त्योहारी सीजन आते ही पूरे घर को व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाना एक बड़ा काम बन जाता है। रसोईघर में मसालों और तेल की चिपचिपाहट, अलमारी में अव्यवस्थित कपड़े, स्नानघर में पानी और साबुन के जिद्दी दाग तथा बैठक के फर्नीचर पर बैठी धूल साफ करते हुए अकसर पूरा दिन निकल जाता है। कई बार लोग यह तय नहीं कर पाते कि शुरुआत किस कमरे से करें और कौन सा हिस्सा पहले साफ करें। यदि बिना किसी स्पष्ट रणनीति के काम शुरू कर दिया जाए, तो न केवल शारीरिक मेहनत दोगुनी हो जाती है, बल्कि कई महत्वपूर्ण जगहें छूट भी जाती हैं। इसलिए पूरे घर की सफाई को छोटे और व्यवस्थित चरणों में बांटना सबसे समझदारी भरा कदम है।
काम शुरू करने से पहले बनाएं स्पष्ट योजना
सफाई का कोई भी सामान उठाने से पहले पूरे मकान का मुआयना करना बहुत उपयोगी रहता है। घर के हर हिस्से में जाकर देखें कि किस जगह सबसे ज्यादा कचरा, धूल और गैर-जरूरी सामान जमा हो रखा है। उन कोनों की एक प्राथमिक सूची तैयार कर लें जहां काम निपटाने में ज्यादा समय लगना तय है। इसके बाद सबसे पहला काम यह करें कि घर से ऐसा सारा सामान बाहर निकालें जिसकी अब कोई उपयोगिता नहीं बची है। रद्दी अखबार, पुराने खाली गत्ते के डिब्बे, टूटे-फूटे उपकरण और महीनों से बेकार पड़ी वस्तुओं को छांटकर अलग कर लें। जब यह कबाड़ हट जाता है, तो कमरों में खुली जगह बन जाती है और सफाई करते वक्त चीजों को बार-बार इधर-उधर खिसकाने की जरूरत नहीं पड़ती।
रसोईघर की जिद्दी चिकनाई से करें शुरुआत
सफाई अभियान का पहला चरण रसोईघर से शुरू करना सबसे व्यावहारिक माना जाता है। खाना पकाने, मसालों के इस्तेमाल और छौंक की वजह से यहां की सतहों पर तेल और चिकनाई की सख्त परत जम जाती है। सबसे पहले किचन के सभी कैबिनेट और दराजों को खाली करें और जिन खाद्य सामग्रियों की मियाद खत्म हो चुकी हो, उन्हें तुरंत कूड़ेदान में डाल दें। इसके बाद गैस चूल्हा, चिमनी का बाहरी हिस्सा, दीवार की टाइल्स और काम करने वाले प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह रगड़कर सफाई करें। कैबिनेट के भीतर और बाहर लगे पल्लों को सूखे और नम कपड़े से पोंछकर धूल हटाएं। जब बर्तनों को धोकर सही खानों में करीने से जमा दिया जाता है, तो रसोई पूरी तरह व्यवस्थित दिखती है और रोजाना भोजन पकाते समय किसी तरह की असुविधा नहीं होती।
बैठक और ड्रॉइंग रूम को दें सुव्यवस्थित रूप
रसोई का काम पूरा हो जाने के बाद बैठक यानी लिविंग रूम का नंबर आता है। यहां काम करते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले छत के पंखे, ट्यूबलाइट, खिड़कियों और पर्दों से धूल झाड़ें। इसके बाद सोफा, सेंटर टेबल, टीवी कैबिनेट और बाकी सजावटी फर्नीचर की सतहों को साफ करें। सोफे के कवर, गद्दियों के खोल और पर्दों को आवश्यकतानुसार धो लें। सोफे और भारी मेज के नीचे जमा जाले और धूल भी इसी दौरान पूरी तरह निकाल लें। आखिर में फर्श की सफाई करें। ऊपर से नीचे की तरफ काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पहले से चमकाई जा चुकी निचली सतहों पर दोबारा धूल गिरने का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाता है।
शयनकक्ष में अलमारी और बिस्तर की व्यवस्था
बेडरूम में कदम रखते ही सबसे पहले कपड़ों की अलमारी पर ध्यान केंद्रित करें। सारे कपड़ों को बाहर निकालकर अलग-अलग ढेरों में रखें। जो कपड़े छोटे हो चुके हैं या जिन्हें अब पहना नहीं जाता, उन्हें तुरंत अलग हटा दें। अलमारी के रैक और कोनों को पोंछकर साफ करने के बाद बचे हुए कपड़ों को तरीके से तह लगाकर वापस रखें। अलमारी संभल जाने के बाद पलंग के नीचे का हिस्सा, साइड टेबल, ड्रेसिंग टेबल और खिड़कियों की धूल हटाएं। बिस्तर की चादर, तकियों के कवर और खिड़कियों के पर्दे बदल दें या धोकर नए लगाएं। इससे पूरे कमरे का वातावरण शांत, ताजा और स्वच्छ महसूस होने लगता है।
स्नानघर में बरतें सुरक्षा और स्वच्छता के नियम
बाथरूम एक ऐसी जगह है जहां नमी, पानी के खारेपन और साबुन के झाग के कारण दीवारों और फर्श पर चिकनी परत जम जाती है। यहां वॉशबेसिन, पानी के नल, शॉवर, दीवार की टाइल्स और कमोड की गहन सफाई करें। शीशे को साफ और सूखे कपड़े से पोंछकर चमकाएं। स्नानघर की सफाई के लिए घर के बाकी हिस्सों से अलग ब्रश और कपड़े का उपयोग करें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि ब्लीच, तेजाब या अलग-अलग क्लीनिंग रसायनों को कभी भी आपस में न मिलाएं, क्योंकि इनके रासायनिक संपर्क से जानलेवा और जहरीली गैसें बन सकती हैं। काम के दौरान बाथरूम की खिड़की खुली रखें या एग्जॉस्ट फैन चलाकर हवा का संचार बनाए रखें।
दरवाजे, बालकनी और फर्श की अंतिम सफाई
जब घर के सभी कमरों की अंदरूनी सफाई और छंटाई का काम मुकम्मल हो जाए, तब अंत में पूरे मकान के फर्श पर झाड़ू लगाएं और फिनाइल या क्लीनर डालकर पोछा लगाएं। कमरों के मुख्य दरवाजे, कुंडियां, हैंडल, बिजली के स्विच बोर्ड और खिड़कियों की चौखटों पर जमी मैल को भी पोंछ लें। इसके साथ ही घर के मुख्य प्रवेश द्वार और बालकनी की सफाई को भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति की पहली नजर इन्हीं हिस्सों पर पड़ती है।



















