टेनिस जगत के सबसे दिग्गज खिलाड़ियों में गिने जाने वाले नोवाक जोकोविच को यूएस ओपन के शुरुआती दौर में अर्जेंटीना के नावोने के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। इस शिकस्त के बाद खेल प्रेमियों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस स्टार खिलाड़ी का सुनहरा दौर अब ढलान पर है। मैच के दौरान नोवाक जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते हुए नजर आए और अंततः उन्हें 7-6 (7-5) 5-7 4-6 6-2 6-1 से पराजय झेलनी पड़ी। इस मुकाबले के बाद उनकी फिटनेस और आने वाले समय में खेल जारी रखने को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं।
टूर्नामेंट में शुरुआती दौर की हैरान करने वाली हार
यह मुकाबला नोवाक जोकोविच के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ जहां उन्हें कोर्ट पर भयंकर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान उन्हें उल्टी और ऐंठन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा और उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उनका पूरा शरीर जवाब दे रहा हो। हालांकि मैच के दौरान दर्शकों का समर्थन अभूतपूर्व रहा और इस महान खिलाड़ी ने अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने इस प्रदर्शन से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। इस अप्रत्याशित हार के साथ ही उनके कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूट गए हैं जिनमें यूएस ओपन के शुरुआती दो दौर में उनका 37-0 का बेदाग रिकॉर्ड और ग्रैंड स्लैम के पहले दौर में 78 लगातार जीत का सिलसिला शामिल है।
रैंकिंग में गिरावट और खत्म होता बिग थ्री का दौर
इस टूर्नामेंट के परिणामों का सीधा असर नोवाक जोकोविच की विश्व रैंकिंग पर पड़ा है जिसके तहत वे जुलाई 2018 के बाद पहली बार शीर्ष दस खिलाड़ियों की सूची से बाहर हो जाएंगे। पिछले दो दशकों से टेनिस कोर्ट पर राज करने वाले बिग थ्री यानी रोजर फेडरर राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच का दबदबा अब धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है। रोजर फेडरर और राफेल नडाल पहले ही अपने पेशेवर करियर को अलविदा कह चुके हैं जबकि नोवाक जोकोविच जो अगले साल मई में 40 वर्ष के होने वाले हैं अभी भी कोर्ट पर टिके हुए हैं। इसके बावजूद आने वाले रैंकिंग अपडेट में यह पहली बार होगा जब शीर्ष दस खिलाड़ियों में इनमें से कोई भी नाम शामिल नहीं होगा जो इस खेल के एक स्वर्ण युग के अंत का प्रतीक है।
कम शेड्यूल और मैच अभ्यास की कमी पर उठे सवाल
अपने करियर के इस पड़ाव पर नोवाक जोकोविच ने बड़े टूर्नामेंटों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने खेलने के शेड्यूल को काफी सीमित कर दिया है। उन्होंने साल 2026 में अब तक केवल सात टूर्नामेंट ही खेले हैं जिनमें चार ग्रैंड स्लैम और तीन मास्टर्स 1000 इवेंट शामिल हैं तथा उनके कुल 21 टूर-स्तरीय मैच साल 2004 के बाद से किसी भी सीजन में सबसे कम हैं। इस रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विंबलडन चैंपियन पैट कैश ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मैच अभ्यास की कमी को किसी भी चीज़ से पूरा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आप सीधे किसी ग्रैंड स्लैम में कदम रखकर गर्म और उमस भरे दिन में पांच सेट के कड़े मुकाबले को जीतने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं भले ही वह खिलाड़ी कितना भी असाधारण क्यों न हो।
भविष्य की योजनाएं और ओलंपिक का लक्ष्य
इन तमाम मुश्किलों और शारीरिक परेशानियों के बावजूद नोवाक जोकोविच ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर संकेत दिए हैं कि वे साल 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले अगले ओलंपिक तक इस खेल में बने रहना चाहते हैं। उनके इस सफर ने हमेशा से आलोचकों को गलत साबित किया है क्योंकि जब-जब लोगों ने उनकी क्षमता पर सवाल उठाए हैं उन्होंने वापसी करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। हाल ही में रिलीज हुई अपनी डॉक्यूमेंट्री में भी उन्होंने संन्यास के सवाल पर बात करते हुए कहा था कि जब वे खुद को लगातार यह साबित कर रहे हैं कि वे अभी भी जीत सकते हैं तो वे संन्यास के बारे में क्यों सोचें। बहरहाल इस हार के बाद खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के मन में यह गंभीर सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि क्या उनका यह जुझारू रवैया उन्हें भविष्य में भी बड़ी सफलता दिला पाएगा या फिर अब उनके करियर का अंतिम अध्याय शुरू हो चुका है।



















