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राजस्थान निकाय चुनावों का सियासी पारा हाई, धौलपुर में मारपीट और कांग्रेस का जेन-जी अभियानराजस्थान
1 सित॰ 2026, 12:06 pm (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान निकाय चुनावों का सियासी पारा हाई, धौलपुर में मारपीट और कांग्रेस का जेन-जी अभियान

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जयपुर में कांग्रेस युवाओं को जोड़ने के लिए नया अभियान शुरू कर रही है, जबकि जोधपुर और धौलपुर जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें सामने आई हैं।

राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच घमासान तेज होता जा रहा है। जयपुर से लेकर धौलपुर और जोधपुर तक विभिन्न घटनाओं ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के दौर के बीच कांग्रेस पार्टी ने युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए विशेष रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। वहीं, कई जिलों में टिकट बंटवारे को लेकर अंतर्कलह और विरोध प्रदर्शनों का दौर भी जारी है, जिससे चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।

धौलपुर और जोधपुर में बढ़ते विवाद और धरने

धौलपुर नगर परिषद के वार्ड 26 में चुनावी रंजिश का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां विरोधी गुट ने कथित तौर पर एक पार्षद प्रत्याशी के पति पर हमला कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने कोतवाली थाने में मारपीट, धारदार हथियार के इस्तेमाल और हवाई फायरिंग की शिकायत दर्ज कराई है। इस हमले में घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे पुराने विवाद के चलते ही इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस ने किसी को टिकट नहीं दिया था। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। उधर, जोधपुर की मथानिया नगर पालिका में भी नामांकन के बाद से राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि तय समय के बाद भी भाजपा विधायक भेराराम सियोल रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में मौजूद थे। इस बात से नाराज होकर उन्होंने रातभर धरना दिया और बाद में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों की मध्यवार्ता के बाद मामला शांत हुआ।

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कांग्रेस का युवा मतदाताओं पर विशेष फोकस

युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक नया कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग द्वारा एक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत युवा वर्ग तक पहुंच बनाई जाएगी। जयपुर के मालवीय नगर में आयोजित होने वाली एक विशेष प्रेस वार्ता में इस युवा समिति की घोषणा की जाएगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके युवा मतदाताओं को सीधे संवाद से जोड़ना और उन्हें चुनावी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर पार्टी का जनाधार मजबूत होगा।

जयपुर और सिरोही में नामांकन के आंकड़े और टिकट वितरण का घमासान

जयपुर जिले में निकाय चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम दिन हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने पर्चे दाखिल किए। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए सबसे अधिक नामांकन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा शाहपुरा, चाकसू, चौमूं और अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के अनुसार, आगामी दिनों में नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी और उसके बाद चुनाव चिह्न बांटे जाएंगे। दूसरी ओर, सिरोही जिले में भी सभी छह नगरीय निकायों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल किए गए हैं। हालांकि, सिरोही और शिवगंज जैसे इलाकों में टिकट वितरण को लेकर भाजपा के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है, जहां पार्टी के बड़े नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद की खबरें हैं।

विपक्ष का सत्ताधारी दल पर तीखा हमला

जयपुर में निकाय चुनावों के नामांकन के दौरान विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जयपुर शहर की मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है और जनता को सड़क, पानी, बिजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वे सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि उनके अधिकांश उम्मीदवार युवा और शिक्षित हैं जो शहर के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे।

सवाल-जवाब

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव क्यों चर्चा में हैं?
राज्य के विभिन्न जिलों में नामांकन प्रक्रिया, राजनीतिक दलों की रैलियों, टिकट वितरण को लेकर असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के कारण ये चुनाव चर्चा में हैं।
धौलपुर में किस घटना ने विवाद खड़ा किया?
धौलपुर के वार्ड 26 में एक पार्षद प्रत्याशी के पति पर विरोधी पक्ष द्वारा कथित तौर पर हमला करने और फायरिंग का मामला सामने आया है।
जोधपुर के मथानिया में पूर्व विधायक ने धरना क्यों दिया?
पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भाजपा विधायक रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में मौजूद थे।
कांग्रेस पार्टी युवा मतदाताओं के लिए क्या कर रही है?
कांग्रेस का सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक नया अभियान और जेन-जी समिति शुरू कर रहा है।
जयपुर में कितने नामांकन पत्र दाखिल किए गए?
जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों के लिए हजारों की संख्या में नामांकन पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें अकेले जयपुर नगर निगम के लिए बड़ी संख्या में पर्चे भरे गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

राजस्थान के इन स्थानीय चुनावों में जिस तरह धौलपुर में हिंसक झड़पें और जोधपुर में पूर्व विधायक का धरना सामने आया है, वह जमीनी स्तर पर बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। एक तरफ टिकट बंटवारे से उपजा असंतोष और आपराधिक घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस का जेन-जी डिजिटल अभियान यह साबित करता है कि दल अब युवा मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए पूरी तरह से संघर्षरत हैं। आने वाले दिनों में यह अंतर्कलह और डिजिटल रणनीति ही चुनावी नतीजों की दिशा तय करेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 मिनट पहले

धौलपुर के वार्ड 26 में आपराधिक प्रवृत्ति और पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियारों के इस्तेमाल और हवाई फायरिंग का सामने आना यह रेखांकित करता है कि स्थानीय निकाय चुनाव किस हद तक गंभीर कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन सकते हैं। जब राजनीतिक दलों द्वारा मैदान में उम्मीदवार न उतारने के बावजूद ऐसी हिंसक वारदातें होती हैं, तो यह पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई न होने पर धौलपुर से लेकर जोधपुर तक चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान प्रभावित होने की पूरी आशंका है।

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