वर्षा ऋतु का आगमन अपने साथ सुहाना मौसम लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही आवासीय परिसरों के इर्द-गिर्द विषैले जीवों और सांपों की मौजूदगी की आशंका भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। विशेष तौर पर उन जगहों पर जहां आसपास खुले भूखंड, घास के मैदान, जंगली झाड़ियां या जलभराव की स्थिति रहती है, वहां सांपों को छुपने के लिए अनुकूल स्थान आसानी से मिल जाते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर ऐसे सरल विकल्पों की तलाश में रहते हैं जिन्हें घरेलू स्तर पर आसानी से आजमाया जा सके। कुछ चुनिंदा वनस्पतियों को लेकर ऐसी मान्यताएं प्रचलित हैं जिनकी तीखी और विशेष सुगंध सांपों को रास नहीं आती है, जिसके चलते वे ऐसी वनस्पतियों के नजदीक आने से कतराते हैं।
कौन-से पौधे माने जाते हैं असरदार
पारंपरिक मान्यताओं और घरेलू नुस्खों के आधार पर सर्पगंधा, लेमनग्रास, गेंदा, लहसुन और नागदौन जैसी वनस्पतियों को इस संदर्भ में अक्सर गिना जाता है। सर्पगंधा का जिक्र पारंपरिक रूप से इसकी अनोखी महक और औषधीय उपयोगिता के कारण किया जाता है। हालांकि, केवल इसी पौधे के भरोसे यह मान लेना कि सांप घर के पास नहीं आएंगे, पूरी तरह सही नहीं होगा क्योंकि इस पौधे की उचित देखरेख के लिए पर्याप्त धूप, उचित मिट्टी और नियमित पानी की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार, लेमनग्रास की महक काफी तीक्ष्ण होती है और इसका उपयोग आमतौर पर मच्छरों तथा अन्य कीट-पतंगों को दूर भगाने के लिए भी घरेलू तौर पर किया जाता है। कई लोगों का ऐसा विश्वास है कि इसकी खुशबू से सांप भी दूरी बनाए रखते हैं, और इसे आसानी से जीमेलों या घर की चारदीवारी के पास रोपा जा सकता है।
गेंदे और अन्य खुशबूदार पौधों की भूमिका
गेंदे का पौधा लगभग हर मौसम में आसानी से पनप जाता है और घर की शोभा में चार चांद लगाता है। इसकी तीव्र गंध और इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्वों के कारण इसे कीट-रोधी वनस्पतियों में शामिल किया जाता है, हालांकि यह दावा करना वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है कि गेंदा सांपों के प्रवेश को पूरी तरह रोक सकता है। इसके अलावा मोगरा, चमेली और लहसुन को भी इसी उद्देश्य से कई लोग अपने परिसरों में लगाते हैं। इंसानों को मोगरा और चमेली की खुशबू भले ही बहुत लुभावनी लगे, लेकिन इनसे जुड़ी लोक-मान्यताओं के अनुसार इनकी महक भी कुछ जीवों को आकर्षित नहीं करती है। इसी तरह लहसुन की तीखी महक के कारण भी इसे लगाया जाता है, जिससे हरियाली तो बढ़ती है लेकिन इसे सांप भगाने का अचूक नुस्खा नहीं माना जा सकता है। नागदौन का इस्तेमाल भी देश के कई हिस्सों में पारंपरिक नुस्खों के तहत होता आया है, जिसकी तेज गंध के कारण ग्रामीण इलाकों में इसे लगाने की सलाह दी जाती है, फिर भी केवल इस पौधे के भरोसे रहना सुरक्षित विकल्प नहीं है।
बरसात के दिनों में किन बातों का रखें ध्यान
मानसून के दौरान भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सांप अक्सर रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि घर के आसपास घास और झाड़ियों को नियमित रूप से साफ रखा जाए। ईंटों, लकड़ियों, पत्थरों या किसी भी प्रकार के कबाड़ को लंबे समय तक खुले में एकत्र न होने दें। रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त हमेशा टॉर्च का प्रयोग करना चाहिए और अपने जूतों को पहनने से पहले उनकी अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।



















