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ब्रिक्स समिट के डिनर में परोसा गया दुनिया का सबसे महंगा गुच्छी मशरूमट्रेंड्स
14 सित॰ 2026, 3:18 am (48 मिनट पहले)· 0

ब्रिक्स समिट के डिनर में परोसा गया दुनिया का सबसे महंगा गुच्छी मशरूम

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वीं ब्रिक्स समिट के गाला डिनर में दुनिया के सबसे महंगे गुच्छी मशरूम को मेहमानों के लिए परोसा गया।

भारत की मेजबानी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 18वीं ब्रिक्स समिट का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के कई दिग्गज नेता और विदेशी मेहमान शामिल हुए। मेहमानों के स्वागत और सम्मान के लिए शनिवार को एक विशेष गाला डिनर का प्रबंध किया गया था। इस भव्य रात्रिभोज में भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक और खास डिशेज परोसी गईं, जिनमें गुच्छी मशरूम ने सभी का ध्यान खींचा। गुच्छी मशरूम को दुनिया की सबसे महंगी खाद्य प्रजातियों में गिना जाता है, जिसकी कीमत बाजार में 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है।

केसर और बादाम के साथ तैयार हुई खास डिश

ब्रिक्स समिट के इस विशेष डिनर में परोसे गए गुच्छी मशरूम को बेहद खास तरीके से पकाया गया था। इसे तैयार करने में केसर, किशमिश और मामरा बादाम का इस्तेमाल किया गया था। इसकी गुणवत्ता और अनूठी रेसिपी के कारण ही इसकी कीमत 40 हजार रुपये प्रति किलो तक आंकी जाती है। इस मशरूम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी व्यावसायिक खेती नहीं की जाती है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से पहाड़ों की दुर्गम जगहों पर उगता है, जिसके कारण बाजार में इसकी उपलब्धता काफी सीमित रहती है।

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पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से होता है विकास

यह दुर्लभ मशरूम मुख्य रूप से देश के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पाया जाता है। यह सामान्य जंगलों और पहाड़ों की गोद में पनपता है। इसके विकास के लिए एक विशेष प्रकार के पर्यावरणीय माहौल की आवश्यकता होती है। मिट्टी की गुणवत्ता, सही नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और सर्दियों के बाद बर्फ पिघलने पर बनने वाली खास परिस्थितियां इसके उगने में मदद करती हैं। इन्ही जटिल प्राकृतिक जरूरतों के कारण गुच्छी आसानी से नहीं मिलती और इसे एक अत्यंत दुर्लभ खाद्य पदार्थ माना जाता है।

संग्रह करने का मौसम और कीमत का दायरा

गुच्छी मशरूम कब और कहां उगेगी, इसका सटीक अनुमान लगाना किसानों या स्थानीय लोगों के लिए संभव नहीं होता। इसके अलावा, इसे जंगलों से चुनकर इकट्ठा करने का सीजन भी बहुत छोटा होता है। कम पैदावार और श्रमसाध्य संग्रह प्रक्रिया के चलते यह दुनिया की सबसे महंगी खाद्य मशरूमों में शामिल है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी गुच्छी की कीमत 15,000 रुपये से शुरू होकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। हालांकि, यह दाम मशरूम की ग्रेड, क्वालिटी और बाजार की मांग के अनुसार कम या ज्यादा हो सकते हैं।

पोषण से भरपूर और सेहत के लिए फायदेमंद

गुच्छी मशरूम केवल अपनी भारी कीमत और विशिष्ट स्वाद के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह अपने अंदर कई पोषक तत्व भी समेटे हुए है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, डाइटरी फाइबर और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके सेवन से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। कुछ अध्ययनों और रिपोर्ट्स में इसमें विटामिन डी की मौजूदगी की बात भी कही गई है। हालांकि, इसमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा इसके ताजे या सूखे होने के साथ-साथ इसकी प्रजाति और उद्गम स्थल पर भी निर्भर करती है। यही वजह है कि इसे संतुलित आहार का एक बेहतरीन हिस्सा माना जाता है।

सवाल-जवाब

गुच्छी मशरूम की कीमत कितनी होती है?
गुच्छी मशरूम की कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के आधार पर 15,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है।
यह मशरूम भारत में कहां पाया जाता है?
यह मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी और जंगलों वाले इलाकों में पाया जाता है।
ब्रिक्स समिट के डिनर में इसे कैसे परोसा गया था?
ब्रिक्स समिट के गाला डिनर में गुच्छी मशरूम को केसर, किशमिश और मामरा बादाम के साथ तैयार करके परोसा गया था।
गुच्छी मशरूम की खेती क्यों नहीं की जाती है?
यह मशरूम कृत्रिम रूप से नहीं उगाया जा सकता क्योंकि इसके विकास के लिए विशेष प्राकृतिक वातावरण और बर्फ पिघलने जैसी खास परिस्थितियां चाहिए होती हैं।
इसमें कौन से मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं?
गुच्छी मशरूम में प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कुछ मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है।
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