शाह हाउस में एक बार फिर खुशियों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। टीवी धारावाहिक अनुपमा में जन्माष्टमी के पावन पर्व और अनुज के जन्मदिन का जश्न मनाने की व्यापक तैयारियां जारी हैं। लेकिन इसी उत्सव के दौरान प्रॉपर्टी को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। लीला और हसमुख के बीच शाह हाउस के मालिकाना हक को लेकर तीखी नोकझोंक हुई है, वहीं दूसरी तरफ परिवार पर बिल्डर की धोखाधड़ी का एक नया और गहरा संकट मंडराने लगा है।
जन्माष्टमी की तैयारियां और नन्हीं जया की जिद
उत्सव के इस माहौल में परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कामों में व्यस्त नजर आ रहे हैं। धारावाहिक में दिखाया गया है कि अनुपमा छोटी बच्ची जया को कंदील शब्द का सही उच्चारण करना सिखा रही है। पूरा शाह परिवार जन्माष्टमी के स्वागत के लिए पूरे उत्साह से लगा हुआ है। घर के बच्चे भगवान श्री कृष्ण के प्रिय व्यंजनों जैसे माखन, मिश्री और पंचामृत के बारे में बातचीत कर रहे होते हैं। इसी बीच नन्हीं जया अचानक यह जिद पकड़ लेती है कि कान्हा जी के स्वागत में केक भी तैयार किया जाना चाहिए। वहीं अनुपमा जन्माष्टमी के पावन मौके के साथ-साथ अपने अनुज के जन्मदिन को खास बनाने के लिए बेहद उत्साहित दिखाई दे रही है।
लीला और हसमुख के बीच प्रॉपर्टी का भयंकर विवाद
शाह हाउस का माहौल उस समय अचानक तनावपूर्ण हो जाता है जब लीला एक कानूनी दस्तावेज हसमुख के हाथों में थमा देती है। लीला की मांग है कि हसमुख शाह हाउस का मालिकाना हक पूरी तरह से उनके नाम ट्रांसफर कर दें। लीला के मन में यह आशंका है कि हसमुख यह घर अपनी बेटी के नाम कर सकते हैं। हालांकि हसमुख इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर देते हैं। उनका तर्क है कि उन्हें लीला पर रत्ती भर भरोसा नहीं है क्योंकि अगर घर उनके नाम हुआ तो वह इसे परितोष और पाखी के हवाले कर देंगी। इस भयंकर कलह को शांत कराने के लिए अनुपमा बीच-बचाव करती है। वह लीला और हसमुख को भरोसा दिलाते हुए कहती है कि वह स्टांप पेपर पर लिखित में देने के लिए तैयार है कि उसे इस प्रॉपर्टी से कोई हिस्सा या अधिकार नहीं चाहिए।
राही का चौंकाने वाला कदम और प्रेम का वादा
इधर धारावाहिक में राही के एक कदम ने सभी को हैरत में डाल दिया है। राही ने अपना कैफे प्रेम के नाम ट्रांसफर कर दिया है। जब प्रेम को इस फैसले की जानकारी मिलती है तो वह पूरी तरह हैरान रह जाता है। प्रेम जब राही से इस कदम की असली वजह पूछता है तो राही बताती है कि वह लगातार काम करके बुरी तरह थक चुकी है और अब केवल घर की जिम्मेदारियों को संभालना चाहती है। इसके बावजूद प्रेम को लगता है कि राही किसी दबाव में आकर ऐसा फैसला ले रही है। बातचीत के दौरान राही जब अनुज का जिक्र करती है तो प्रेम उसे आश्वस्त करता है और वादा करता है कि वह खुद को बिल्कुल अनुज जैसा बनाकर दिखाएगा।
मुकुट देखकर अनुज की याद और प्रीकैप में नया झटका
कहानी आगे बढ़ती है तो अनुपमा भगवान श्री कृष्ण के मुकुट को देखकर भावुक हो उठती है और अनुज को याद करने लगती है। वह मन ही मन अनुज से समय पर वापस लौटने की गुजारिश करती है। लेकिन आने वाले एपिसोड में खुशियों का यह माहौल गम और झटके में बदलने वाला है। प्रीकैप में दिखाया गया है कि जब पूरा शाह परिवार नाच-गाने में मग्न होकर जश्न मना रहा होता है, तभी परितोष एक बेहद बुरी खबर लेकर पहुंचता है। परितोष बताता है कि माथेला बिल्डर्स पैसे लेकर फरार हो गया है। बिल्डर की इस बड़ी धोखाधड़ी की खबर सुनते ही शाह परिवार के होश उड़ जाते हैं और अनुपमा गहरा सदमा खाकर सन्न रह जाती है।



















