाएगी, लेकिन तमाम लड़खड़ाहटों और संतुलन खोने के डर के बावजूद यह किसी तरह खुद को संभालते हुए फिनिश लाइन तक पहुंचने में कामयाब रही।
हालांकि सभी मशीनों का प्रदर्शन इतना बेहतरीन नहीं रहा और कई रोबोट अपनी शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे। कुछ रोबोट तो शुरुआती सीटी बजने के बाद अपनी जगह से हिल भी नहीं पाए, जबकि कुछ ने दौड़ने के बजाय सामान्य तेज चाल से चलना ही बेहतर समझा। वहीं कई रोबोट ऐसे भी रहे जो जरा सा संकेत मिलते ही सीधे जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़े। दर्शकों, विशेषकर बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए यह नजारा बेहद हास्यप्रद और मनोरंजक बन गया था, जब एक छोटे बच्चे के आकार का रोबोट फुटबॉल को जोर से किक मारने के चक्कर में गेंद को मैदान की घुटने तक ऊंची बैरिकेड के पार पहुंचा बैठा।
बॉक्सिंग रिंग के भीतर भी मुकाबला कम रोमांचक नहीं रहा और दर्शकों ने इसका पूरा आनंद लिया। एक ह्यूमनॉइड रोबोट बॉक्सिंग के दौरान लड़खड़ाते हुए सीधे रिंग के कोने तक जा पहुंचा और रस्सियों के सहारे ही बेजान सा लटक गया। स्थिति यह बन गई कि उसे रिंग से बाहर निकालने के लिए आखिरकार इंसानों को खुद मैदान में उतरना पड़ा और उसे उठाकर बाहर ले जाना पड़ा। इन मशीनों के गिरने और रिंग में अजीबोगरीब हरकतें करने पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
दर्शकों और जानकारों का मानना है कि इन मशीनों का प्रदर्शन भले ही दिलचस्प हो, लेकिन इनकी असली परीक्षा तब होगी जब इन्हें इंसानों के आमने-सामने खड़ा किया जाएगा। वर्तमान में ये रोबोट केवल दौड़ और तयशुदा प्रतियोगिताओं में ही अपनी गति और फुर्ती दिखा पा रहे हैं, जिससे इनकी बुद्धिमत्ता और समझ का सही पैमाना तय करना अभी जल्दबाजी होगी।
आम लोगों के मन में अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में ये रोबोट इंसानों की तरह घर की साफ-सफाई, खाना बनाने और बुजुर्गों की देखभाल जैसे जटिल घरेलू काम आसानी से कर पाएंगे। एक दर्शक ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए बताया कि वह खुद घर के कामों में मदद लेती हैं और उम्मीद करती हैं कि भविष्य के रोबोट इन जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल सकेंगे।
बीजिंग में आयोजित इन रोबोट गेम्स ने यह साफ तौर पर साबित कर दिया है कि चीन ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के क्षेत्र में अत्यधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। भले ही आज भी कई मशीनें दौड़ते वक्त लड़खड़ा जाती हैं या फुटबॉल खेलते समय मैदान पर गिर पड़ती हैं, लेकिन दूसरी तरफ ऐसी मशीनों का तैयार होना यह बताता है कि वे ऐसी गति और ऊर्जा हासिल कर रही हैं जिसे कभी केवल इंसानों की शारीरिक क्षमता ही माना जाता था।


















