जनवरी के महीने में मेलबर्न के प्रसिद्ध रॉड लेवर एरिना में जब 22 वर्षीय कार्लोस अल्कराज ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतकर कोर्ट से बाहर निकले थे, तब वे टेनिस की दुनिया के शीर्ष पर थे। महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को फाइनल में हराकर उन्होंने न केवल अपना करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया, बल्कि अपने करियर का सातवां प्रमुख खिताब भी अपने नाम किया। यह उनके पिछले चार ग्रैंड स्लैम में से तीसरी जीत थी। इससे कुछ महीने पहले, न्यूयॉर्क में यूएस ओपन के फाइनल में उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी यानिक सिनर को एकतरफा मुकाबले में मात दी थी, जिसे उनके अब तक के करियर का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन माना गया था। हालांकि, अप्रैल महीने में बार्सिलोना ओपन के दौरान लगी कलाई की चोट के कारण यह युवा चैंपियन पिछले 114 दिनों से किसी भी प्रतिस्पर्धी मैच में नहीं उतर सका है। इस दौरान वे फ्रेंच ओपन और विंबलडन जैसे दो लगातार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट से बाहर रहने पर मजबूर हुए हैं।
टेनोसिनोवाइटिस की जटिलता और कलाई की शारीरिक संरचना
कार्लोस अल्कराज की कलाई की चोट इतनी लंबी और पेचीदा क्यों साबित हो रही है, इसे समझने के लिए इसके चिकित्सीय पहलू को जानना आवश्यक है। अल्कराज टेनोसिनोवाइटिस (Tenosynovitis) नाम की बीमारी से पीड़ित हैं। यह कलाई के अंदर मौजूद टेंडन को घेरने वाली द्रव से भरी सुरक्षात्मक परत (शीथ) में होने वाली एक दर्दनाक सूजन होती है। टेनिस जैसे खेल में रैकेट को बार-बार कसकर पकड़ने और जोरदार स्विंग करने जैसी दोहराव वाली गतिविधियों के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है, जिससे जोड़ों में सूजन और लगातार दर्द बना रहता है। सामान्य मामलों में आराम के जरिए कुछ हफ्तों में सुधार हो जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में व्यापक फिजियोथेरेपी और सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसकी रिकवरी प्रक्रिया में एक साल तक का समय लग सकता है।
हालांकि अल्कराज की अब तक कोई सर्जरी नहीं हुई है, लेकिन उनके हालिया फैसलों के कारण उनका ब्रेक चार महीने से अधिक लंबा हो चुका है। इस पुनर्वास अवधि के एक हिस्से के दौरान वे रैकेट पकड़ने में भी पूरी तरह असमर्थ थे। टेनिस खिलाड़ियों के लिए कलाई की चोटें बेहद चिंताजनक मानी जाती हैं क्योंकि गेंद और रैकेट के हर संपर्क में कलाई का जोड़ केंद्रीय भूमिका निभाता है। शॉट में ताकत पैदा करने के लिए कलाई का सही समय पर घूमना आवश्यक है, जबकि ड्रॉप शॉट जैसी सूक्ष्म और कलात्मक तकनीकों के लिए कलाई की लचीलता और सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिसमें अल्कराज ने अपने करियर में अद्भुत महारत हासिल की है। इसके अलावा, कलाई की हड्डियों और टेंडन के आसपास मांसपेशियों के ऊतकों की कमी के कारण इसमें ताकत का पुनर्निर्माण करना बहुत कठिन होता है, जिससे खिलाड़ी की वापसी की निश्चित समयसीमा तय करना अनिश्चित हो जाता है।
आधुनिक खेल का दबाव और उपकरण तकनीक का असर
वर्ष 1996 के विंबलडन चैंपियन रिचर्ड क्रैजिचेक ने कलाई की चोटों की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चोटें ज्यादा कठिन होती हैं और खेल में वापस लौटने पर फिर से लय हासिल करना बेहद मुश्किल होता है, जिसमें खिलाड़ी को एक-एक कदम उठाकर आगे बढ़ना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टखने के लिगामेंट टूटने जैसी सरल चोट नहीं है, जिसमें तीन या चार महीने की निश्चित अवधि के बाद खेलने की गारंटी होती है।
आधुनिक टेनिस में खेल की गति काफी तेज हो चुकी है। टूर पर अधिकांश खिलाड़ी बेसलाइन से बेहद तेज शॉट खेलते हैं और टू-हैंडेड बैकहैंड का उपयोग करते हैं। इससे शॉट में पावर और टॉपस्पिन पैदा करने की आवश्यकता बढ़ गई है, जिससे खिलाड़ियों की कलाई पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। अतीत में ग्रैंड स्लैम विजेता डोमिनिक थीम और जुआन मार्टिन डेल पोत्रो जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी अपने करियर के दौरान बार-बार कलाई की चोटों से परेशान रहे, जिसके कारण आखिरकार उन्हें असमय संन्यास लेना पड़ा।
