आर्थर फेरी विंबलडन में ओपन एरा के दौरान क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाले केवल छठे ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी हैं। 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने इस साल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है, खुद उनके लिए भी यह उपलब्धि किसी आश्चर्य से कम नहीं है। अब उनकी नजरें बुधवार को होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां उनका सामना इटली के नौवें वरीय खिलाड़ी फ्लैवियो कोबोली से होगा।
कोबोली के खिलाफ कड़ी परीक्षा
24 वर्षीय फ्लैवियो कोबोली के लिए पिछला महीना काफी सफल रहा है, जिसमें वे फ्रेंच ओपन के उपविजेता रहे थे। पिछले साल भी विंबलडन में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर फ्लैवियो कोबोली ने घास के कोर्ट पर अपनी महारत साबित की है। जेमी मरे का मानना है कि रैंकिंग और बड़े मैचों के अनुभव में अंतर के कारण आर्थर फेरी इस मुकाबले में थोड़े दबाव में जरूर रहेंगे, लेकिन उनकी खेल शैली विपक्षी खिलाड़ियों के लिए हमेशा मुश्किल सवाल खड़े करती है।
नेट पर आर्थर फेरी का जलवा
आर्थर फेरी की ताकत सिर्फ उनकी शारीरिक फुर्ती नहीं है, बल्कि गेंद को नेट के पास जाकर फिनिश करने की उनकी गजब की काबिलियत भी है। विंबलडन के इस संस्करण में, आर्थर फेरी ने अब तक 201 वॉली शॉट खेले हैं, जिनमें से 127 में उन्हें सफलता मिली है। उनके खेल का आंकड़ा यह बताता है कि उन्होंने सर्विस और वॉली पॉइंट में 78 प्रतिशत सफलता हासिल की है, जो पुरुष वर्ग में दूसरे स्थान पर है। जेमी डेलगाडो कहते हैं कि आर्थर फेरी का टाइमिंग शानदार है, जिससे वे अलग-अलग ऊंचाई पर गेंद को हिट करने और गति में बदलाव करने में माहिर हैं।
रणनीति और कोर्ट पर मूवमेंट
आर्थर फेरी इस टूर्नामेंट में बचे हुए क्वार्टर फाइनलिस्टों में सबसे बेहतरीन मूवर माने जा रहे हैं, जो इस मामले में फ्लैवियो कोबोली और शीर्ष वरीयता प्राप्त यानिक सिनर से भी आगे हैं। फ्लैवियो कोबोली अपने पावरफुल फोरहैंड के लिए जाने जाते हैं। जेमी मरे का सुझाव है कि आर्थर फेरी को फ्लैवियो कोबोली की दूसरी सर्विस पर आक्रामक रुख अपनाते हुए जल्द से जल्द नेट पर आना चाहिए, ताकि फ्लैवियो कोबोली को संभलने का मौका न मिले।
आत्मविश्वास का सफर
आर्थर फेरी की एक बड़ी खूबी उनका अटूट आत्मविश्वास है। टूर्नामेंट के हर मुकाबले में एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करने का उनका जज्बा उन्हें मानसिक रूप से मजबूती देता है। काइल एडमंड का कहना है कि आर्थर फेरी कोर्ट पर किसी भी परिस्थिति से डरते हुए नहीं दिखाई देते। वे अपनी बॉडी लैंग्वेज से यह दर्शाते हैं कि वह इस बड़े मंच का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
पुरानी जीत से हौसला
आर्थर फेरी के पास इस बात का भरोसा है कि उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट में फ्लैवियो कोबोली को 7-6 (7-1), 6-4, 6-1 से हराया था। उनके कोच जेरोएन बेनार्ड का कहना है कि किसी बड़े खिलाड़ी को हराने से आत्म-सम्मान बढ़ता है और इससे पता चलता है कि विपक्षी खिलाड़ी से क्या उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, फ्लैवियो कोबोली भी इस हार का बदला लेने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।
मैदान के बाहर का जीवन
ऑल इंग्लैंड क्लब के नजदीक पले-बढ़े आर्थर फेरी अभी अपने परिवार के साथ रहकर इस टूर्नामेंट का आनंद ले रहे हैं। जेरोएन बेनार्ड के मुताबिक, आर्थर फेरी का टीम कैंप बिल्कुल सामान्य है, जहां वे मैच से पहले फुटबॉल और संगीत की बातें करते हैं। उनकी टीम का मानना है कि आर्थर फेरी एक सामान्य 23 वर्षीय युवक हैं, जो खेल में असाधारण प्रतिभा रखते हैं। फेलिक्स गिल के अनुसार, अपने गंभीर दिखने वाले आवरण के पीछे आर्थर फेरी एक बेहद मजाकिया और सहज स्वभाव के व्यक्ति हैं।











