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उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती में मात्र एक पद पर चूरू के मनीष कुमार ने मारी बाजी, बने सरकारी शिक्षकराजस्थान
2 नव॰ 2026, 1:23 pm (1 घंटे पहले)· 1

उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती में मात्र एक पद पर चूरू के मनीष कुमार ने मारी बाजी, बने सरकारी शिक्षक

प्रतियोगी परीक्षाओं में कम रिक्तियां देखकर पीछे हटने वाले युवाओं के लिए राजस्थान के चूरू निवासी 26 वर्षीय मनीष कुमार ने मिसाल पेश की है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में इंग्लिश लिटरेचर के एकमात्र पद पर आवेदन कर सफलता हासिल की।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों के बीच अक्सर यह प्रवृत्ति देखी जाती है कि विज्ञप्ति में रिक्तियों की कम संख्या देखकर वे फॉर्म भरने से कतराने लगते हैं। राजस्थान के चूरू जिले के छोटे से गांव घण्टेल के रहने वाले 26 वर्षीय मनीष कुमार ने इस सामान्य धारणा को पूरी तरह उलट दिया है। उत्तर प्रदेश में आयोजित शिक्षक भर्ती के दौरान जब अधिकांश अभ्यर्थियों ने एक पद देखकर आवेदन करने से हाथ खींच लिए, तब मनीष कुमार ने इस मौके को भुनाया और अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर सरकारी शिक्षक बनने में सफलता हासिल की।

करीब 62 हजार पदों में इंग्लिश लिटरेचर का था महज एक पद

उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर आयोजित हुई इस शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत लगभग 62 हजार पदों पर नियुक्तियां निकाली गई थीं। इस विशाल भर्ती में इंग्लिश लिटरेचर विषय के लिए केवल एक पद निर्धारित था। इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया में किसी एक विषय के लिए महज एक रिक्ति होने की वजह से ज्यादातर योग्य अभ्यर्थियों ने यह मान लिया कि इस पद पर चयन की संभावना न के बराबर है, और इसी कारण वे आवेदन की दौड़ से स्वतः बाहर हो गए। इसके विपरीत, मनीष कुमार ने अवसरों की सीमित संख्या को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया और इस एकमात्र सीट के लिए अपना पर्चा दाखिल कर दिया।

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इकलौते अभ्यर्थी बनकर पूरी की परीक्षा की प्रक्रिया

इस एकमात्र पद के लिए स्थिति यह बनी कि मनीष कुमार उस विषय श्रेणी के लिए इकलौते उम्मीदवार बन गए। भर्ती से जुड़े घटनाक्रम के अनुसार, इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्ष 2024 के दौरान आयोजित की गई थी। इसके पश्चात लिखित परीक्षा सितंबर 2025 में संपन्न हुई। वर्ष 2025 में ही अपनी बी.एड. की डिग्री पूरी करने वाले मनीष ने पूरी तैयारी और निष्ठा के साथ यह इम्तिहान दिया। हाल ही में जब भर्ती बोर्ड ने आधिकारिक परिणाम जारी किए, तो उनके चयन की औपचारिक पुष्टि हो गई।

4600 पे ग्रेड पर नियुक्ति और पुलिस सत्यापन प्रक्रिया

चयनित शिक्षक के रूप में मनीष कुमार को 4600 रुपये पे ग्रेड का पद प्राप्त हुआ है। नियुक्ति से पूर्व की आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं के तहत वे हाल ही में चूरू सदर थाने पहुंचे, जहां उनके सेवा पूर्व पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। अपनी इस उपलब्धि पर बात करते हुए मनीष कुमार ने बताया कि उनकी कामयाबी का पूरा श्रेय उनकी नियमित दिनचर्या, व्यवस्थित अध्ययन, परिजनों के निरंतर आशीर्वाद और ईश्वर की कृपा को जाता है।

रिक्तियों की संख्या नहीं, आपका प्रयास तय करता है परिणाम

मनीष कुमार का मानना है कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को विज्ञापनों में पदों की संख्या देखकर अपनी रणनीति निर्धारित नहीं करनी चाहिए। कई बार अभ्यर्थी एक या दो सीटों का आंकड़ा देखते ही खुद को मनोवैज्ञानिक रूप से पराजित मान लेते हैं और यह सोचकर आवेदन ही नहीं करते कि इतने कम पदों पर मुकाबला असंभव होगा। उनका कहना है कि जिस एक रिक्त पद को देखकर भीड़ पीछे हट जाती है, वही पद किसी दृढ़ निश्चयी उम्मीदवार के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का द्वार बन सकता है। युवाओं को हताश होने के बजाय प्रत्येक अवसर पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत करनी चाहिए, क्योंकि सफलता केवल अवसरों के पैमाने पर नहीं बल्कि समय पर लिए गए साहसिक निर्णय पर निर्भर करती है।

सवाल-जवाब

मनीष कुमार कहां के रहने वाले हैं?
मनीष कुमार राजस्थान के चूरू जिले के गांव घण्टेल के रहने वाले हैं और उनकी आयु 26 वर्ष है।
मनीष कुमार का चयन किस पद और विषय के लिए हुआ है?
उनका चयन उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक के पद पर इंग्लिश लिटरेचर विषय के लिए हुआ है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती में कुल कितने पद थे और इंग्लिश लिटरेचर के कितने?
भर्ती में कुल करीब 62 हजार पद थे, जिनमें से इंग्लिश लिटरेचर विषय के लिए केवल एक पद था।
इस भर्ती की आवेदन और परीक्षा की समयसीमा क्या थी?
इस पद के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्ष 2024 में हुई थी और परीक्षा सितंबर 2025 में आयोजित की गई थी।
मनीष कुमार ने बी.एड. की पढ़ाई कब पूरी की?
उन्होंने वर्ष 2025 में अपनी बी.एड. की पढ़ाई पूरी की है।
इस सरकारी शिक्षक पद का पे ग्रेड कितना है?
इस पद का पे ग्रेड 4600 रुपये है।
मनीष कुमार हाल ही में किस प्रक्रिया के लिए थाने पहुंचे थे?
वे अपने सेवा पूर्व पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया के लिए चूरू सदर थाने पहुंचे थे।
मनीष कुमार ने अपनी इस सफलता का श्रेय किसे दिया है?
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, परिवार के आशीर्वाद और ईश्वर की कृपा को दिया है।
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