कानपुर से कैलाश मानसरोवर गए तीन लोग लापता, नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के बीच टूटा संपर्कपटना में ट्रक चालक की पीट-पीटकर हत्या का सनसनीखेज मामला, आक्रोशित ड्राइवरों का जोरदार प्रदर्शनफिल्म टॉक्सिक में संजीदा शेख के कैमियो ने जीता दर्शकों का दिल, यश की मां बनकर बिखेरा अभिनय का जादूबजट 2027: वित्त मंत्रालय 12 अक्टूबर से शुरू करेगा तैयारियां, 1 फरवरी को पेश होगा वित्तीय दस्तावेजएससीओ शिखर सम्मेलन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य एशिया दौरे से पाकिस्तान और चीन की बढ़ी चिंतानीट आंदोलन से चर्चा में आईं रिया अहीर बिग बॉस 20 में आ सकती हैं नजरसफर के दौरान कार की बैटरी हो जाए डिस्चार्ज, अपनाएं ये आसान तरीकाजमुई के पास वीकेंड पर घूमने के लिए 5 बेहतरीन जगहें, एक दिन की ट्रिप में लें आस्था और रोमांच का मजालखनऊ को मिला नया फ्रेगरेंस पार्क और श्रीराम सीनियर सिटीजन होम, राजनाथ सिंह ने दी बड़ी सौगातेंमहिला एशिया कप 2026 में थाईलैंड से भिड़ेगी भारतीय टीम, जानिए कब और कहां देख सकेंगे मुकाबला
बिना तेल के तैयार करें पारंपरिक राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार, जानें आसान विधिट्रेंड्स
29 अग॰ 2026, 11:03 pm (1 घंटे पहले)· 2

बिना तेल के तैयार करें पारंपरिक राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार, जानें आसान विधि

राजस्थानी शैली में बनने वाला यह पानी वाला मिर्च का अचार बिना तेल के तैयार किया जाता है और इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा बढ़ा देता है.

पारंपरिक राजस्थानी भोजन की थाली में अचार का अपना एक खास महत्व होता है. चाहे गरमागरम पराठा हो, दाल-बाटी हो या फिर साधारण दाल-चावल, इसके साथ यदि थोड़ा सा चटपटा अचार मिल जाए तो भोजन का स्वाद दोगुना हो जाता है. हालांकि, कई लोग सेहत या अन्य कारणों से तेल के सेवन से बचना चाहते हैं. ऐसे खाने के शौकीनों के लिए राजस्थान की यह पारंपरिक रेसिपी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है. इसे पानी वाला मिर्च का अचार या फिर मिर्ची की कांजी के नाम से भी जाना जाता है. इस रेसिपी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाने में तेल की एक बूंद की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है. हरी मिर्च, चुनिंदा मसालों और पानी के तालमेल से तैयार होने वाला यह अचार कुछ ही दिनों में पूरी तरह से स्वाद से भर जाता है. इसकी भीनी-भीनी खुशबू और चटपटा खट्टा-तीखा स्वाद इसे बाजार में मिलने वाले सामान्य तेल वाले अचारों से बिल्कुल अलग खड़ा करता है. विशेष तौर पर गर्मियों या बरसात के मौसम में घर के बने खाने के साथ इस तरह का तीखापन भोजन को और भी मजेदार बना देता है. हालांकि, इसे बनाते और संभालते समय साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन करना बहुत जरूरी होता है ताकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे.

पानी वाले मिर्च के अचार की खासियत

सामान्य तौर पर किसी भी मिर्च के अचार को तैयार करने में तेल, मसालों और नमक की बहुत अधिक मात्रा का उपयोग किया जाता है. इसके मुकाबले पानी वाला यह अचार एक अलग श्रेणी में आता है. इस विधि में हरी मिर्च को पहले हल्का नरम किया जाता है और फिर उसमें मसालों को भरकर पानी के साथ रखा जाता है. ऐसा करने से मिर्च धीरे-धीरे मसालों के सभी स्वादों को अच्छी तरह सोख लेती है. इस अनोखे अचार में राई, सौंफ, मेथीदाना और भुना हुआ जीरा जैसे पारंपरिक मसालों का प्रयोग किया जाता है. यही खास मसाले इसे एक बेहतरीन खुशबू और जायकेदार तीखापन प्रदान करते हैं. कई घरों में इसके स्वाद में और अधिक खटास जोड़ने के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल भी किया जाता है. बेहतरीन स्वाद के साथ-साथ यह उन लोगों के लिए भी एक आदर्श विकल्प है जो अपने खानपान में तेल की मात्रा को कम रखना पसंद करते हैं.

ये भी पढ़ें

अचार तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री

इस पारंपरिक राजस्थानी रेसिपी को बनाने के लिए लगभग 500 ग्राम ताजी और कम तीखी हरी मिर्च की आवश्यकता होती है. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मिर्च बहुत ज्यादा गली हुई या खराब नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा मसालों के रूप में राई, सौंफ, मेथीदाना, भुना हुआ जीरा, हल्दी पाउडर, हींग और स्वादानुसार नमक की जरूरत होती है. अचार में एक बेहतरीन खटास लाने के लिए लगभग दो चम्मच सफेद सिरके का उपयोग किया जा सकता है.

