राजधानी दिल्ली के जसोला गांव में एक बार फिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक खुले नाले में गिरने से मासूम की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला 14 वर्षीय छात्र मिथुन खुले नाले में जा गिरा और पानी के तेज बहाव में बह गया। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लगातार दो दिनों तक चले तलाश अभियान के बावजूद जब बच्चे का कोई सुराग हाथ नहीं लगा, तो प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन बंद करने का फैसला किया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।
माता-पिता गए थे काम पर, पीछे से हुआ हादसा
हादसे के वक्त मिथुन के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। बच्चे के पिता अवधेश ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों ही अपने-अपने काम पर गए हुए थे। जब उन्हें इस भयंकर दुर्घटना की जानकारी मिली, तो वे सब कुछ छोड़कर तुरंत घर भागे। माता-पिता ने स्थानीय निवासियों की सहायता से खुद ही बच्चे की तलाश शुरू की। जब काफी मशक्कत के बाद भी मिथुन का कहीं पता नहीं चल सका, तब पुलिस और दमकल विभाग को इस पूरी घटना की सूचना दी गई।
सर्च ऑपरेशन बंद होने पर फूटा गुस्सा
खबर मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और गोताखोरों का दल मौके पर पहुंच गया और नाले में बच्चे को खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लगातार दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद भी जब मासूम मिथुन का कुछ पता नहीं चला, तो रविवार दोपहर के बाद अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन को रोकने का निर्णय लिया। इसके विरोध में भड़के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने जसोला मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन ने दोबारा शुरू किया अभियान
सड़क पर उतरे परिजनों के भारी विरोध और बढ़ते जनआक्रोश को देखकर पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने दोबारा से सर्च ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया। इसके लिए मौके पर जेसीबी मशीन को बुलवाया गया है, ताकि नाले के अंदर जमी दलदल और मिट्टी को निकालकर बच्चे की तलाश का काम फिर से तेजी से चलाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में खुले नालों के कारण हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ ही समय पहले दिल्ली के जगतपुर गांव में भी ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया था, जहां स्कूल से अपने घर लौट रहे तीन बच्चे अचानक नाले में जा गिरे थे। हालांकि उस समय गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत अपनी सूझबूझ और सतर्कता दिखाई, जिससे बच्चों के हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। बारिश के मौसम में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और जलभराव के कारण राहगीरों को नालों का सही अंदाजा नहीं मिल पाता है, जिसके चलते वे इनका शिकार बन जाते हैं।




