विभिन्न ग्रैंड स्लैम और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का इलाज करने वाले फिजियोथेरेपिस्ट जेम्स रॉस के अनुसार, खेल तकनीक में हुए बदलाव इसका बड़ा कारण हैं। आधुनिक रैकेट और स्ट्रिंग्स पहले से ज्यादा उन्नत हो चुके हैं, जिसके कारण गेंद अत्यधिक गति और बल के साथ खिलाड़ी की ओर आती है और उस प्रभाव को सहने के लिए कलाई को बहुत अधिक दबाव झेलना पड़ता है। इसके अलावा खिलाड़ियों का वार्षिक शेड्यूल बेहद व्यस्त हो चुका है, जिससे जोड़ों पर लगातार तनाव बना रहता है। अलग-अलग टूर्नामेंटों के बीच टेनिस गेंदों की गुणवत्ता में आने वाला अंतर भी शरीर को बार-बार सामंजस्य बिठाने पर मजबूर करता है, जो चोट के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
पुनर्वास प्रक्रिया और मानसिक चुनौतियां
अल्कराज ने बार्सिलोना ओपन के शुरुआती दौर में एक क्वालीफायर खिलाड़ी को हराकर अपना आखिरी मैच जीता था, लेकिन उस दौरान वे स्पष्ट रूप से शारीरिक असुविधा में दिख रहे थे और उन्होंने अगले दौर से पहले अपना नाम वापस ले लिया था। हाल ही में उनके सोशल मीडिया चैनलों पर मर्सिया में आयोजित एक अभ्यास सत्र की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिसमें वे अपनी अनुपस्थिति के दौरान बढ़े हुए लंबे बालों के साथ नजर आए। उनकी प्रतिस्पर्धी वापसी में अभी कम से कम कुछ हफ्तों का समय और लगेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि वे यूएस ओपन में भाग लेते भी हैं, तो वे लगभग पांच महीने की जंग और अभ्यास की कमी के साथ मैदान पर उतरेंगे, या फिर बदतर स्थिति में वे इस टूर्नामेंट से भी बाहर रह सकते हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कलाई की चोटों के मामले में जल्दबाजी करने के बजाय थोड़ा अधिक इंतजार करना समस्या को बार-बार उभरने से रोकने में मददगार साबित होता है। फिजियोथेरेपिस्ट जेम्स रॉस ने समझाया कि कलाई की चोटों का सबसे बड़ा जोखिम पुरानी चोट का दोबारा उभरना होता है। यदि कोई खिलाड़ी कुछ महीनों की अवधि में बिना किसी दोबारा दर्द के वापसी कर लेता है, तो वह आमतौर पर ठीक रहता है। हालांकि, खेल में बने रहने, रैंकिंग अंक बचाने और वित्तीय दबावों के कारण समय से पहले लौटने की हड़बड़ी इस समस्या को दीर्घकालिक या क्रॉनिक बना सकती है।
कलाई की चोट का एक अन्य प्रमुख पहलू मानसिक होता है। जब कोई खिलाड़ी अपने खेल की मुख्य तकनीक को नियंत्रित करने वाले जोड़ में गंभीर दर्द का अनुभव करता है, तो उस पर दोबारा पूरी तरह से भरोसा करना बेहद कठिन हो जाता है। अपने करियर के उत्तरार्ध में दोनों कलाइयों की चोट से जूझ चुके पूर्व दिग्गज एंडी मरे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था कि कलाई की चोटों से उबरना आसान नहीं होता। जब गेंद नीची आती है या बहुत तेज गति से ऊपर आती है, तो गेंद को नियंत्रित करने के लिए कलाई का अत्यधिक उपयोग करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में चोट से वापसी करते समय शुरुआत में महसूस हुए दर्द से मानसिक रूप से बाहर निकलना और बिना किसी डर के खेलना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।
इतिहास के आंकड़ों की तुलना और भविष्य का परिदृश्य
अल्कराज का यह लंबा ब्रेक उन्हें अपने समकालीन और पूर्व महान खिलाड़ियों की तुलना में एक अलग स्थिति में खड़ा करता है। टेनिस के 'बिग थ्री' दिग्गजों ने अपने शुरुआती करियर में ऐसी लंबी अनुपस्थिति का सामना नहीं किया था। रोजर फेडरर ने अपने करियर में 38 वर्ष की आयु तक कभी भी लगातार दो ग्रैंड स्लैम मिस नहीं किए थे। राफेल नडाल ने 26 वर्ष की उम्र में दो लगातार ग्रैंड स्लैम मिस किए थे, लेकिन उनमें से दूसरा ब्रेक चोट के बजाय बीमारी के कारण था। नोवाक जोकोविच ने अपने करियर में कभी भी एक से अधिक ग्रैंड स्लैम लगातार नहीं छोड़ा है। वहीं, अल्कराज के मुख्य प्रतिद्वंद्वी यानिक सिनर ने 2019 में अपने पदार्पण के बाद से हर ग्रैंड स्लैम में भाग लिया है।
इस चोट से पहले, अल्कराज औसतन प्रति वर्ष दो ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की शानदार दर से प्रदर्शन कर रहे थे। यदि वे इसी गति से आगे बढ़ते रहते, तो वर्ष 2034 तक 31 वर्ष की आयु में ही वे नोवाक जोकोविच के 24 ग्रैंड स्लैम के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर लेते। हालांकि, इस ब्रेक ने उनके उस विजय रथ को फिलहाल रोक दिया है।
कलाई के जोड़ों में रक्त का प्रवाह सीमित होता है, जिससे इसके ऊतकों को ठीक होने में अधिक समय लगता है। ऐसे में पुनर्वास के दौरान खिलाड़ी के शारीरिक फिटनेस, कोर स्ट्रेंथ और मानसिक संतुलन पर काम करना बेहद आवश्यक हो जाता है ताकि कोर्ट पर वापसी के समय उनका मनोबल और आत्मविश्वास बना रहे।



















