गांव में जाकर किसी महल जैसा आलीशान मकान देखना आम बात नहीं है, क्योंकि गांवों में इस तरह के लग्जरी हाउस कम ही देखने को मिलते हैं। लेकिन राजस्थान के झुंझुनू जिले की चिड़ावा तहसील के ओजटू गांव में सड़क किनारे बना एक भव्य मकान हर राहगीर की नजरें अपनी तरफ खींच लेता है। यह मकान किसान महेंदर सिंह का है और 24 बीघे के खेत के बीचों-बीच बना यह घर दूर से देखने पर किसी महल का एहसास कराता है। इसे करीब 2018 में बनवाया गया था।
परिवार की 900 बीघा जमीन और बंटवारे की कहानी
महेंदर सिंह बताते हैं कि उनका यह मकान जिस 24 बीघे के खेत में बना है, वह उन्हीं की जमीन है। महेंदर सिंह के पूरे परिवार के पास कुल 900 बीघा जमीन है। परिवार में चार भाई हैं और अब तक चारों भाइयों के बीच इस जमीन का बंटवारा हो चुका है। इस बंटवारे के बाद अकेले महेंदर सिंह के हिस्से में 220 बीघा जमीन आई है। घर बनाने में कुल कितना खर्च हुआ, यह पूछने पर महेंदर सिंह कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं बता पाते। महेंदर सिंह के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। परिवार जाट समुदाय से ताल्लुक रखता है और इनका गोत्र कटेवा है। जिस ओजटू गांव में यह घर बना है, उसकी आबादी करीब 2500 है।
700 गज में बना घर, हर मंजिल पर अलग सुविधाएं
महेंदर सिंह का यह घर कुल 700 गज क्षेत्रफल में फैला है। इसमें पांच कमरे और दो किचन-बाथरूम बनाए गए हैं। घर की पहली मंजिल पर एक किचन और तीन कमरे बने हुए हैं, और इस मंजिल की फर्श पर लगी टाइल्स बेहद खास हैं क्योंकि इनमें कहीं भी जोड़ नजर नहीं आता। सीढ़ियों पर भी इसी तरह की बिना जोड़ वाली टाइल्स लगाई गई हैं, जिससे पूरे घर में एक जैसी चमक और एकरूपता बनी रहती है। घर की दूसरी मंजिल पर भी दो कमरे और एक किचन बनाया गया है। इस मकान के ठीक बगल में एक और आलीशान मकान खड़ा है, जो महेंदर सिंह के छोटे भाई का है।
घर से सटा भव्य मंदिर, छत पर सोलर पैनल भी
महेंदर सिंह के घर से सटा हुआ एक विशाल मंदिर भी बना है, जिसे खुद महेंदर सिंह ने ही बनवाया है। मकान का सबसे आकर्षक हिस्सा इसका फ्रंट यानी अगला हिस्सा है, जहां बने बड़े-बड़े पिलर और दीवारों पर उकेरी गई पेंटिंग्स इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। मकान की छत पर सोलर पैनल भी लगाया गया है, जिससे बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा घर में ही पूरा हो जाता है। मकान के आसपास फैले खेत भी महेंदर सिंह के ही हैं। खेती में यह परिवार मुख्य तौर पर गेहूं-चना, बाजरा और सरसों की फसल उगाता है। इसके साथ ही महेंदर सिंह खेती के अलावा पॉल्ट्री फॉर्म का बिजनेस भी चलाते हैं, जिससे परिवार को अतिरिक्त आमदनी होती है।



