बनाने की पूरी चरणबद्ध प्रक्रिया

इस लजीज अचार को बनाने की शुरुआत सबसे पहले हरी मिर्च को साफ पानी से अच्छी तरह धोने और फिर एक सूती कपड़े से पूरी तरह सुखाने से होती है. इसके बाद एक बर्तन में पानी उबालने के लिए रखें. जैसे ही पानी में उबाल आने लगे, उसमें तैयार मिर्च को डाल दें और तुरंत गैस बंद कर दें. अब इस बर्तन को करीब 10 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें. इस प्रक्रिया से मिर्च अंदर से थोड़ी नरम हो जाती है लेकिन उसकी प्राकृतिक क्रंच और स्वाद बरकरार रहता है. इसके बाद मसाले तैयार करने के लिए राई, सौंफ, मेथीदाना और भुने हुए जीरे को दरदरा पीस लें. इस पिसे हुए मिश्रण में हल्दी, हींग और नमक अच्छी तरह मिला दें. अब उबले पानी से मिर्च को बाहर निकालें और पूरी तरह ठंडा होने दें. जब मिर्च ठंडी हो जाए तो हर मिर्च में लंबाई की दिशा में हल्का सा चीरा लगा लें, लेकिन ध्यान रहे कि मिर्च पूरी तरह से दो अलग हिस्सों में न कटे. अब इस तैयार मसाले को प्रत्येक मिर्च के अंदर सावधानी से भर दें. इसके बाद एक पूरी तरह साफ और सूखे कांच के जार में इन सभी भरी हुई मिर्चों को एक-एक करके व्यवस्थित रूप से रख दें. जिस पानी में मिर्च को उबाला था, उसे पूरी तरह ठंडा करने के बाद जार के अंदर डाल दें. इसी पानी में करीब दो चम्मच सफेद सिरका भी मिलाया जा सकता है. जार के ढक्कन को कसकर बंद करने के बजाय इसे किसी साफ सूती कपड़े से ढककर रखना चाहिए. इस जार को लगभग 3 से 4 दिनों तक किसी धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखना उपयुक्त रहता है. इस समयावधि के दौरान अचार के अंदर मसालों का स्वाद और खट्टापन धीरे-धीरे रच-बस जाता है. जब आपको यह महसूस हो कि अचार अपनी खुशबू और स्वाद में पूरी तरह तैयार हो चुका है, तो इसे उठाकर फ्रिज में रख देना चाहिए.

स्टोर करते समय किन बातों का रखें ध्यान

अचार से किसी भी हिस्से को बाहर निकालने के लिए हमेशा पूरी तरह साफ और सूखे चम्मच का ही उपयोग करना चाहिए. जार के अंदर किसी भी तरह का गंदा पानी या नमी चले जाने से अचार बहुत जल्दी खराब हो सकता है. तैयार हो चुके इस अचार को हमेशा फ्रिज के अंदर स्टोर करना ज्यादा बेहतर माना जाता है. यह अचार कितने लंबे समय तक सुरक्षित रह पाएगा, यह पूरी तरह से इसकी साफ-सफाई, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता और स्टोरेज की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. इसलिए यदि आपको इसमें किसी भी प्रकार की खराब गंध, फफूंदी या कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो इसका सेवन बिल्कुल न करें.

खाने के साथ परोसने के तरीके

इस पारंपरिक राजस्थानी पानी वाले मिर्च के अचार को दाल-चावल, पराठे, पूरी या फिर पूरी तरह सजी हुई राजस्थानी थाली के साथ परोसा जा सकता है. कई लोग इसके खट्टे और तीखे पानी को भी बेहद चाव से पसंद करते हैं. हालांकि, इसे किसी भी तरह के विशेष चिकित्सीय स्वास्थ्य लाभ का साधन मानने के बजाय भोजन का स्वाद बढ़ाने वाली एक पारंपरिक रेसिपी के रूप में ही देखा जाना चाहिए.

सवाल-जवाब

पानी वाला मिर्च का अचार बनाने में तेल की आवश्यकता क्यों नहीं होती है?
इस पारंपरिक विधि में मिर्च को मसालों और उबले हुए पानी के साथ रखा जाता है, जिससे तेल के बिना भी स्वाद और संरक्षण मिल जाता है।
इस रेसिपी के लिए किस प्रकार की मिर्च का उपयोग करना चाहिए?
इसके लिए लगभग 500 ग्राम ताजी और कम तीखी हरी मिर्च का उपयोग किया जाता है जो बहुत अधिक नरम या खराब न हो।
अचार में खटास लाने के लिए क्या मिलाया जाता है?
स्वाद में अतिरिक्त खटास जोड़ने के लिए पानी में लगभग दो चम्मच सफेद सिरका मिलाया जा सकता है।
तैयार अचार को कितने दिनों तक धूप में रखना चाहिए?
जार को साफ सूती कपड़े से ढककर लगभग 3 से 4 दिनों तक धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखा जाता है।
अचार तैयार होने के बाद इसे कहाँ स्टोर करना चाहिए?
जब अचार पूरी तरह तैयार हो जाए तो इसे सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रख देना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR