नई दिल्ली में अपने बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने एक बार फिर देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर अक्सर समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वाली पवित्रा ने हाल ही में सामने आए प्रदर्शनों के तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने देश के युवाओं यानी जेन-जी और विशेष तौर पर मुस्लिम समुदाय से एकजुट रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। इससे पहले भी उनके बयानों को लेकर काफी चर्चा और ट्रोलिंग देखने को मिली थी, लेकिन इस बार उन्होंने आर्थिक और सामाजिक पहलुओं पर जोर दिया है।
पवित्रा पुनिया ने अपने नए वीडियो संदेश में दावा किया है कि इस तरह के विरोध-प्रदर्शनों के कारण देश भर के बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों को त्योहारों के सीजन के दौरान लगभग 3000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए इस आंकड़े की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या माध्यम से पुष्टि नहीं की जा सकी है। अभिनेत्री का कहना था कि जब उन्होंने इन प्रदर्शनों की शुरुआत में आलोचना की थी, तब सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ाया गया था, लेकिन अब आर्थिक मोर्चे पर इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
आर्थिक नुकसान और सोच-समझकर बोलने की सलाह
लोगों से आर्थिक चुनौतियों और जमीनी हकीकत को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए पवित्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या बयान को देखकर तुरंत प्रतिक्रिया देने या हंसने से पहले उसकी तह तक जाना चाहिए। उनका मानना है कि हर नागरिक को किसी भी मुद्दे पर गहराई से सोच-विचार करना चाहिए, तर्क-वितर्क करना चाहिए और उसके बाद ही अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने उन आम नागरिकों और मजदूरों का भी विशेष जिक्र किया जो अपनी रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए भी कड़ा संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, किसी भी आंदोलन या कदम का समाज के हर वर्ग पर पड़ने वाले व्यापक असर के बारे में जरूर सोचा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया का प्रभाव और युवाओं से अपील
पवित्रा ने आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर कई लोग भ्रामक और मनगढ़ंत बातें फैलाकर भोले-भाले युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आज का युवा काफी जागरूक है और देश-दुनिया की हर गतिविधि से वाकिफ है, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर परोसे जाने वाले कंटेंट के बहकावे में आने का जोखिम बना रहता है।
इसी सिलसिले में उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी खास तौर पर आग्रह किया कि वे अपनी पहुंच का इस्तेमाल युवाओं तक गलत, अधूरी या भड़काऊ जानकारी पहुंचाने के लिए न करें। समाज में सही संदेश जाना बहुत जरूरी है ताकि युवा किसी भी गलत रास्ते पर न जाएं।
सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की बात
देश के मुस्लिम समुदाय से भी संवाद करते हुए पवित्रा ने स्पष्ट किया कि वह खुद को एक गर्वित हिंदू मानती हैं और उन्हें अपने धर्म से बेहद प्यार है। उन्होंने बताया कि उन्हें मुस्लिम सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से भी कई सकारात्मक टिप्पणियां मिली हैं और उन्हें देश के किसी भी समुदाय से कोई व्यक्तिगत या सामाजिक परेशानी नहीं है। अपने आस-पास के माहौल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनके मोहल्ले में विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग वर्षों से आपसी भाईचारे के साथ मिल-जुलकर रहते आए हैं।
पवित्रा ने अंत में जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म से पूरा प्रेम होना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही दूसरे व्यक्ति के धर्म और आस्था का भी पूरा सम्मान करना बेहद आवश्यक है। भारत विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों को एक धागे में पिरोने वाला देश है, इसलिए हमें हर हाल में इस देश की एकता और आपसी भाईचारे को बनाए रखना चाहिए ताकि समाज में शांति और विकास का पहिया निरंतर चलता रहे।



















