घरों के निर्माण और साज-सज्जा के दौरान दरवाजों और खिड़कियों के फ्रेम को लेकर अक्सर मकान मालिकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाली लकड़ी की चौखटें, दरवाजे और खिड़कियां समय बीतने के साथ अक्सर दीमक की चपेट में आ जाती हैं। लोग बार-बार इनकी मरम्मत और पेस्ट कंट्रोल पर पैसे खर्च करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दीमक फिर से ढांचे को अंदर से खोखला कर देती है। इसी झंझट से निजात पाने के लिए आगरा के निर्माण बाजार में खरीदार अब एक नए और टिकाऊ विकल्प की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। बाजार में इन दिनों जापानी चौखट की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है, जो देखने में बिल्कुल असली लकड़ी जैसी नजर आती है और पूरे घर को मॉडर्न व आकर्षक बनावट प्रदान करती है।
पारंपरिक लकड़ी और लोहे के विकल्पों की कमियां
आगरा के स्थानीय बाजार में लंबे समय से जापानी चौखट का कारोबार संभाल रहे दुकानदार लक्ष्मण बताते हैं कि समय के साथ लोगों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोग लकड़ी के विकल्प के रूप में लोहे के दरवाजे और चौखटें लगवाते थे, लेकिन लोहे के साथ जंग लगने की गंभीर समस्या जुड़ी रहती है। नमी या मौसम बदलने पर लोहे में जंग लग जाती है, जिससे दरवाजे व खिड़कियां जाम होने लगते हैं और उन्हें खोलने या बंद करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा लोहे के ढांचे में लकड़ी जैसी प्राकृतिक खूबसूरती और सुरुचिपूर्ण बनावट भी नहीं मिल पाती।
दूसरी तरफ लकड़ी के ढांचों में हमेशा दीमक लगने का अंदेशा बना रहता है। जब लकड़ी में सीलन या दीमक लगती है, तो पूरा ढांचा कमजोर पड़ जाता है। लक्ष्मण के अनुसार, इन्हीं दोनों बड़ी परेशानियों के समाधान के तौर पर जापानी चौखट एक मुकम्मल उत्पाद बनकर उभरी है। यह चौखट न केवल लकड़ी की तरह भव्य और स्टाइलिश दिखाई देती है, बल्कि इसकी किफायती कीमत भी गृहस्वामियों को अपनी ओर खींच रही है।
दीमक और जंग से पूरी तरह सुरक्षित ढांचा
जापानी चौखट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न तो कभी दीमक लगने का डर रहता है और न ही इसमें लोहे की तरह जंग पकड़ने का कोई खतरा होता है। इसे इस तरह तैयार किया जाता है कि यह हर मौसम में अपनी मजबूती और चमक बनाए रखती है। लकड़ी के बड़े खर्च और बार-बार के रखरखाव की तुलना में यह काफी सस्ती पड़ती है और सालों-साल बिना किसी खराबी के टिकी रहती है। कम लागत, आधुनिक डिजाइन और लंबी उम्र के इसी संतुलन की वजह से आगरा के बाजारों में मकान बनवाने वाले लोग इसे पहली पसंद बना रहे हैं।
कीमत और उपलब्ध क्वालिटी के विकल्प
बाजार में उपलब्ध विकल्पों की बात करें तो जापानी चौखट मुख्य रूप से दो अलग-अलग क्वालिटी और दरों में बेची जा रही है। लक्ष्मण ने बताया कि इसकी कीमतें 75 रुपये प्रति फीट और 85 रुपये प्रति फीट तय की गई हैं। यह दोनों किस्में ग्राहकों की आवश्यकता और उनके तय बजट को ध्यान में रखकर पेश की जा रही हैं।
लक्ष्मण के मुताबिक, 85 रुपये प्रति फीट की दर वाली जापानी चौखट अधिक मजबूत सामग्री से बनाई जाती है और इसकी क्वालिटी अधिक प्रीमियम होती है। वहीं जो खरीदार सीमित बजट में काम पूरा करना चाहते हैं, उनके लिए 75 रुपये प्रति फीट वाली चौखट एक बेहतरीन और किफायती विकल्प साबित होती है। ग्राहक अपनी जरूरत, स्थान और बजट के अनुसार इनमें से सही मॉडल का चयन कर सकते हैं। बजट के अनुकूल दाम में शानदार लकड़ी जैसा लुक मिलने के कारण शहर भर में लोग इस नई तकनीक वाली चौखट में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।



















