लंबे समय से जीत के लिए तरस रहे ब्रिटेन के कैमरन नॉरी को आखिरकार राहत मिल गई। मेक्सिको में खेले जा रहे मिफेल ओपन के पहले दौर में नॉरी ने अलेक्जेंडर कोवासेविच को 6-4, 6-1 से मात दी और अपनी लगातार छह मैचों की हार पर विराम लगाया। यह उनके लिए सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा पाने का मौका है।
नॉरी को इस साल अप्रैल में मैड्रिड ओपन के बाद से कोई जीत नसीब नहीं हुई थी। इस बुरे दौर में उन्हें विंबलडन के पहले ही दौर में क्वालिफायर माइकल झेंग के हाथों बाहर होना पड़ा था, जो किसी भी बड़े खिलाड़ी के लिए झटका देने वाला रहा।
रैंकिंग में फिसलन का असर
फॉर्म गिरने का सीधा असर उनकी रैंकिंग पर भी पड़ा है। नॉरी इस समय ATP रैंकिंग में 39वें स्थान पर हैं। इस साल यह पहला मौका है जब वे शीर्ष 30 खिलाड़ियों की सूची से बाहर हुए हैं, जो उनके करियर के मौजूदा दबाव को साफ दिखाता है।
जहां शुरू हुआ था सफर, वहीं वापसी
दिलचस्प बात यह है कि यह जीत उसी लॉस कॉबोस में आई, जहां नॉरी ने 2021 में अपना पहला ATP खिताब जीता था। मुकाबले की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं रही। पहले सेट में उनकी सर्विस दो बार टूटी, जिसमें सबसे पहले गेम में मिला ब्रेक भी शामिल था। लेकिन पांचवीं वरीयता प्राप्त इस खिलाड़ी ने हिम्मत नहीं हारी और वापसी की।
दूसरे सेट में तो नॉरी का खेल पूरी तरह बदल गया। इस सेट में उन्होंने अपनी सर्विस पर सिर्फ पांच अंक गंवाए और अमेरिकी खिलाड़ी कोवासेविच की सर्विस को दो बार तोड़ा। इस दमदार प्रदर्शन के दम पर अब वे अंतिम 16 में पहुंच गए हैं, जहां उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के जेम्स डकवर्थ या अमेरिका के ऐडन मेयो से होगा।
बोल्टर के लिए निराशा जारी
हालांकि ब्रिटेन के लिए हर खबर अच्छी नहीं रही। ब्रिटेन की दूसरे नंबर की खिलाड़ी केटी बोल्टर सिटी ओपन के पहले ही दौर में बाहर हो गईं, जिससे उनकी लगातार हार का सिलसिला चार मैचों तक पहुंच गया है।
वॉशिंगटन डीसी में अमेरिका की ऐशलिन क्रूगर ने बोल्टर को 3-6, 6-2, 6-2 से हराया। सबसे निराशाजनक पल निर्णायक सेट में आया, जब बोल्टर 2-0 की बढ़त पर थीं, लेकिन इसके बाद वे सिर्फ चार अंक ही जुटा सकीं और मैच उनके हाथ से फिसल गया।



















