भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा सोशल मीडिया पर जेन जी पीढ़ी को लेकर शेयर किया गया एक वीडियो राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 29 जुलाई बुधवार को साझा किए गए इस वीडियो में एक तरफ डांस करती हुई लड़कियों की क्लिप दिखाई गई थी, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पुरस्कार प्राप्त कर रही एक छात्रा की तस्वीर पेश की गई थी। इस पोस्ट के जरिए पार्टी ने सवाल उठाया था कि युवा पीढ़ी किस विचारधारा को चुनना चाहती है। हालांकि, वीडियो में दिख रही एक छात्रा उर्वशी पलंदुरकर ने अपने ही अंदाज में इस पर आपत्ति जताते हुए एक पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए पार्टी के दावों का जवाब दिया, जिसके बाद उनका यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया।
छत्तीसगढ़ भाजपा का विवादित वीडियो पोस्ट और उसकी पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ भाजपा ने 29 जुलाई बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक तुलनात्मक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो क्लिप में एक हिस्से में युवा लड़कियां डांस करती नजर आ रही थीं, जबकि दूसरे हिस्से में एक मेधावी छात्रा को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित होते दिखाया गया था। पोस्ट के साथ लिखे कैप्शन में पार्टी ने सीधे तौर पर जेन जी से सवाल करते हुए पूछा था कि वे 'बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाली Gen Z' का चयन करेंगे या फिर 'प्रदेश का मान बढ़ाने वाली Gen Z' के साथ खड़े होंगे। राजनीतिक रूप से प्रेरित इस संदेश का उद्देश्य युवा मतदाताओं को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर पेश करना था।
उर्वशी पलंदुरकर की पीपीटी प्रेजेंटेशन और तीन मुख्य आपत्तियां
भाजपा के इस अभियान का जवाब देने के लिए वीडियो में दिख रही छात्रा उर्वशी पलंदुरकर खुद सामने आईं। उर्वशी ने सबसे पहले अपनी अनुमति के बिना निजी डांस वीडियो का इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने बताया कि इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई लोगों के संदेश उन्हें मिलने लगे, जिनमें लोग उनकी खैरियत पूछ रहे थे। इसके बाद उर्वशी ने बेहद मजाकिया और तर्कपूर्ण अंदाज में एक पीपीटी वीडियो तैयार किया और भाजपा की पोस्ट में मौजूद कमियों को तीन प्रमुख बिंदुओं में उजागर किया।
अपने पहले बिंदु में उर्वशी ने कहा कि पोस्ट का कैप्शन काफी कमजोर है और ऐसा लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल चैट-जीपीटी से अच्छे उत्तर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 'बाबर की विरासत' जैसे शब्दों से आज की युवा पीढ़ी बिल्कुल भी जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रही है। दूसरे बिंदु में उन्होंने वर्ष 2026 में बांटो और राज करो की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस जेन जी की एकजुटता ने संसद तक को इस शब्द का मतलब सिखाया, उसे आपस में विभाजित नहीं किया जा सकता। तीसरे और सबसे अहम बिंदु में उर्वशी ने उदाहरण देकर साबित किया कि पढ़ाई और इतर गतिविधियां एक साथ आसानी से चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें 10वीं कक्षा में 93 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में भी 93 प्रतिशत अंक मिले थे। इसके साथ ही उन्होंने अपने घर का लिविंग रूम दिखाया, जो डांस, अकेडमिक्स, योगा और कराटे की ट्राफियों व मेडल्स से भरा हुआ था।
सोशल मीडिया पर समर्थन और राजनीतिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं
उर्वशी पलंदुरकर का यह हाजिरजवाबी से भरा वीडियो इंटरनेट पर अपलोड होते ही तेजी से वायरल हो गया और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने इसकी सराहना की। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने क्लिप पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "भगवान तुम्हें आशीर्वाद दे बेटा, तुम्हारी पॉजिटिविटी बहुत अच्छी लगी।" इसके अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी बिना किसी टिप्पणी के इस वीडियो को शेयर करके छात्रा के रुख का मौन समर्थन किया।
वहीं कॉकरोच पार्टी (सीजेपी) ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भाजपा ने जेन जी लड़की को बदनाम करने का प्रयास किया, लेकिन छात्रा ने शानदार पीपीटी के जरिए करारा जवाब दिया है और जेन जी को हराना आसान नहीं है। सोशल मीडिया विश्लेषक अभिजीत दीपके ने भी उर्वशी की बौद्धिकता और हाजिरजवाबी की तारीफ करते हुए उन्हें 'लीजेंड' करार दिया।



















