नवरात्रि का पावन उत्सव मां दुर्गा के नौ अलग-अलग दिव्य स्वरूपों की आराधना का विशेष अवसर होता है। भक्ति और आस्था के इस पर्व ने समय-समय पर टेलीविजन और सिनेमा जगत को भी गहराई से प्रभावित किया है। छोटे और बड़े पर्दे पर कलाकारों ने देवी दुर्गा की शक्ति, करुणा और अलौकिक तेज को पूरी गरिमा के साथ जीवंत किया है। खासकर बंगाली टेलीविजन पर महालया के विशेष प्रसारणों से लेकर हिंदी के पौराणिक सीरियलों तक, कई प्रमुख अभिनेत्रियों ने मां दुर्गा के रूप में ऐसा प्रभावशाली अभिनय पेश किया कि वे घर-घर में पहचानी जाने लगीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महालया का दिन धरती पर मां दुर्गा के आगमन का सूचक माना जाता है, और इसी दिन विशेष आयोजनों के माध्यम से देवी के महिषासुरमर्दिनी स्वरूप का मंचन किया जाता है।
महालया की समृद्ध परंपरा और बंगाली टेलीविजन की विरासत
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह के शुभारंभ में महालया के टेलीविजन प्रसारण का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रहा है। उत्सव के इस विशेष मौके पर टीवी चैनल देवी दुर्गा की बुराई पर अच्छाई की विजय और उनके संहारक व कृपालु रूप को भव्य स्तर पर प्रस्तुत करते हैं। इस खास अवसर पर दर्शकों का ध्यान मुख्य रूप से उन चर्चित चेहरों पर रहता है, जिन्हें पर्दे पर देवी का स्वरूप साकार करने के लिए चुना जाता है।
इंद्राणी हलदर का कालजयी अभिनय और दूरदर्शन का दौर
टेलीविजन के इतिहास में इंद्राणी हलदर का नाम मां दुर्गा के सशक्त चित्रण के लिए बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। वर्ष 2002 में उन्होंने टेलीविजन धारावाहिक ‘मां शक्ति’ में देवी दुर्गा का प्रभावशाली किरदार निभाया था। इसके ठीक अगले साल, यानी 2003 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुए विशेष शो ‘महालया’ में उन्होंने एक बार फिर मां दुर्गा का रूप धारण किया। उनका यह अभिनय आज भी दर्शकों की यादों में पूरी तरह ताजा है और बंगाली टेलीविजन पर त्योहार के दौरान देवी की गाथाएं दिखाने की पुरानी परंपरा का एक स्वर्णिम अध्याय माना जाता है।
पायल डे का पौराणिक किरदारों से गहरा जुड़ाव
टेलीविजन सीरियलों में अपने उम्दा काम के लिए विख्यात पायल डे ने विभिन्न मौकों पर मां दुर्गा की भूमिका को पर्दे पर उतारा है। नियमित धारावाहिकों के अलावा त्योहारों पर होने वाले खास आयोजनों में भी वे देवी के पावन रूप में दिखाई दी हैं। माइथोलॉजिकल यानी पौराणिक कथाओं पर आधारित भूमिकाओं के प्रति पायल डे का विशेष जुड़ाव रहा है, जिसने उन्हें बंगाली भक्ति और धार्मिक शोज पसंद करने वाले दर्शकों के बीच एक अत्यंत लोकप्रिय और विश्वसनीय चेहरा बना दिया है।
सुभाश्री गांगुली और कोएल मल्लिक का भव्य स्वरूप
बंगाली सिनेमा की अग्रणी अभिनेत्री सुभाश्री गांगुली ने भी टेलीविजन के जरिए मां दुर्गा की महिमा को जन-जन तक पहुंचाया है। वे वर्ष 2022 के महालया विशेष प्रसारण में देवी दुर्गा के रूप में अवतरित हुई थीं, जबकि इससे पहले भी वे इस पावन भूमिका को निभा चुकी थीं। सिनेमा से जुड़े बड़े कलाकारों का ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना दर्शकों के अनुभव को और समृद्ध करता है।
इसी तरह मशहूर अभिनेत्री कोएल मल्लिक वर्ष 2021 के महालया स्पेशल कार्यक्रम में मां दुर्गा के आलौकिक अवतार में नजर आई थीं। उनके इस चित्रण में पारंपरिक सांस्कृतिक भव्यता और देवी के तेज का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। महालया के इन खास आयोजनों में नामचीन फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति दर्शकों को टीवी स्क्रीन से बांधे रखने में हमेशा सफल साबित हुई है।
मिमी चक्रवर्ती और श्राबंती चटर्जी के चर्चित देवी अवतार
बंगाली मनोरंजन जगत की लोकप्रिय अदाकारा मिमी चक्रवर्ती ने वर्ष 2020 में एक महालया कार्यक्रम के दौरान पहली बार पर्दे पर मां दुर्गा का पावन रूप धारण किया था। उस दौरान एक साक्षात्कार में उन्होंने इस अलौकिक अनुभव को साझा करते हुए बताया था कि पर्दे पर देवी का रूप धारण करने के दौरान उनके भीतर किस तरह की गहरी आध्यात्मिक और भावुक भावनाएं उमड़ पड़ी थीं।
वहीं दूसरी तरफ श्राबंती चटर्जी भी कई महालया टेलीविजन विशेष कार्यक्रमों में मां दुर्गा का सशक्त किरदार निभा चुकी हैं। त्योहार के मौसम में जब विभिन्न मनोरंजन चैनल देवी की कथा, राक्षसों के वध और अन्याय के विरुद्ध उनकी प्रचंड शक्ति को अपने-अपने रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करते हैं, तब श्राबंती चटर्जी की मौजूदगी और प्रभावशाली प्रस्तुति ने उन्हें खूब चर्चा और सराहना दिलाई है।


















