त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ ही विभिन्न राज्यों में स्कूली छात्रों के लिए छुट्टियों का सिलसिला शुरू होने वाला है। सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के महीनों में कई बड़े पर्व आने वाले हैं, जिसके कारण छात्रों को लगातार अवकाश मिलने की उम्मीद है। यह छुट्टियां पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेंगी कि छात्र किस राज्य में हैं और उनका संस्थान सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएससी या फिर राज्य बोर्ड से जुड़ा हुआ है। अकादमिक पाठ्यक्रम के दबाव से जूझ रहे बच्चों के लिए यह समय राहत भरा साबित होगा ताकि वे अपने परिवारों के साथ पर्वों का आनंद उठा सकें।
साल 2026 की छुट्टियों का शेड्यूल
वर्ष 2026 के शैक्षणिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा, जबकि गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर तय की गई है। महीने के शुरुआती दिनों से ही विभिन्न क्षेत्रों में अवकाशों की झड़ी लग जाएगी। सितंबर महीने में आने वाले प्रमुख अवकाशों में 4 सितंबर को शुक्रवार के दिन जन्माष्टमी की छुट्टी राजस्थान, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब और ओडिशा जैसे राज्यों में घोषित की गई है। इसके अलावा 5 सितंबर को शनिवार के दिन शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षण संस्थान कोई नियमित कक्षाएं आयोजित नहीं करेंगे बल्कि विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
गणेशोत्सव और अन्य पर्वों की तिथियां
महीने के मध्य में 14 सितंबर को सोमवार के दिन गणेश चतुर्थी के मौके पर महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में शैक्षणिक संस्थान बंद रह सकते हैं। इसके तुरंत बाद 18 सितंबर को शुक्रवार के दिन गौरी पूजन के अवसर पर महाराष्ट्र और उसके आसपास के कुछ क्षेत्रों में अवकाश रह सकता है। महीने के अंतिम हफ्तों में 22 सितंबर को शनिवार के दिन याद दहूम शरीफ और मिलाद-उन-नबी का पर्व मनाया जाएगा, जिसका प्रभाव आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में देखने को मिलेगा। इसके साथ ही 25 सितंबर को मंगलवार के दिन अनंत चतुर्दशी यानी गणेश विसर्जन के मौके पर महाराष्ट्र और मध्य भारत के कई अन्य राज्यों में स्कूल बंद रहेंगे।
राज्यों के हिसाब से छुट्टियों का विशेष विवरण
विभिन्न राज्यों की अपनी स्थानीय परंपराओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर छुट्टियों का पैटर्न अलग-अलग तय किया गया है। महाराष्ट्र में सितंबर से दिसंबर के बीच जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, गांधी जयंती, दशहरा और दीवाली जैसे बड़े त्योहार एक के बाद एक आएंगे। इस दौरान दशहरा और गणेश चतुर्थी के आसपास लगभग 9 दिनों तक की छुट्टियां मिल सकती हैं, जिससे कुल मिलाकर करीब 15 दिनों तक का एक लंबा फेस्टिव मैराथन बन जाता है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के शैक्षणिक कैलेंडर में 4 सितंबर को कृष्णाष्टमी, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और 22 सितंबर को याद दहूम शरीफ के साथ-साथ विनायक चविथी और मिलाद-उन-नबी के मौके पर अवकाश शामिल हैं, जिनमें रविवार और दूसरे शनिवार की नियमित छुट्टियां भी जुड़ जाती हैं।
कर्नाटक, गोवा और अन्य राज्यों की स्थिति
कर्नाटक और गोवा के शिक्षण संस्थानों में गणेश चतुर्थी के दौरान अवकाश घोषित किया जा सकता है, हालांकि इसका अंतिम निर्णय स्थानीय नियमों और हर स्कूल के अपने खुद के कैलेंडर पर निर्भर करेगा। इसके अलावा केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों में 4 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा और वहां के छात्र भी इस अवकाश का लाभ उठाएंगे। देश भर के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय बोर्ड के नियमों के अनुसार इन तिथियों में थोड़े बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह पूरा सत्र छात्रों के लिए बेहद उत्साहजनक रहने वाला है।



















