अभिनेत्री और मॉडल हिमांशी खुराना अपने एक पुराने रिश्ते से जुड़े बेहद गंभीर और संवेदनशील खुलासे के बाद अचानक चर्चा में आ गई हैं। टेलीविजन पर्सनैलिटी पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में मेहमान के तौर पर पहुंची हिमांशी ने अपने अतीत के उस दौर को याद किया, जब वे गहरे मानसिक तनाव और दबाव का सामना कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने पूर्व पार्टनर का नाम तो सीधा नहीं लिया, लेकिन अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस समय उन पर धर्म परिवर्तन करने का जबरदस्त दबाव डाला गया था। हिमांशी के मुताबिक, उन्हें अपनी दैनिक पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं से पूरी तरह दूर रहने के लिए कहा गया था। इस मानसिक संघर्ष के कारण एक समय ऐसा भी आया जब वे लगभग दबाव में झुकने वाली थीं, परंतु अपनी अंतरात्मा, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा करते हुए उन्होंने उस विषैले रिश्ते से बाहर निकलने का फैसला किया।
पूजा-पाठ पर बंदिशें और धर्म परिवर्तन का बढ़ता मानसिक दबाव
पॉडकास्ट के दौरान हिमांशी खुराना ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि जब वे इस रिश्ते में थीं, तब उनकी आस्था और प्रार्थना करने के तरीकों पर लगातार सवाल उठाए जाते थे। उनके पार्टनर और उनके आसपास के माहौल द्वारा उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि वे भविष्य में अपनी पारंपरिक पूजा-पाठ या धार्मिक गतिविधियों को जारी नहीं रख सकती हैं। इस पाबंदी ने उनके मन में गहरा द्वंद्व पैदा कर दिया। हिमांशी ने साझा किया कि जब उन पर दबाव सीमा से अधिक बढ़ने लगा, तो उन्हें अहसास हुआ कि वे चाहे किसी भी अन्य विधि से प्रार्थना कर लें, लेकिन उनके दिल की गहराई से हमेशा 'ऊं नमः शिवाय' और 'वाहेगुरु' के शब्द ही निकलेंगे। उन्हें लगा कि यदि वे किसी दबाव में आकर अपनी मूल आस्था का त्याग करती हैं, तो यह अपने इष्टदेव और स्वयं के साथ बहुत बड़ा छल होगा।
जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बनी वह खौफनाक रात
अपने मानसिक तनाव के सबसे कठिन चरण का वर्णन करते हुए हिमांशी ने एक विशेष रात का जिक्र किया, जो उनकी जीवन की दिशा बदलने वाली साबित हुई। उस रात मानसिक प्रताड़ना और असमंजस इस कदर बढ़ गया था कि वे खुद से ही अजीब और विचलित करने वाले सवाल करने लगी थीं। उन्हें लगने लगा था कि मानो यह उनकी जिंदगी का अंतिम समय आ चुका है। उस स्थिति में उन्होंने मन ही मन यह विचार बनाया कि यदि उन्हें धर्म परिवर्तन करना ही पड़ा, तो वे उससे पहले देश के चारों धाम और सभी प्रमुख बड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगी, ताकि वे अपने भगवान को अंतिम बार नमन कर सकें। उसी दौरान उनके मन में यह विचार भी कौंधा कि मृत्यु के पश्चात क्या उनका पारंपरिक तरीके से दाह संस्कार होगा या उन्हें दफनाया जाएगा। इस विचार ने उनके भीतर एक गहरा झटका पैदा किया और वे तुरंत समझ गईं कि यह रास्ता गलत है। यही अहसास उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया।
आत्मसम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को दी प्राथमिकता
हिमांशी खुराना ने इस अनुभव के आधार पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी स्वस्थ रिश्ते में धर्म या आस्था को लेकर किसी पर भी जबरदस्ती का दबाव नहीं होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों और व्यक्तिगत मान्यताओं के साथ जीने का पूर्ण अधिकार है। जब उन्हें यह भली-भांति अहसास हो गया कि वे अपनी आत्मा और धार्मिक आस्था के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती हैं, तो उन्होंने अपने आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखते हुए उस संबंध को समाप्त करने का कड़ा कदम उठाया। उनका मानना है कि जहां व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आस्था का सम्मान न हो, वहां संबंध लंबे समय तक नहीं टिक सकता।
बिग बॉस 13 के घर से शुरुआत और 2023 में अलगाव
हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की प्रेम कहानी की शुरुआत प्रसिद्ध रियलिटी शो 'बिग बॉस 13' के दौरान हुई थी। शो के भीतर दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों और प्रशंसकों ने काफी पसंद किया था। शो समाप्त होने के बाद भी दोनों कई वर्षों तक एक साथ रहे और अक्सर सार्वजनिक मंचों पर साथ दिखाई देते थे। हालांकि, साल 2023 में दोनों ने अचानक एक-दूसरे से अलग होने की घोषणा कर दी थी। उस समय प्रशंसकों को ब्रेकअप की सही वजह का अंदाजा नहीं था, लेकिन अब हिमांशी के इस नए खुलासे के बाद उस रिश्ते के पीछे छिपे लंबे संघर्ष, धार्मिक तनाव और मानसिक प्रताड़ना की परतें खुलकर सामने आ गई हैं।



















