त्रिपुरा के आदिवासी बहुल इलाकों में स्थानीय स्वशासन के लिए हुए ग्राम समिति चुनावों की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से सभी 44 निर्धारित केंद्रों पर शुरू हो गई है। पूर्वोत्तर राज्य के आठ जिलों में फैली 587 ग्राम समितियों के लिए 28 सितंबर को मतदान कराया गया था, जिसमें जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 81 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
बैलेट पेपर से गिनती में लगेगा वक्त, बड़े ब्लॉकों में दो दिन तक चल सकती है प्रक्रिया
राज्य चुनाव आयोग के सचिव अनुराग सेन के अनुसार, यह चुनाव पूरी तरह से मतपत्रों यानी बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे, इसलिए वोटों की गिनती पूरी होने में सामान्य से अधिक समय लगने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धलाई जिले के मनु जैसे बड़े ग्रामीण विकास ब्लॉकों में मतों की गिनती पूरी होने में दो दिन तक का समय लग सकता है। हालांकि, प्रशासन ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया को बिना किसी व्यवधान के जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
गोमती जिले में निषेधाज्ञा और कड़े सुरक्षा बंदोबस्त
मतगणना को देखते हुए समूचे जनजातीय इलाकों में सुरक्षा तंत्र को बेहद सतर्क रखा गया है। विशेष रूप से गोमती जिले में अधिकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह सख्त कदम मतदान के दिन वारेनबारी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें टिपरा मोथा पार्टी (TMP) का एक उम्मीदवार घायल हो गया था। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
सीटों का समीकरण और 8,176 उम्मीदवारों का सियासी भविष्य
कुल 587 ग्राम समितियों में 4,597 सीटें हैं, जिनमें से 2,950 सीटों पर ही वास्तविक चुनावी मुकाबला हुआ। बाकी बची 1,644 सीटों पर टिपरा मोथा पार्टी और बीजेपी के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं। मैदान में कुल 8,176 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबले में टिपरा मोथा पार्टी, बीजेपी, सीपीआई(एम), कांग्रेस और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल हैं।
2028 के विधानसभा चुनाव और TTAADC के सियासी मायने
इन चुनाव परिणामों पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) राज्य के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करती है और राज्य की 60 विधानसभा सीटों में से 20 सीटें इसी क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल टीएमपी ने अप्रैल में हुए जनजातीय परिषद चुनावों में 28 में से 24 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि दोनों दलों ने टीटीएएडीसी चुनाव अलग-अलग लड़े थे, लेकिन इस बार ग्राम समिति चुनावों में वे एनडीए के बैनर तले मिलकर मैदान में उतरे हैं, जिससे 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले यह परिणाम बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



















