भारतीय खानपान में मूंग दाल के हलवे को एक विशेष स्थान प्राप्त है। विशेष रूप से सर्द मौसम, बड़े उत्सवों और मांगलिक आयोजनों में इस मिठाई को बहुत चाव से खाया जाता है। इसका स्वाद जितना अनूठा होता है, इसे तैयार करने की प्रक्रिया उतनी ही श्रमसाध्य मानी जाती है। हालांकि थोड़ी सी समझदारी और भूनने की सही तकनीक अपनाकर आप घर पर ही हलवाई जैसा शानदार मूंग दाल हलवा तैयार कर सकते हैं।
हलवा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और तैयारी
इस लजीज मिठाई को बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले मूंग दाल को स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे लगभग 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। जब दाल पूरी तरह फूल जाए तब उसका सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह बाहर निकाल दें। अब इस भीगी हुई दाल को मिक्सी के जार में डालें और बिना पानी के या बहुत मामूली पानी का इस्तेमाल करके दरदरा पीस लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दाल का पेस्ट एकदम चिकना नहीं होना चाहिए, क्योंकि हलवे की सही बनावट के लिए उसका हल्का सा दरदरापन बेहद जरूरी है।
धीमी आंच पर दाल को भूनने की प्रक्रिया
खाना पकाने के लिए एक भारी तले का बर्तन या कड़ाही गैस पर गर्म करें और उसमें पर्याप्त मात्रा में घी डालें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए तब उसमें पिसी हुई मूंग दाल को मिला दें। अब इस मिश्रण को धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चम्मच चलाते हुए भूनना शुरू करें। यह चरण मूंग दाल का हलवा बनाने की प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है। दाल को तब तक भूनते रहें जब तक उसका कच्चापन पूरी तरह समाप्त न हो जाए और उसका रंग बदलकर हल्का सुनहरा न दिखने लगे। जब दाल सही तरीके से भून जाती है तो उससे घी अपने आप अलग दिखाई देने लगता है और आसपास एक सौंधी सी खुशबू फैल जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 से 30 मिनट का समय लग सकता है, इसलिए किसी भी तरह की जल्दबाजी करने से बचें।
दूध और पानी मिलाने का सही तरीका
एक अलग बर्तन में दूध और पानी को हल्का गर्म कर लें। अब इस गर्म किए हुए दूध और पानी के मिश्रण को भुनी हुई दाल में बहुत धीरे-धीरे डालें और साथ ही लगातार चम्मच भी चलाते रहें। तरल पदार्थ डालते समय कड़ाही से छींटे उड़ सकते हैं, इसलिए इस दौरान पूरी सावधानी बरतें। दाल को तब तक पकने दें जब तक वह सारे तरल को अच्छी तरह अपने अंदर सोख न ले और मिश्रण दोबारा गाढ़ा न होने लगे। इसके बाद इसमें तय मात्रा में चीनी मिलाएं और इसे अच्छी तरह मिला दें। चीनी डालते ही हलवा एक बार फिर से थोड़ा पतला हो जाएगा। इसे लगातार चलाते हुए तब तक पकाते रहें जब तक इसकी अतिरिक्त नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए।
मावा और मेवों से दें अंतिम स्वाद
अब इस मिश्रण में मावा यानी खोया डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि यह पूरी तरह घुल जाए। इसके पश्चात इसमें इलायची पाउडर और केसर के धागे मिला दें। बारीक कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता भी इसी समय इसमें शामिल कर दें। हलवे को कुछ मिनटों के लिए और पकने दें, जब तक कि घी बर्तन के किनारों पर साफ नजर आने लगे और हलवा आपकी पसंद की गाढ़ी बनावट में आ जाए।



















