जब पंकज त्रिपाठी को पड़ी थीं लाठियां, कभी संजय दत्त के दीवाने थे ये दिग्गज अभिनेताराजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के नेताओं के साथ मिलकर की जवानों के लिए रक्तदान पहलजोधपुर के लोगों के लिए खुशखबरी, 1 सितंबर से छह नए शहरों के लिए शुरू होंगी सीधी उड़ानेंशहनाज गिल का वो भावुक गाना, जिसे सुन आज भी नम हो जाती हैं सिडनाज फैंस की आंखेंभारत तक सीधी ट्रेन चलाने का रूस का प्लान, पाकिस्तान और ईरान से होकर गुजर सकता है नया रेल कॉरिडोरसावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026: अपनों को भेजें महादेव के आशीर्वाद वाले ये खास शुभकामना संदेशमेचेरनिच में जर्मन सैन्य ठिकाने के ऊपर मंडराते मिले ड्रोन, लिपजिग एयरपोर्ट की घटना के बाद बढ़ी चिंताशशि थरूर के बयान से कांग्रेस में मचा सियासी घमासान, केसी वेणुगोपाल ने दी सख्त नसीहत111 साल की चीनी महिला वांग गाइयिंग ने खोले लंबी उम्र के राज, अच्छी सेहत के लिए अपनाती हैं ये अजीब आदतेंमिथुन राशिफल 10 अगस्त: जरूरी फैसलों के लिए शाम का समय रहेगा सबसे मुफीद
तेलंगाना के भुवनगिरी किले पर अब केबल कार से चढ़ाई, 56.81 करोड़ का प्लान बदलेगा पर्यटन की तस्वीरयात्रा
25 जून 2026, 5:03 pm (45 दिन पहले)· 3

तेलंगाना के भुवनगिरी किले पर अब केबल कार से चढ़ाई, 56.81 करोड़ का प्लान बदलेगा पर्यटन की तस्वीर

केंद्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत भुवनगिरी किले को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, जहां 6 केबिन वाला रोपवे यात्रियों को सिर्फ 3 से 4 मिनट में किले की चोटी तक पहुंचाएगा।

तेलंगाना के मशहूर भुवनगिरी किले की पहचान अब बदलने वाली है। राज्य सरकार इस ऐतिहासिक किले को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल में तब्दील करने की तैयारी में जुट गई है और इसके लिए काम तेज रफ्तार से चल रहा है। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 56.81 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस पूरी कायापलट का सबसे बड़ा आकर्षण यहां बन रहा आधुनिक पैसेंजर रोपवे सिस्टम है, जो किले तक पहुंचने का पूरा अनुभव ही बदल देगा।

राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जूपल्ली कृष्ण राव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि हर हाल में सारा काम 2 अक्टूबर तक पूरा हो जाना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़े तो मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और चौबीसों घंटे पारियों में काम कराया जाए, ताकि तय समय सीमा किसी भी सूरत में न टूटे।

ये भी पढ़ें

रोपवे क्यों है इस प्रोजेक्ट की जान

भुवनगिरी किले तक पहुंचने के लिए पहाड़ की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। यही वजह है कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के लिए किले के शीर्ष तक पहुंचना बेहद थका देने वाला और मुश्किल काम रहा है। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए करीब 17.91 करोड़ रुपए की लागत से 1.02 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जा रहा है।

यह रोपवे मोनोकेबल जिग बैक सिस्टम पर आधारित होगा, जिसमें कुल 6 केबिन चलेंगे। हर केबिन में एक बार में 6 यात्री बैठ सकेंगे और वे महज 3 से 4 मिनट में नीचे से सीधे किले की चोटी तक का सफर तय कर लेंगे। खास बात यह है कि यह सिस्टम हर घंटे 250 से 300 यात्रियों को ऊपर-नीचे ले जाने में सक्षम होगा, जिससे भीड़ के बावजूद आवाजाही आसान बनी रहेगी।

रोपवे के साथ कई और सुविधाएं

किले के परिसर में पर्यटकों की सहूलियत के लिए सिर्फ रोपवे ही नहीं, बल्कि कई और निर्माण भी किए जा रहे हैं। यहां एक नया कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और एक खूबसूरत व्यूइंग गैलरी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही किले की पुरानी भव्यता को बरकरार रखते हुए इसके प्राचीन ढांचे का जीर्णोद्धार पुरातात्विक नियमों के तहत किया जा रहा है। रात के वक्त किले की खूबसूरती और निखर कर सामने आए, इसके लिए विशेष डेकोरेटिव लाइटिंग भी लगाई जा रही है।

अक्टूबर से शुरू होगा पर्यटकों का स्वागत

राज्य सरकार तेलंगाना को देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में भुवनगिरी किले, यादाद्री और कोलनुपाका सोमेश्वर मंदिर को आपस में जोड़कर एक एकीकृत आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अक्टूबर में जैसे ही रोपवे और बाकी नई सुविधाएं शुरू होंगी, देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे।

सवाल-जवाब

भुवनगिरी किले का रोपवे कब शुरू होगा?
अधिकारियों के मुताबिक रोपवे और नई सुविधाएं अक्टूबर में शुरू होंगी, और सारा काम 2 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोपवे में कितने केबिन होंगे और हर केबिन में कितने यात्री बैठेंगे?
इस रोपवे में कुल 6 केबिन होंगे और हर केबिन की क्षमता 6 यात्रियों की होगी।
रोपवे से किले की चोटी तक पहुंचने में कितना समय लगेगा?
यात्री महज 3 से 4 मिनट में नीचे से किले की चोटी तक का सफर तय कर लेंगे।
पूरे प्रोजेक्ट और रोपवे पर कितना खर्च हो रहा है?
पूरा प्रोजेक्ट करीब 56.81 करोड़ रुपए का है, जिसमें से रोपवे पर करीब 17.91 करोड़ रुपए की लागत आ रही है।
यह प्रोजेक्ट किस योजना के तहत बन रहा है?
यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत बनाया जा रहा है।
रोपवे के अलावा किले में और क्या सुविधाएं बन रही हैं?
किले के परिसर में नया कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, व्यूइंग गैलरी और डेकोरेटिव लाइटिंग लगाई जा रही है।
रोपवे हर घंटे कितने यात्रियों को ले जा सकेगा?
यह रोपवे सिस्टम हर घंटे 250 से 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR