उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मझौलीराज में एक सार्वजनिक मंच से बोलते हुए देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने हाल ही में सामने आए एक विवादित मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस्लामिक झंडों के ऊपर एके-47 का चिन्ह मुद्रित किए जाने के प्रकरण और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की हालिया प्रतिक्रिया पर कड़ा पलटवार करते हुए कई गंभीर बातें कहीं। शलभ मणि त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के कृत्यों के जरिए इस्लामी परंपराओं की आड़ में समाज में पूरी तरह से एक गलत संदेश प्रसारित करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
सनातनी समाज किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं
बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने जनसभा को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा कि देवरिया के मझौलीराज इलाके में इस प्रकार के एके-47 वाले झंडे फहराए जाने से राज्य का सनातनी समुदाय बिल्कुल भी भयभीत होने वाला नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में यह दावा किया कि सनातनी कभी भी किसी भी परिस्थिति में डरता नहीं है, बल्कि हमेशा चरमपंथी ताकतों और मानसिकता का डटकर मुकाबला करना अच्छी तरह जानता है। शलभ मणि त्रिपाठी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भविष्य में भी किसी ने इस्लामिक झंडों की आड़ में एके-47 का लोगो लगाने या डराने की कोशिश की, तो स्थानीय प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अपने पूरे संबोधन के दौरान विधायक ने अत्यंत आक्रामक और कड़े तेवर अपनाए रखे।
असदुद्दीन ओवैसी की बौखलाहट पर तीखा कटाक्ष
मंच से अपनी बात रखते हुए सदर विधायक ने आगे कहा कि जब से स्थानीय प्रशासन ने उन आपत्तिजनक एके-47 वाले झंडों को हटाने को लेकर अपनी प्रभावी कार्रवाई की है, तब से एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी पूरी तरह से बौखलाहट में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी इस बात का दावा कर रहे हैं कि प्रशासन उनके झंडे से भयभीत हो गया है, लेकिन वे यह भली-भांति समझ लें कि मझौलीराज और पूरे देवरिया का सनातनी वर्ग किसी से नहीं डरता।
त्योहार मनाएं लेकिन डराने की कोशिश न करें
शलभ मणि त्रिपाठी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आप सभी का अपना पावन त्योहार है, आप उसे पूरी धूमधाम से मनाइए, लेकिन देवरिया की इस पवित्र भूमि पर यदि किसी ने भी इस्लामिक झंडों की आड़ में एके-47 का सहारा लेकर सनातनियों को भयभीत करने का दुस्साहस किया, तो उन्हें छठी का दूध पूरी तरह याद दिला दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज बनी हुई है।
राम नगीना यादव की हत्या का जिक्र
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए शलभ मणि त्रिपाठी ने पिछले दौर की एक दुखद घटना का भी खुले मंच से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति देवरिया की सीमा से प्रवेश करके सलेमपुर की तरफ आगे बढ़ता है, तो जिला मुख्यालय में प्रवेश करते ही एक बाबरी मस्जिद जैसी दिखने वाली संरचना नजर आती है। विधायक ने कहा कि जब जनता ने वर्ष 2022 में उन्हें अपना भारी समर्थन देकर विधानसभा भेजा और उन्होंने उस संरचना को देखा, तो वह उन्हें हमेशा बहुत ज्यादा खटकती थी। उनके अनुसार वह निर्माण इस वजह से और भी अधिक चुभता था क्योंकि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके दिनदहाड़े वहां एक मजार का निर्माण कर लिया गया था। विधायक ने आरोप लगाया कि जब उनके संगठन के प्रचारक राम नगीना यादव ने इस बाबरी मस्जिद जैसी दिखने वाली मजार का कड़ा विरोध किया था, तो उसी के चलते दिनदहाड़े राम नगीना यादव की निर्मम हत्या कर दी गई थी।





















