मध्य प्रदेश के खंडवा कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय एक अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला, जब प्रशासनिक अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराने एक फरियादी चेहरे पर कुत्ते का मास्क पहनकर पहुंच गया। आवारा कुत्तों के बधियाकरण अभियान में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया गया। इस अजीबो-गरीब प्रदर्शन ने न केवल वहां मौजूद अधिकारियों और आम लोगों को चौंका दिया, बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी लोगों के ध्यान का केंद्र भी बन गया।
बधियाकरण अभियान में लाखों रुपये के घोटाले का आरोप
इस अनूठे विरोध प्रदर्शन के दौरान खंडवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक 'मुल्लू' राठौर भी फरियादी के साथ जनसुनवाई कक्ष में मौजूद थे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाने और उनके बधियाकरण के नाम पर सरकारी खजाने का जमकर दुरुपयोग किया गया है। उनके अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में नसबंदी की पूरी प्रक्रिया महज कागजों तक सीमित रही, जबकि धरातल पर कोई प्रभावी कार्य नहीं किया गया।
दीपक राठौर ने आरोप लगाया कि कागजी आंकड़ों के सहारे लगभग 40 लाख रुपये के सरकारी फंड का बंदरबांट किया गया है। अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितता की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से ही फरियादी को डॉग मास्क पहनाकर जनसुनवाई में लाया गया, ताकि प्रशासनिक तंत्र की नींद टूट सके।
तंज, अनोखा विरोध और कानूनी कार्रवाई की मांग
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इस मास्क पहने व्यक्ति के साथ नसबंदी के नाम पर धोखाधड़ी हुई है, क्योंकि नसबंदी के दावे के बावजूद 6 बच्चे पैदा हो गए। उन्होंने प्रशासन को दिए आवेदन में स्पष्ट मांग की है कि जिन ठेकेदारों या निजी कंपनियों को नसबंदी का जिम्मा सौंपा गया था और जिन्होंने इसमें हेरफेर किया है, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
राठौर ने अधिकारियों को यह भी बताया कि मास्क पहनकर आया यह फरियादी कोई साधारण नागरिक नहीं है, बल्कि उसने दिल्ली से एमकॉम और बीकॉम जैसी उच्च शैक्षणिक डिग्रियां हासिल की हैं। नगर निगम द्वारा बधियाकरण के नाम पर 40 लाख रुपये की कथित गबन की घटना से वह बेहद आहत और दुखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय प्रशासन इस मामले में तुरंत कड़ी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज नहीं करता है, तो फरियादी न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा और जनहित याचिका (PIL) दायर करेगा।
कलेक्ट्रेट में कौतूहल का माहौल और वीडियो हुआ वायरल
जनसुनवाई कक्ष में जैसे ही डॉग मास्क पहने व्यक्ति ने प्रवेश किया, वहां उपस्थित प्रशासनिक अमला और अन्य फरियादी पहले तो हक्के-बक्के रह गए। देखते ही देखते यह वाकया पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का विषय बन गया। लोग इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए उत्सुक नजर आए।
कुछ ही समय में इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से प्रसारित होने लगे। इंटरनेट पर लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे और इस प्रतीकात्मक विरोध के अनूठे तरीके की जमकर चर्चा करने लगे।
प्रशासन का रुख और निष्पक्ष जांच का भरोसा
इस पूरे मामले पर प्रशासनिक पक्ष रखते हुए खंडवा के अपर कलेक्टर काशी राम बड़ोले ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के बधियाकरण केंद्र की कार्यप्रणाली और वित्तीय धांधली से संबंधित एक शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है।
अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच करवाई जाएगी। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अथवा प्रक्रियात्मक अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों या संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



















