बरसात का मौसम आते ही उन लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं जिन्हें रोजाना बाइक या स्कूटर से सफर करने के दौरान हेलमेट पहनना पड़ता है। इस मौसम में बालों का चिपचिपा होना, पसीने की बदबू और स्कैल्प में खुजली जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। लंबे समय तक सिर ढंके रहने की वजह से सिर की त्वचा को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती है और ऊपर से मानसून की नमी बालों तथा स्कैल्प की स्थिति को और बिगाड़ सकती है। ऐसे में कई लोग बाल टूटने की चिंता में तरह-तरह के घरेलू उपाय तलाशने लगते हैं, लेकिन भारी-भरकम नुस्खे आजमाने के बजाय अपनी रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों में सुधार करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
यदि आपको ऑफिस, कॉलेज या किसी अन्य काम के सिलसिले में रोजाना दोपहिया वाहन से चलना पड़ता है, तो आपको अपने सफर के साथ एक सही हेयर केयर रूटीन भी अपनाना चाहिए। अक्सर लोग गीले बालों पर ही हेलमेट पहन लेते हैं, पसीने से भीगे स्कैल्प को लंबे समय तक साफ नहीं करते और हेलमेट की अंदरूनी सफाई को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। मानसून के इन दिनों में बालों की सेहत बनाए रखने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है ताकि हेयर फॉल और इंफेक्शन से बचा जा सके।
हेलमेट पहनते समय इन जरूरी बातों का रखें ख्याल
बरसात के दौरान सबसे पहले इस नियम को बांध लें कि कभी भी गीले बालों पर हेलमेट न पहनें। अक्सर जल्दबाजी में लोग बारिश से भीगे बालों को वैसे ही हेलमेट के भीतर कर लेते हैं, जिससे स्कैल्प लंबे समय तक नम बना रहता है और बालों में चिपचिपापन तेजी से बढ़ने लगता है। हमेशा यह कोशिश करें कि बाल पूरी तरह सूख जाने के बाद ही सिर पर हेलमेट लगाएं। इसके अलावा यदि आपको रोजाना कई घंटों तक हेलमेट पहनना पड़ता है, तो बालों को बहुत ज्यादा कसकर बांधने से परहेज करें। टाइट पोनीटेल या जूड़ा बनाने से बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है, इसलिए सफर के दौरान बालों को हमेशा हल्के ढंग से ही बांधना चाहिए।
बालों की देखभाल का मतलब केवल शैंपू और तेल का इस्तेमाल करना ही नहीं है, बल्कि हेलमेट की साफ-सफाई भी उतनी ही अहम है। हेलमेट के अंदर की लाइनिंग में पसीना, धूल और प्राकृतिक तेल लगातार जमा होते रहते हैं। यदि लंबे समय तक इसे साफ न किया जाए, तो वही गंदगी बार-बार आपके स्कैल्प के संपर्क में आती है, जिससे समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए निर्माता के निर्देशों के अनुसार अपने हेलमेट की लाइनिंग को नियमित रूप से साफ करें और पूरी तरह सुखाने के बाद ही उसका दोबारा इस्तेमाल करें। अगर आपके हेलमेट में हटाने योग्य पैड दिए गए हैं, तो उन्हें निकालकर धोना और भी आसान हो जाता है। साथ ही इस बात का भी खास ख्याल रखें कि अपना हेलमेट कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
पसीना ज्यादा आने पर क्या करें और कैसे धोएं बाल
मानसून के मौसम में उमस और गर्मी के कारण सिर पर बहुत अधिक पसीना आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। काम या सफर से घर लौटने के बाद यदि आपका स्कैल्प पसीने से पूरी तरह भीगा हुआ है, तो बालों को लंबे समय तक उसी स्थिति में बिल्कुल न छोड़ें। अपनी जरूरत के हिसाब से किसी हल्के शैंपू का इस्तेमाल करके स्कैल्प को अच्छी तरह साफ कर लें। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर रोज बहुत ज्यादा मात्रा में शैंपू का प्रयोग किया जाए। आपके स्कैल्प का ऑयलीपन और पसीने की मात्रा कितनी है, उसी आधार पर हेयर वॉश करने का अंतराल तय किया जाना चाहिए। शैंपू लगाते समय उसे मुख्य रूप से स्कैल्प पर ही लगाएं और बालों की लंबाई को जोर-जोर से रगड़ने से हमेशा बचें।
बार-बार बाल धोने की वजह से बालों की लंबाई रूखी और बेजान महसूस हो सकती है, इसलिए हर बार बाल धोने के बाद लंबाई और सिरों पर कंडीशनर का उपयोग किया जा सकता है। कंडीशनर को स्कैल्प पर लगाने के बजाय केवल बालों की लंबाई पर लगाना ज्यादा बेहतर रहता है। जहाँ तक बालों में तेल लगाने का सवाल है, बहुत सारा तेल लगाकर घंटों तक हेलमेट पहने रहना बिल्कुल भी सही आदत नहीं है। यदि आप तेल लगाना चाहते हैं, तो बाल धोने से कुछ देर पहले ही उसे लगाएं और उसके बाद स्कैल्प को माइल्ड शैंपू से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।
यदि मानसून के दौरान आपके बाल झड़ रहे हैं, तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस समस्या को नजरअंदाज करना भी समझदारी नहीं होगी। इस मौसम में हेयर फॉल बढ़ने के पीछे केवल हेलमेट को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है क्योंकि नमी, स्कैल्प का स्वास्थ्य, तनाव, खान-पान और अन्य कई कारक बालों की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। यदि आपके सिर की त्वचा में लगातार खुजली, लालिमा, पपड़ी जमने या बहुत ज्यादा बाल टूटने की समस्या बनी रहती है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित होता है।
दफ्तर या बाहर से घर लौटने के बाद अपने हेलमेट को हमेशा किसी खुली जगह पर रखें ताकि उसके अंदर जमा नमी आसानी से सूख सके। नहाने या धोने के बाद गीले तौलिये से बालों को जोर-जोर से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से पोंछकर सुखाएं और कंघी करते समय भी बालों को जोर से खींचने से बचें। इसके अलावा अपने दैनिक खान-पान में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, ताजे फल, हरी सब्जियां और पानी को जरूर शामिल करें। बालों की सेहत केवल बाहरी प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि एक साफ स्कैल्प, सूखे बाल, साफ-सुथरा हेलमेट और एक संतुलित दिनचर्या मानसून के दिनों में बालों की हर समस्या से निपटने में आपकी बहुत मदद कर सकते हैं।



















