देवघर कांवर यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए चार जगह फ्री रुकने और चार्जिंग की सुविधायात्रा
2 घंटे पहले· 2

देवघर कांवर यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए चार जगह फ्री रुकने और चार्जिंग की सुविधा

सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले कांवरियों के लिए देवघर प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने कोठिया मोड़, सरासनी और बाघमारा जैसी जगहों पर मुफ्त ठहरने, पंखे, मोबाइल चार्जिंग और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया है.

सावन के महीने में झारखंड का देवघर शहर शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह डूब जाता है. देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शुमार बाबा बैद्यनाथ धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं और मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जल चढ़ाने पर भगवान शिव भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं. श्रावणी मेले के दौरान पूरा शहर बम बम भोले के जयकारों से गूंजता रहता है.

ज्यादातर कांवरिये सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर देवघर पहुंचते हैं. इतनी लंबी और थका देने वाली यात्रा के बाद सबसे पहली जरूरत सुरक्षित ठिकाने की होती है, जहां श्रद्धालु कुछ देर आराम कर सकें. इस बार देवघर जिला प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर रास्ते में अलग अलग जगहों पर मुफ्त ठहरने के इंतजाम किए हैं. इन जगहों पर बेड, पंखा, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, नहाने और शौच की सुविधा, सुरक्षा के साथ साथ कई स्थानों पर सस्ती दर पर खाना भी मिलेगा, ताकि बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने से पहले कांवरिये थोड़ी ताकत जुटा सकें.

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कोठिया मोड़ पर बनी टेंट सिटी

बिहार और झारखंड की सीमा पार करते ही देवघर जिले में घुसते ही कोठिया मोड़ पड़ता है. यहां कांवरिया पथ पर ही जिला प्रशासन ने एक आधुनिक टेंट सिटी खड़ी की है, जो बाबा मंदिर से करीब 4 किलोमीटर पहले है. इस टेंट सिटी में एक साथ लगभग 1,000 कांवरिये आराम कर सकते हैं. हर बेड पर पंखा और चार्जिंग प्वाइंट लगाया गया है, जिससे लंबे सफर में मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने की टेंशन भी खत्म हो जाती है. इसके अलावा साफ शौचालय, यूरिनल, स्नानघर और पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है. सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस सहायता केंद्र और सूचना केंद्र भी बनाया गया है, जहां श्रद्धालु किसी भी परेशानी में मदद ले सकते हैं.

सरासनी गांव के पास प्रसाद योजना भवन

कांवरिया पथ पर ही सरासनी गांव के नजदीक प्रसाद योजना के तहत बना एक विशाल भवन इस बार खासतौर पर श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है. यह जगह बाबा मंदिर से करीब 3 किलोमीटर पहले पड़ती है और यहां की क्षमता सबसे ज्यादा है, एक साथ 10 हजार कांवरिये यहां ठहर सकते हैं. भवन के भीतर दो बड़े हॉल बनाए गए हैं, साथ ही पंखे, स्नानघर, शौचालय और कांवर रखने के लिए अलग स्टैंड की भी व्यवस्था है. प्रशासनिक सहायता केंद्र भी यहां मौजूद रहेगा. सबसे खास बात यह है कि पहली बार यहां श्रद्धालुओं को सस्ती दर पर खाना भी मिलेगा, जिससे लंबी कांवर यात्रा से थके श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलने वाली है.

बाघमारा बस स्टैंड के पास नई टेंट सिटी

देवघर शहर की सीमा में घुसने से ठीक पहले बाघमारा बस स्टैंड के आसपास प्रशासन एक और टेंट सिटी तैयार कर रहा है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर से इसकी दूरी करीब 4 से 5 किलोमीटर है. यहां भी करीब 1,200 कांवरियों के मुफ्त ठहरने का इंतजाम किया जाएगा. हर बेड के पास पंखा और चार्जिंग प्वाइंट रहेगा, साथ ही सफाई, शौचालय, यूरिनल और स्नानघर जैसी सारी जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी. मकसद यही है कि यात्रा के आखिरी पड़ाव पर पहुंचने से पहले श्रद्धालु थोड़ा दम भर लें और ताजा होकर बाबा के दर्शन के लिए आगे बढ़ें.

मारवाड़ी कांवर संघ का सेवा शिविर

हर साल की तरह इस बार भी मारवाड़ी कांवर संघ की तरफ से एक बड़ा सेवा शिविर लगाया जाएगा. यहां कांवरियों के लिए मुफ्त रुकने और आराम करने की सुविधा तो रहेगी ही, साथ ही पीने का पानी, चिकित्सा सहायता, प्रसाद और विश्राम की जगह जैसी कई सेवाएं भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी. दूर दराज से आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर साल इस शिविर का फायदा उठाते हैं और यहां से सुरक्षित माहौल में अपनी आगे की यात्रा जारी रखते हैं.

सवाल-जवाब

देवघर में कांवरियों के लिए मुफ्त ठहरने की सुविधा कहां कहां मिलेगी?
कोठिया मोड़, सरासनी गांव के पास प्रसाद योजना भवन, बाघमारा बस स्टैंड और मारवाड़ी कांवर संघ के शिविर में मुफ्त ठहरने का इंतजाम किया गया है.
कोठिया मोड़ की टेंट सिटी में कितने कांवरिये ठहर सकते हैं?
यहां एक साथ करीब 1,000 कांवरिये आराम कर सकते हैं.
सबसे ज्यादा क्षमता वाला ठहरने का स्थान कौन सा है?
सरासनी गांव के पास बना प्रसाद योजना भवन, जहां एक साथ 10 हजार कांवरिये ठहर सकते हैं.
क्या इन जगहों पर मोबाइल चार्जिंग की सुविधा है?
हां, कोठिया मोड़, सरासनी और बाघमारा तीनों जगहों पर हर बेड के साथ पंखा और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाया गया है.
कांवरिये आमतौर पर कितनी दूर की पैदल यात्रा करके देवघर पहुंचते हैं?
ज्यादातर श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करके देवघर पहुंचते हैं.
क्या इन ठहरने की जगहों पर खाने की भी व्यवस्था है?
हां, सरासनी वाले प्रसाद योजना भवन में पहली बार सस्ती दर पर खाना दिया जाएगा, और कई अन्य जगहों पर भी सस्ते भोजन की सुविधा है.
मारवाड़ी कांवर संघ के शिविर में क्या सुविधाएं मिलेंगी?
यहां मुफ्त ठहरने और आराम के साथ साथ पीने का पानी, चिकित्सा सहायता और प्रसाद जैसी सेवाएं भी मिलेंगी.
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