समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी एक सार्वजनिक सभा में ली गई विवादित प्रतिज्ञा के चलते कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को आयोजित एक जनसमूह के दौरान हिंदू आस्था और आराध्य देवी-देवताओं में विश्वास न रखने का संकल्प लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के दादरी कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोपों के तहत यह मुकदमा पंजीकृत किया है।
दादरी कोतवाली में पुलिस कार्रवाई और दर्ज शिकायत
गोरक्षा हिंदू दल के प्रमुख वेद नागर ने दादरी कोतवाली पहुंचकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता के आचरण के खिलाफ औपचारिक तहरीर दी। पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर भाटी के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इंटरनेट पर व्यापक रूप से सामने आई इस वीडियो क्लिप ने देश भर के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आंतरिक आस्था को आहत किया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि इस तरह के कृत्य से समाज में सौहार्द बिगाड़ने तथा देश की शांति व्यवस्था में अशांति फैलाने का जानबूझकर प्रयास किया गया है।
गुर्जर समुदाय की ऐतिहासिक विरासत और सनातन परंपराएं
दादरी कोतवाली में दी गई अपनी शिकायत में वेद नागर ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए समाज की जड़ों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती सम्राट मिहिर भोज, वीरांगना राम प्यारी गुर्जर, राजमाता गुजरी तथा रामावतार भाटी जैसी महान विभूतियां गुर्जर बिरादरी के शौर्य और गौरवशाली अतीत की पहचान हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, गुर्जर समाज में जन्म लेने के बावजूद राजकुमार भाटी ने सार्वजनिक मंच पर भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, हिंदू देवी-देवताओं और संपूर्ण सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों के विरोध में अपनी बात रखी।
शिकायतकर्ता ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गुर्जर समाज की प्रतिष्ठा किसी एक व्यक्ति के निजी राजनीतिक झुकाव या महत्वाकांक्षा की मोहताज नहीं है। इस समाज का अस्तित्व सनातन परंपराओं, गहरे नैतिक संस्कारों, देशप्रेम और पूर्वजों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदानों से निर्मित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति सार्वजनिक मंचों से सनातन धर्म के विश्वासों को चुनौती देता है या उनका उपहास उड़ाता है, उसे समाज किसी भी सूरत में अपना नायक या आदर्श स्वीकार नहीं कर सकता।
राजनीतिक लाभ के लिए आस्था के अपमान का आरोप
दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने संकीर्ण राजनीतिक लाभ साधने के उद्देश्य से अपने ही धर्म और मान्यताओं की सार्वजनिक अवहेलना की है। शिकायत में कहा गया कि आराध्यों और सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं का इस प्रकार का अनादर पूरी तरह अस्वीकार्य है क्योंकि यह संपूर्ण समाज के मान-सम्मान और गहरी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।
वेद नागर ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि समाज में वैमनस्य फैलाने और माहौल खराब करने के इरादे से किए गए इस कृत्य के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भाटी के इस व्यवहार से गुर्जर समुदाय के साथ-साथ उन तमाम नागरिकों में रोष है जो सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं। पुलिस प्रशासन अब मामले के सभी कानूनी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।



















