झीलों के शहर उदयपुर में बारिश के बाद प्रकृति ने बेहद खूबसूरत छटा बिखेर दी है, जिसके चलते देश भर से पर्यटक यहां खिंचे चले आ रहे हैं। हरी-भरी अरावली की पहाड़ियां,कलकल करते झरने और लबालब भरी झीलें इस शहर के आकर्षण को कई गुना बढ़ा रही हैं। मौसम का मिजाज सुहाना होने की वजह से पर्यटन गतिविधियों में जबरदस्त तेजी दर्ज की जा रही है। आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस बार अगस्त महीने के दौरान आने वाले स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के सार्वजनिक अवकाशों के मेल से बने लंबे वीकेंड का स्थानीय व्यापार को बहुत बड़ा संबल मिलने की पूरी संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे चलाने वाले कारोबारियों ने खास मानसून ऑफर्स की शुरुआत की है।
खास मानसून पैकेज और तेजी से बढ़ती बुकिंग
आगंतुकों को लुभाने के लिए कई बड़े होटलों ने दो रात और तीन दिन के विशेष विश्राम पैकेज बाजार में उतारे हैं। इन पैकेजों के तहत मेहमानों को ठहरने की सुविधा के साथ स्थानीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण, प्रामाणिक राजस्थानी खानपान, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पर्यटकों की तरफ से इन आकर्षक प्रस्तावों को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है, जिसके चलते अग्रिम बुकिंग का सिलसिला जोरों पर है। कारोबारियों का कहना है कि महीने के मध्य में मिलने वाली छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए परिवार और युवा सैलानी बड़ी संख्या में अपनी यात्रा की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं। परिणामस्वरूप, आवास इकाइयों में कमरों के आरक्षण का आंकड़ा तेजी से ऊपर जा रहा है और कई बेहतरीन संपत्तियों में तो वीकेंड के लिए पहले ही अधिकांश कमरे बुक हो चुके हैं।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उमड़ रही भारी भीड़
बरसात के इस सुहावने दौर में शहर के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों पर सैलानियों का तांता लगा हुआ है। फतेहसागर झील, पिछोला झील, सज्जनगढ़ पैलेस, बाड़ी झील, बाहुबली हिल्स, जैसमंद, सहेलियों की बाड़ी और आसपास के प्राकृतिक झरने इस समय लोगों के मुख्य आकर्षण केंद्र बने हुए हैं। बारिश के बाद निखरा हुआ प्राकृतिक सौंदर्य और सर्द हवाएं पर्यटकों के सफर को यादगार बना रही हैं। दिन ढलने और सुबह के वक्त जलाशयों के तटों तथा पहाड़ी रास्तों पर सैर करने वालों का तांता लगा रहता है। जानकारों का कहना है कि वर्षा ऋतु का समय हमेशा से ही इस क्षेत्र के लिए खास रहा है, लेकिन इस बार छुट्टियों की लंबी श्रृंखला के कारण आतिथ्य सत्कार, परिवहन सेवाओं, खानपान प्रतिष्ठानों, हस्तकला बाजारों और स्थानीय दुकानदारों के व्यापार में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक सेहत को मजबूती मिलेगी।
मेवाड़ी संस्कृति और विरासत का अनुभव
यहां पहुंचने वाले सैलानी केवल प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ही नहीं उठा रहे, बल्कि मेवाड़ी संस्कृति, स्थानीय व्यंजनों के जायके और ऐतिहासिक धरोहरों को भी बेहद करीब से अनुभव कर रहे हैं। शाम के समय लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाने वालों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। इन सब बातों से इस प्राचीन शहर की गिनती देश के चुनिंदा और पूर्ण पर्यटन स्थलों के रूप में और अधिक पुख्ता हो रही है। आतिथ्य कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर मौसम का मिजाज इसी तरह मेहरबान रहा, तो अगस्त के आगामी लंबे अंतःसप्ताहों में यहां आने वाले पर्यटकों का आंकड़ा नए रिकॉर्ड बना सकता है। इसे देखते हुए सभी प्रबंधकों ने अपनी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली हैं ताकि मेहमानों को बेहतरीन सुविधाएं दी जा सकें।



















