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मिर्जापुर के सभी झरनों पर पर्यटकों के लिए लगी पाबंदी, बारिश के बीच वन विभाग ने उठाया सख्त कदमयात्रा
4 सित॰ 2026, 9:15 am (54 दिन पहले)· 3

मिर्जापुर के सभी झरनों पर पर्यटकों के लिए लगी पाबंदी, बारिश के बीच वन विभाग ने उठाया सख्त कदम

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में लगातार हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर सभी वाटरफॉलों पर सैलानियों के जाने पर रोक लगा दी गई है। वन विभाग का यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बारिश के मौसम के बीच एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। जिले के सभी प्रमुख झरनों और वाटरफॉलों पर पर्यटकों के घूमने और प्रवेश करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि रखते हुए वन विभाग की तरफ से यह सख्त निर्णय लिया गया है, जिसके चलते अब अगले आदेश तक किसी भी सैलानी को इन प्राकृतिक स्थलों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।

बारिश के दिनों में उमड़ती थी भारी भीड़

मिर्जापुर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत झरनों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहां की वादियां और जलप्रपात हर साल मानसून के मौसम में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इस दौरान भारी संख्या में लोग प्रकृति के मनमोहक नजारों का आनंद उठाने के लिए इन स्थानों का रुख करते हैं। सैलानी न केवल यहां की प्राकृतिक छटा को निहारते हैं, बल्कि पारंपरिक व्यंजन जैसे बाटी-चोखा बनाकर पिकनिक का लुत्फ भी उठाते हैं।

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किन-किन झरनों पर लागू हुई रोक

जिला प्रशासन और वन विभाग के इस प्रतिबंध के दायरे में मिर्जापुर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थल आ गए हैं। इनमें सिरसी वाटरफॉल, टांडा फॉल, लखनिया दरी, विंढमफॉल और सिद्धनाथ की दरी जैसे लोकप्रिय स्थान शामिल हैं। इन सभी जगहों पर सामान्य दिनों में पर्यटकों का तांता लगा रहता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से अब इन सभी पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।

अचानक बांधों से पानी छोड़े जाने से बढ़ा खतरा

इस पाबंदी के पीछे मुख्य वजह क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश और बांधों से हो रहा जल डिस्चार्ज है। मिर्जापुर के अधिकांश झरनों में पानी का मुख्य स्रोत नजदीकी बांध हैं। जब बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, तो इन वाटरफॉलों का जलस्तर अचानक और तेजी से बढ़ जाता है, जिससे वहां आने वाले लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। इसी अप्रत्याशित खतरे को भांपते हुए वन विभाग ने सभी पर्यटन स्थलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला किया है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाटरफॉलों पर पर्यटकों के आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। यदि कोई सैलानी इन नियमों की अवहेलना करता है या पाबंदी के बावजूद झरनों के पास जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और यदि उन्होंने इन दिनों मिर्जापुर के किसी झरने पर घूमने का प्लान बनाया है, तो उसे तुरंत रद्द कर दें तथा किसी सुरक्षित स्थान पर जाने का विकल्प चुनें।

सवाल-जवाब

मिर्जापुर में किन जगहों पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगाई गई है?
मिर्जापुर जिले के सभी प्रमुख वाटरफॉलों और झरनों पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगाई गई है।
यह प्रतिबंध किस विभाग द्वारा लगाया गया है?
सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला वन विभाग की ओर से लिया गया है।
इस रोक के पीछे मुख्य कारण क्या है?
लगातार हो रही बारिश और बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
किन-किन झरनों को इस आदेश के तहत बंद किया गया है?
सिरसी, टांडा फॉल, लखनिया दरी, विंढमफॉल और सिद्धनाथ की दरी सहित अन्य वाटरफॉलों को बंद किया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
वाटरफॉलों पर आवागमन के नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रतिबंध कब तक प्रभावी रहेगा?
यह रोक अगले आदेश तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगी।
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