बिहार के जहानाबाद जिले में अपराधियों ने एक भोजपुरी गायक की गाड़ी को निशाना बनाते हुए जमकर तांडव मचाया। सुबह के सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका सहम गया और लोगों में भारी डर का माहौल बन गया।
सुबह साढ़े चार बजे हुआ हमला
यह सनसनीखेज घटना नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काली नगर मोहल्ले की है। आज सुबह करीब 4:30 बजे जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तब अचानक बाहर तेज आवाजें गूंजने लगीं। बदमाशों ने दरवाजे के बाहर खड़ी काली स्कॉर्पियो को निशाना बनाया। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने गाड़ी पर 4 से 5 राउंड गोलियां चलाईं और ईंट-पत्थरों से उस पर हमला कर दिया। इस बर्बरता में वाहन के सभी शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त गाड़ी के अंदर कोई भी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
आपसी विवाद और गंभीर आरोप
पीड़ित कलाकार अभिषेक सिंह ने इस पूरे मामले में एक अन्य स्थानीय भोजपुरी गायक शिव कुमार विक्कू पर सीधा संदेह जताया है। उनका कहना है कि दोनों कलाकारों के बीच लंबे समय से अनबन चली आ रही है। अभिषेक सिंह के अनुसार, सीनियरिटी और पॉपुलैरिटी की होड़ के चलते पहले भी खुले मंच से उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। उनका आरोप है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से सामने वाला पक्ष जलता है और इसी रंजिश के चलते उनके घर पर यह कायराना हरकत की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि यूट्यूब और स्टेज शो के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तीखी बयानबाजी और निजी टिप्पणियां चल रही थीं, जो अब खूनी संघर्ष की हद तक पहुंच चुकी हैं।
दूसरे पक्ष की सफाई और पुलिस की कार्रवाई
इस बीच, दूसरे पक्ष के भोजपुरी गायक शिव कुमार विक्कू ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी पर भी बेबुनियाद आरोप मढ़ने से पहले पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कलाकार भले ही मंच पर एक-दूसरे पर छींटाकशी करते हों, लेकिन वे कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाते। उधर, घटना की सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मुआयना किया। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खाली खोखे बरामद कर लिए हैं। आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और मामले की सच्चाई सामने आ सके।





















