पश्चिम बंगाल की जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान निकालने के लिए राज्य प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। अब प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और अधिक पारदर्शी तथा सुलभ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को अपनी परेशानियां दर्ज कराने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से पहले शुरू की गई 'आपनार सरकार आपनार पाशे' यानी आपकी सरकार आपके साथ पहल को अब और अधिक व्यापक रूप दिया जा रहा है।
नबान्न से जारी हुए कड़े निर्देश
राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय नबान्न ने इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए कमर कस ली है और फील्ड स्तर के सभी प्रमुख अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। तय व्यवस्था के अनुसार, अब राज्यभर के सभी संबंधित कार्यालयों में नियमित रूप से हफ्ते में दो दिन जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। इन विशेष बैठकों के माध्यम से अधिकारी सीधे तौर पर आम जनता से मुखातिब होंगे और उनकी शिकायतों को सुनकर उनका मौके पर ही उचित समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
निर्धारित दिन और समय
जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह जनता दरबार प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक अनिवार्य रूप से आयोजित होगा। इस तय समय सीमा के दौरान संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यालयों में ही मौजूद रहने को कहा गया है। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस निर्धारित अवधि के बीच कोई अन्य आधिकारिक बैठक या अन्य सरकारी कार्यक्रम तय नहीं किए जाएंगे, ताकि जनता की समस्याओं के सुनने में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
किन अधिकारियों को रहना होगा मौजूद
इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के दायरे में विभिन्न स्तर के कई महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसडीओ, बीडीओ, विभिन्न पुलिस अधिकारी और अन्य सभी जमीनी स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों को इन जनता दरबारों के दौरान अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि शासन की मशीनरी सीधे जनता के करीब पहुंचे और आम आदमी को अपनी बात रखने के लिए किसी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें।
पारदर्शिता और ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था
जनता दरबार में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों के बैठने के दिन, समय, उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सरकारी कार्यालयों के बाहर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही इन विवरणों को आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा किया जाएगा। अधिकारी जनता से मिलने वाली शिकायतों पर जो भी कार्रवाई करेंगे, उसकी पूरी जानकारी 'आपनार सरकार आपनार पाशे' पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इस पूरी कार्यप्रणाली की निगरानी कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा की जाएगी।
डिजिटल पहुंच से दूर लोगों को बड़ी राहत
प्रशासन का मानना है कि यह सुधारात्मक कदम उन नागरिकों के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो इंटरनेट का उपयोग करने या डिजिटल एप्लीकेशन चलाने में सहज नहीं हैं। ऐसे लोग अब बिना किसी तकनीकी झंझट के सीधे सरकारी कार्यालयों का रुख कर सकते हैं और संबंधित अधिकारियों से आमने-सामने मिलकर अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं। यह पहल पूर्ण प्रशासनिक जवाबदेही के सिद्धांत पर काम करती है और सरकार तथा नागरिकों के बीच की दूरी को पाटने का काम करती है।


















