देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में हैदराबाद स्थित मद्रास रेजीमेंट के आर्मी बेस से हथियारों की चोरी होने की बात सामने आई है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद सैन्य अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। सैन्य ठिकाने की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर अपराधियों ने हथियार गायब किए हैं, जिसने बेस की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मद्रास रेजीमेंट के ठिकाने पर सेंधमारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद के इस सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र से कुल चार अत्याधुनिक एके-47 राइफलें और एक इंसास राइफल चोरी हुई हैं। इसके साथ ही हथियारों के साथ इस्तेमाल होने वाला अन्य गोला-बारूद भी गायब बताया जा रहा है। इतनी भारी मात्रा में स्वचालित हथियारों का सेना के अंदर से चोरी हो जाना एक बड़ी सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय जांच शुरू
इस बड़ी सुरक्षा चूक की भनक लगते ही वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने मिलकर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। सेना के ठिकानों पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता, ऐसे में हथियारों का इस तरह गायब होना किसी अंदरूनी मदद या भारी लापरवाही की आशंका को जन्म देता है। जांच एजेंसियां इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं कि आखिर इस संवेदनशील सैन्य परिसर में इतनी बड़ी सेंधमारी को कैसे अंजाम दिया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
सेना और पुलिस प्रशासन सतर्क
घटना के सामने आने के बाद से ही हैदराबाद के आर्मी बेस के आसपास और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। सैन्य अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरसंभव एंगल से जांच शुरू कर दी है ताकि चोरी हुए घातक हथियारों को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके। खुफिया एजेंसियां भी इस हाई-प्रोफाइल चोरी के खुलासे के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी हैं।




















