उत्तर प्रदेश में डीजीपी राजीव कृष्ण का बड़ा एक्शन, नौ जिलों के दस थानेदार सस्पेंडजयपुर नगर निगम में फूल-मालाओं की खरीद पर बड़ा विवाद, 8 महीनों में खर्च हुए 17 लाख से ज्यादाभोपाल में वीआईपी सुरक्षा को चुनौती, आईएएस विवेक पोरवाल के बंगले से कटा चंदन का पेड़जसवंतनगर में चार दशकों से अटूट है समाजवादियों का तिलिस्म, जानिए कैसे कायम रहा यह गढ़वास्तु के अनुसार रसोई की इन गलतियों से आ सकती है आर्थिक तंगी, स्लैब से तुरंत हटाएं ये चीजेंझुंझुनूं का ऐतिहासिक बादलगढ़: वीरता, वास्तुकला और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसालअनंत सिंह और नीलम देवी के मामले पर पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को घेरा, बोले- यह तो इस्तेमाल करो और फेंको की नीति हैएसिड की बेलगाम बिक्री और हमलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा ठोस जवाबसोनिया गांधी की आत्मकथा बिलॉन्गिंग ए जर्नी ऑफ लव दस नवंबर को होगी रिलीजअरविन्द केजरीवाल ने प्रकाश पर्व पर दी शुभकामनाएं, सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
चित्रकूट में देवांगना घाटी के ऊंचे पहाड़ों पर बसा पंपापुर आश्रम, जहां आध्यात्म और प्रकृति का अनोखा मेलयात्रा
9 अग॰ 2026, 9:57 am (79 दिन पहले)· 4

चित्रकूट में देवांगना घाटी के ऊंचे पहाड़ों पर बसा पंपापुर आश्रम, जहां आध्यात्म और प्रकृति का अनोखा मेल

चित्रकूट के घने जंगलों और देवांगना घाटी की पहाड़ियों के बीच स्थित पंपापुर आश्रम को अब पर्यटकों के लिए विकसित करने की तैयारी है। यह ऐतिहासिक आश्रम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

चित्रकूट क्षेत्र को भगवान श्रीराम की पावन तपोभूमि के तौर पर पहचाना जाता है। इस पावन धरती पर कई ऐसे पौराणिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों को अपनी तरफ खींचते हैं। ऐसे ही चुनिंदा स्थानों में पंपापुर आश्रम का नाम भी शामिल है, जो देवांगना घाटी की ऊंची पहाड़ियों पर और घने जंगलों के आंचल में स्थित है। यह जगह कुदरती खूबसूरती और रूहानी सुकून का अनूठा संगम मानी जाती है।

प्रकृति की गोद में बसा शांत ठिकाना

इस आश्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां कदम रखते ही सैलानियों को पहाड़ों, हरी-भरी वादियों और वनों के बीच एक अलौकिक शांति का अहसास होता है। मानसून के दिनों में इस इलाके का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाता है। पहाड़ियों के दामन में फैली हरियाली और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य देखने वालों का मन मोह लेते हैं। यही कारण है कि बरसात के सीजन में काफी संख्या में लोग यहां कुदरत के इस रूप का लुत्फ उठाने आते हैं। परंपराओं और मान्यताओं के मुताबिक, इस प्राचीन जगह पर प्राचीन काल में ऋषि-मुनि और साधु-संत बैठकर ध्यान और साधना किया करते थे। जानकारों के अनुसार यह जगह दो सौ वर्ष से भी ज्यादा पुरानी है। आज भी उस परिसर में वह पावन स्थान सुरक्षित है, जहां बैठकर साधु-संत अपनी तपस्या पूरी करते थे।

ये भी पढ़ें

सुविधाओं की कमी और विकास की योजनाएं

धार्मिक और प्राकृतिक रूप से बेहद अहम होने के बावजूद, इस आश्रम में अब तक सैलानियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है। यहां आने वाले लोगों के लिए बैठने के इंतजाम, पीने के पानी और अन्य जरूरी सहूलियतों की कमी आज भी बनी हुई है। इसी वजह से इस क्षेत्र को संवारने की मांग काफी समय से उठाई जा रही थी। अब इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला प्रशासन की ओर से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए तमाम जरूरी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस योजना के अमलीजामा पहनने से भविष्य में यहां आने वाले लोगों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

प्राचीन विरासत का अहम हिस्सा

स्थानीय निवासी सत्यप्रकाश द्विवेदी ने इस ऐतिहासिक जगह के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पंपापुर आश्रम चित्रकूट की पुरानी और समृद्ध विरासत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीते समय में यहां बड़ी संख्या में साधु-संत आकर वास करते थे और कठोर तपस्या में लीन रहते थे। आज के समय में भी इस पवित्र स्थल से अनगिनत लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए यह भी साझा किया कि आज भी इस परिसर में संतों की साधना और तप के दौर की अनुगूंज महसूस होती है। जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच घिरे होने की वजह से यह आश्रम आने वाले लोगों को मानसिक शांति के साथ-साथ प्रकृति के बेहद करीब होने का अहसास कराता है। यही वजह है कि चित्रकूट की यात्रा पर आने वाले सैलानियों के बीच यह आश्रम धीरे-धीरे एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

सवाल-जवाब

पंपापुर आश्रम कहां स्थित है?
पंपापुर आश्रम चित्रकूट में देवांगना घाटी की ऊंची पहाड़ियों के बीच घने जंगलों में स्थित है।
यह आश्रम कितना पुराना माना जाता है?
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पंपापुर आश्रम करीब 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है।
पंपापुर आश्रम का मुख्य आकर्षण क्या है?
यह आश्रम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साधु-संतों की तपस्थली के रूप में ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
प्रशासन द्वारा इस आश्रम के लिए क्या योजना बनाई जा रही है?
जिला प्रशासन की ओर से आश्रम में पर्यटकों की सुविधा के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp