लोकप्रिय टीवी शो अनुपमा की कहानी में नया भूचाल आ गया है। शाह परिवार के सदस्यों के बीच बढ़ता लालच और आपस की कलह अब उस मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां अनुपमा का धैर्य पूरी तरह जवाब दे रहा है। घर में शांति स्थापित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद सदस्यों के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटनाक्रम में हसमुख जी जब परेशान अनुपमा को बैठाकर समझाने का प्रयास करते हैं, तभी घर के अन्य सदस्य ईशानी, माही, प्रेरणा, परितोष, पाखी और किंजल आपस में बुरी तरह उलझ पड़ते हैं। इस पारिवारिक कलह को देखकर अनुपमा का गुस्सा फूट पड़ता है और वह सभी से सवाल करती है कि वे आपस में लड़ना बंद क्यों नहीं करते। अनुपमा अपनी तकलीफ जाहिर करते हुए कहती है कि उसे उम्मीद थी कि अपनों के साथ रहकर उसका दर्द कम होगा, लेकिन जब घर के लोग ही एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएंगे, तो उसे शांति कैसे मिलेगी।
शाह परिवार में प्राइज मनी के बंटवारे पर छिड़ी जंग
घर में बहस के दौरान प्रेरणा अपना पक्ष रखते हुए कहती है कि वह अनुपमा को किसी तरह का दुख नहीं पहुंचाना चाहती, लेकिन लीला, माही और पाखी लगातार उस पर तंज कसती रहती हैं। इसके बाद अंश स्थिति को संभालते हुए अनुपमा से कहता है कि वे लोग सिर्फ आपसी चर्चा कर रहे थे और अभी कोई भी निर्णय अंतिम नहीं हुआ है। इस पर अनुपमा कड़ा रुख अपनाते हुए लीला से साफ कह देती है कि यदि अंश और प्रेरणा घर छोड़कर अलग रहना चाहते हैं, तो कोई भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं करेगा। उसका मानना है कि रोज-रोज के झगड़ों से बेहतर है कि लोग अलग रहकर शांति से जिएं। इसके तुरंत बाद घर में आगामी कॉम्पिटिशन की प्राइज मनी को लेकर रार शुरू हो जाती है। माही आगे आकर अनुपमा से प्राइज मनी में अपना हिस्सा मांगती है ताकि वह अपनी अलग दुनिया बसा सके। पाखी भी अपनी बात रखते हुए कहती है कि ईशानी को उसके हक से पीछे नहीं रहना चाहिए, जबकि परितोष भी किंजल के हिस्से के पैसों पर अपना दावा ठोकने लगता है।
घर वालों की यह स्वार्थी सोच देखकर अनुपमा का गुस्सा चरम पर पहुंच जाता है। वह सभी को डांटते हुए कहती है कि पहले कॉम्पिटिशन जीतो और प्राइज मनी घर लेकर आओ, उसके बाद हिस्सेदारी की बात करना। अनुपमा पाखी और माही पर निशाना साधते हुए कहती है कि वे दोनों बातों को अपने हिसाब से घुमाने में माहिर हैं। वह स्पष्ट करती है कि किंजल को छोड़कर परिवार का हर सदस्य सिर्फ अपने निजी फायदे के बारे में सोच रहा है। अनुपमा किंजल के समझदार रवैये की तारीफ करती है, जिसके बाद किंजल बाकी सदस्यों से गुजारिश करती है कि वे अनुपमा को कुछ समय के लिए अकेला छोड़ दें।
कोठारी परिवार में अचानक उपजा नया संकट
दूसरी तरफ, कोठारी परिवार में कॉम्पिटिशन को लेकर जोरदार तैयारियां चल रही होती हैं। इसी बीच अचानक परी की तबीयत बिगड़ जाती है और उसे बहुत तेज दर्द महसूस होता है। स्थिति को देखते हुए तुरंत डॉक्टर को बुलाया जाता है। परी की जांच करने के बाद डॉक्टर उसे पूरी तरह से बेड रेस्ट करने की सख्त सलाह देते हैं। यह खबर मिलते ही वसुंधरा तुरंत एक्शन में आती है और प्रेम को निर्देश देती है कि वह बिना वक्त गंवाए परी का रिप्लेसमेंट खोजना शुरू कर दे। रिप्लेसमेंट की बात सुनकर परी गहरे तनाव में आ जाती है, लेकिन राही उसे दिलासा देती है और भरोसा दिलाती है कि वे हर हाल में यह कॉम्पिटिशन जीतकर रहेंगे।
पाखी और परितोष की चाल में फंसी माही
इधर माही अकेले बैठकर आंसू बहा रही होती है। माही को उदास देखकर चालबाज़ परितोष और पाखी मौके का फायदा उठाने पहुंच जाते हैं। वे दोनों मिलकर माही का माइंड वॉश करने लगते हैं और उसे उकसाते हैं कि वह अनुपमा की टीम छोड़कर प्रेम की टीम में शामिल हो जाए। परितोष का गुप्त प्लान यह होता है कि यदि माही टीम छोड़ देती है, तो वे दोनों अनुपमा की टीम में घुसपैठ करके पूरी प्राइज मनी अपने नाम कर लेंगे। इसी दौरान अनुपमा बैंक से घर के लोन के सिलसिले में बातचीत करके वापस लौटती है। तभी माही एक ऐसा फैसला सुनाती है जिससे सब सन्न रह जाते हैं। परितोष और पाखी की बातों में आकर माही अनुपमा की टीम छोड़ने का ऐलान कर देती है। माही तर्क देती है कि जब अनुपमा को प्रेरणा पर ज्यादा भरोसा है, तो उसका टीम में रहने का कोई मतलब नहीं बनता। माही का यह फैसला सुनकर पाखी और परितोष मन ही मन बेहद खुश होते हैं, जबकि किंजल और ईशानी की चिंता बढ़ जाती है।
आने वाले एपिसोड्स में देखने को मिलेंगे बड़े ट्विस्ट
आगामी एपिसोड में दर्शकों को और भी बड़ा ड्रामा देखने को मिलेगा। अनुपमा माही को समझाने और रोकने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन माही किसी की नहीं सुनेगी और अनुपमा का साथ छोड़कर प्रेम की टीम का हाथ थाम लेगी। माही के इस कदम से अनुपमा को गहरा मानसिक झटका लगेगा। हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में बंकू अनुपमा की टीम को जॉइन कर लेगा, जिससे अनुपमा को अपनी लड़ाई आगे बढ़ाने का एक नया सहारा मिलेगा।



















