टोरंटो में रहने वाले डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफर मैट एटिया पिछले दो दशकों से अपने कान के एक हिस्से के हरे रंग को लेकर खासे परेशान थे। उन्होंने इस बात का खुलासा किया किशोरावस्था से पहले यानी जब उनकी उम्र करीब 10 साल थी, तब उन्होंने अपने कान छिदवाए थे। कुछ समय बीतने के बाद उनके एक कान में संक्रमण हो गया और उस विशेष हिस्से की त्वचा का रंग बदलकर हरा हो गया। बचपन से लेकर बड़े होने तक लोग अक्सर उनके कान के इस अजीब रंग को लेकर सवाल पूछा करते थे, लेकिन किसी को इसकी असली वजह समझ नहीं आ रही थी।
डॉक्टरों की राय और वर्षों पुराना भ्रम
इस अजीब स्थिति को समझने के लिए मैट एटिया ने उस दौरान कई चिकित्सकों और त्वचा विशेषज्ञों से परामर्श किया था। हालांकि, हर बार डॉक्टरों ने यही निष्कर्ष निकाला कि वह हरा निशान केवल एक स्कार टिश्यू है। मैट को भी यही मान लेना पड़ा कि कान के अंदर बनी वह गांठ किसी पुराने संक्रमण या चोट का परिणाम है। हालांकि, यह बात उन्हें लगातार असहज करती थी कि परिचित और अजनबी दोनों ही उनके कान के रंग पर हैरान होकर सवाल करते थे। वह लगातार इस बात से जूझते रहे कि आखिर उनकी त्वचा का वह हिस्सा क्यों अजीब तरह से हरा दिखाई देता है।
संक्रमण के बाद गायब हुई ईयररिंग का रहस्य
जब कान में संक्रमण की समस्या शुरू हुई थी, तो मैट एटिया ने बिना किसी देरी के अपनी ईयररिंग को बाहर निकाल दिया था। उस वक्त उनके कान की हालत काफी ज्यादा बिगड़ चुकी थी। तमाम इलाज और देखरेख के बाद भी उनके कान के भीतरी हिस्से में एक नन्हीं सी गांठ बनी रह गई थी। यह गांठ वहां पर सालों-साल तक बनी रही और उसके आसपास का दायरा हरा नजर आने लगा। संक्रमण तो ठीक हो गया था, लेकिन ईयररिंग का एक मुख्य हिस्सा अनजाने में वहीं अंदर ही छूट गया था जिसके बारे में किसी को कोई भनक नहीं लगी।
डेंटल चेकअप के दौरान हुआ चौंकाने वाला खुलासा
हाल ही में जब मैट एटिया एक सामान्य और नियमित डेंटल चेकअप के लिए अपने दंत चिकित्सक के पास पहुंचे, तो पूरी कहानी पलट गई। डेंटिस्ट द्वारा की गई जांच के दौरान जब एक्स-रे किया गया, तो उसमें एक ऐसी चीज नजर आई जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। एक्स-रे की रिपोर्ट में साफ तौर पर यह दिखाई दिया कि कान के अंदर कोई धातु जैसी चीज दबी हुई है। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि लगभग 20 साल पहले कान से निकाली गई ईयररिंग का बटरफ्लाई बैक वाला हिस्सा उनके शरीर के अंदर ही फंसा रह गया था। इस पुरानी धातु को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए उन्हें अंततः प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लेना पड़ा।
अन्य लोगों के अनुभव और मेटल का प्रभाव
मैट एटिया द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस अनोखी घटना को साझा करने के बाद कई अन्य लोगों ने भी अपने ऐसे ही अनुभव सामने रखे। एक यूजर ने उनके पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए बताया कि उनके साथ भी बचपन में कुछ ऐसा ही वाकया हुआ था, जहां ईयररिंग का पिछला हिस्सा कान के भीतर ही अटक गया था। हालांकि उनके माता-पिता ने समय रहते इस बात को भांप लिया था और जब वह करीब 7 साल के थे, तब सर्जरी के जरिए उसे बाहर निकाल लिया गया था। अब उनकी उम्र 19 साल हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनके कान की त्वचा का रंग अभी भी बदला हुआ है। इस सिलसिले में एक पियर्सर ने उन्हें समझाया कि जब कोई मेटल धातु लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में रहती है, तो समय के साथ वह उस जगह पर अपना रंग हमेशा के लिए छोड़ देती है।



















