त्रिपुरा के खोवाई जिले में ग्राम समिति चुनाव की मतगणना के दौरान सोमवार को हालात बिगड़ गए, जहां चंपाहावर इलाके में स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर भगदड़ मचने से एक व्यक्ति की जान चली गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं के बीच तनाव फैलने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद यह दुखद घटना घटित हुई।
चंपाहावर काउंटिंग सेंटर के बाहर तनाव और सुरक्षा कार्रवाई
चंपाहावर स्थित मतगणना केंद्र के बाहर कई राजनीतिक पार्टियों के समर्थक चुनाव नतीजों का ताजा ब्योरा जानने के लिए जमा हुए थे। मौके पर बढ़ती भीड़ और हंगामे की स्थिति को देखते हुए तनाव तेजी से बढ़ गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को बीच-बचाव करना पड़ा। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्पष्ट किया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर ग्राम समिति चुनाव कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हुए थे। उन्होंने कहा कि उपद्रव कर रहे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए जब सुरक्षा बलों ने लाठी का प्रयोग किया, तभी चंपाहावर केंद्र के सामने भगदड़ मची और उक्त व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता मुहैया कराने की घोषणा की है।
टिपरा मोथा पार्टी का सीमा सुरक्षा बल पर आरोप
इस बीच, टिपरा मोथा पार्टी के विधायक रंजीत देबबर्मा ने मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का कहना है कि मृतक उनकी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था और उसकी मौत सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ कर्मियों के लाठीचार्ज की वजह से हुई। विधायक ने मृतक की पहचान मतिलाल कर्मकार के रूप में की और दावा किया कि चंपाहावर मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा बलों द्वारा किए गए लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। रंजीत देबबर्मा ने कहा कि पार्टी सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच और प्रत्यक्षदर्शियों से तथ्य जुटाने के बाद मामले में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराएगी। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील भी की।
ग्राम समिति चुनाव नतीजों में टिपरा मोथा पार्टी की भारी बढ़त
इस घटना के बीच आए चुनावी नतीजों में टिपरा मोथा पार्टी भारी जीत की ओर अग्रसर दिख रही है। अब तक घोषित 2,037 जनजातीय ग्राम समिति सीटों में से टिपरा मोथा पार्टी ने 1,814 सीटों पर कब्जा जमा लिया है। भाजपा नीत राजग गठबंधन की इस सहयोगी पार्टी के अलावा खुद भाजपा ने 184 सीटों पर विजय प्राप्त की है। वहीं अब तक घोषित परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 22 सीटें गई हैं।





















