मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अजनार नदी की सफाई के लिए महीनों तक संघर्ष करने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही का एक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ गई है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी गहरी निराशा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने किस प्रकार भारी मात्रा में कचरा बाहर निकाला था, लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर नदी एक बार फिर प्लास्टिक की थैलियों और अन्य कचरे से पट गई।
बिना आधुनिक उपकरणों के अकेले उठाया बीड़ा
सुरेंद्र सिंह चौधरी ने किसी भी प्रकार के विशेष उपकरणों या संसाधनों की सहायता के बिना, पूरी तरह अकेले ही आठ महीने तक लगातार अजनार नदी से कचरा निकालने का कठिन कार्य किया था। उनकी यह लंबी मेहनत तब व्यर्थ नजर आई जब सफाई के कुछ ही हफ्तों बाद असावधानी के कारण नदी में फिर से भारी गंदगी जमा हो गई, जिससे उनकी महीनों की कड़ी मशक्कत एक झटके में बेकार साबित हो गई।
निराशा को पीछे छोड़कर दोबारा शुरू किया अभियान
नदी के पट जाने से उपजी निराशा के बावजूद बिट्टू ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे और हार मानने से इनकार कर दिया। तैरने में बहुत अधिक माहिर न होने के बावजूद वे बिना डरे दोबारा नदी के ठंडे पानी में उतरे और एक-एक करके कचरा बाहर निकालने के काम में फिर से जुट गए। उनके द्वारा शेयर किए गए वीडियो क्लिप में नदी के किनारों पर फैले प्लास्टिक के अंबार और अन्य अवशेष साफ तौर पर देखे जा सकते हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को बयां करते हैं।
सोशल मीडिया पर मांगी जनता से मदद
मंगलवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए अपने वीडियो में उन्होंने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए लिखा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी आठ महीने की अथक मेहनत इस तरह बर्बाद हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों और फॉलोअर्स से अपील की कि वे अजनार नदी से ज्यादा से ज्यादा कचरा स्थायी रूप से हटाने के लिए उन्हें उपयोगी सुझाव दें ताकि इस विकट समस्या का कोई ठोस समाधान निकाला जा सके।



















