स्टार प्लस के लोकप्रिय ड्रामा सीरियल अनुपमा के आज के एपिसोड की शुरुआत काफी दिलचस्प और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के साथ होती है। कहानी में एक महिला अनुपमा के पास आकर बातचीत शुरू करती है और उससे पूछती है कि एक बड़ा कॉम्पिटिशन हारने के बावजूद वह इतनी शांत और आत्मविश्वास से भरी कैसे नजर आ रही है। अनुपमा इस सवाल का बेहद शालीनता से जवाब देती है। वह बताती है कि हार के बाद वह थोड़ा रोई जरूर थी, लेकिन जल्द ही उसने खुद को संभाला, हिम्मत जुटाई और आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके साथ ही वह उस महिला को अतीत की याद दिलाती है जब उसने एक इंटरनेशनल कुकिंग कॉम्पिटिशन का खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, वह महिला अनुपमा की बातों से सहमत नहीं होती और उससे बहस करने लगती है। वह कहती है कि उसने अपने बेटे की शादी की केटरिंग का कॉन्ट्रैक्ट अनुपमा को न देकर अनुज के कैफे को सौंप दिया है, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा सेलिब्रिटी इवेंट होने वाला है।
इसी बीच, ईशानी की सहेली अपनी मां के इस फैसले पर आपत्ति जताती है और बहस करने की कोशिश करती है, लेकिन उसकी मां तुरंत उसे डांटकर चुप करा देती है। ईशानी वहां आकर उत्सुकता से पूछती है कि क्या अनुज का कैफे वाकई फिनाले में हार गया है? इस पर वह महिला कड़े शब्दों में कहती है कि उसने अपना फैसला ले लिया है और उसका यह निर्णय पूरी तरह से अंतिम है।
नेगेटिव पीआर और श्रुति के ताने
शो में आगे का ड्रामा और बढ़ जाता है जब ईशानी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। वह प्रेम पर बुरी तरह भड़क जाती है और उन लोगों के खिलाफ झूठा और नकारात्मक पीआर (प्रचार) करने का आरोप लगाती है। अनुपमा जब इन दोनों के बीच हो रही बहस को देखती है, तो वह ईशानी से पूरे मामले की जानकारी मांगती है। ईशानी अपनी बात रखते हुए अनुपमा को समझाती है कि आज के दौर में यह फेक पीआर लोगों की सोच और मानसिकता को पूरी तरह से बदलने की ताकत रखता है। इसी बातचीत के दौरान वहां श्रुति की एंट्री होती है। श्रुति मौके का फायदा उठाकर अनुपमा पर तंज कसने से बाज नहीं आती। वह ताना मारते हुए कहती है कि जहां एक तरफ अनुज का कैफे ग्राहकों से पूरी तरह भरा हुआ है और जबरदस्त चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अनुपमा का कैफे अस्तित्व बचाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। अनुपमा इस तीखे वार पर गुस्सा होने के बजाय बेहद शांत बनी रहती है। वह श्रुति को सलाह देती है कि उसे केवल अपने कॉम्पिटिशन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अनुपमा बड़े दिल का परिचय देते हुए श्रुति की पूरी टीम को शुभकामनाएं देती है और वहां से गरिमा के साथ विदा लेती है।
मीडिया के तीखे सवालों पर अनुपमा का जवाब
जैसे ही अनुपमा बाहर निकलती है, मीडिया के पत्रकार उसे चारों तरफ से घेर लेते हैं। रिपोर्टर उससे बेहद तीखे और असहज करने वाले सवाल पूछते हैं। वे जानना चाहते हैं कि इंटरनेशनल कुकिंग कॉम्पिटिशन की विजेता रहने वाली अनुपमा आखिरकार एक छोटे से लोकल कॉम्पिटिशन में कैसे हार गईं? अनुपमा इस स्थिति को भी बहुत खूबसूरती और समझदारी से संभालती है। वह मुस्कुराते हुए जवाब देती है कि जीवन में जीत या हार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण किसी भी प्रतियोगिता में पूरी लगन से भाग लेना होता है। वह ईमानदारी से स्वीकार करती है कि शायद उनकी टीम ने इस बार उतनी मेहनत नहीं की थी जितनी जरूरत थी, लेकिन वह इस बात पर जोर देती है कि उनके कुकिंग टैलेंट और हुनर को कोई भी उनसे कभी नहीं छीन सकता। अनुपमा कहती है कि भले ही इस बार उनके हाथ से प्रतियोगिता निकल गई हो, लेकिन उन्होंने इससे एक नया और बेहद मूल्यवान अनुभव जरूर हासिल किया है।
फिनाले से पहले बढ़ता ड्रामेटिक तनाव
अनुपमा के इस बेबाक और सकारात्मक जवाब से वहां खड़े दिग्विजय बेहद प्रभावित होते हैं। अनुपमा मीडिया के सभी लोगों को अपनी बात खत्म करते हुए ‘लव यू जिंदगी कैफे’ में आने और वहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखने का खुला निमंत्रण देती है। इसी खुशनुमा माहौल के बीच दिग्विजय के मोबाइल फोन पर एक घंटी बजती है। जैसे ही दिग्विजय कॉल रिसीव करते हैं, उनके चेहरे के भाव बदल जाते हैं। अनुपमा जब उत्सुकता और चिंता से उनसे पूछती है कि क्या हुआ, तो उसे एक बेहद चौंकाने वाली खबर सुनने को मिलती है। दूसरी तरफ, घर का माहौल भी तनावपूर्ण बना हुआ है। वसुंधरा भगवान के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही हैं कि प्रेम की टीम इस मुकाबले को किसी भी तरह जीत जाए। पाखी और परितोष, जो हमेशा वसुंधरा को प्रभावित करने और उनके करीब आने के फिराक में रहते हैं, प्रेम का समर्थन करने के बहाने फिनाले के वेन्यू पर पहुंच जाते हैं। हालांकि, उनका यह दांव उल्टा पड़ जाता है जब वसुंधरा उनकी चापलूसी को भांप लेती हैं और उन्हें चुपचाप एक किनारे जाकर बैठने का आदेश दे देती हैं।
फिनाले में अनुपमा की धमाकेदार एंट्री
एपिसोड के अंतिम पड़ाव में मुख्य मुकाबला शुरू होता है। शो का होस्ट मंच पर आता है और फिनाले में अपनी जगह पक्की करने वाली फाइनलिस्ट टीमों के नामों की घोषणा करने लगता है। पहली टीम के रूप में जैसे ही प्रेम की टीम का नाम घोषित किया जाता है, पूरा हॉल तालियों और हूटिंग से गूंज उठता है। इसके तुरंत बाद, होस्ट एक और बड़ा धमाका करता है। वह अनुपमा की टीम को प्रतियोगिता की दूसरी फाइनलिस्ट टीम के रूप में घोषित कर देता है। यह अप्रत्याशित घोषणा सुनते ही प्रेम की टीम के सभी सदस्यों के पैरों तले जमीन खिसक जाती है और वे गहरे सदमे में आ जाते हैं। अनुपमा बड़े ही गर्व के साथ अपनी टीम के साथ स्टेज पर कदम रखती है। अनुपमा की यह धमाकेदार और ग्रैंड एंट्री देखकर दर्शकों के बीच बैठे पाखी और परितोष के पूरी तरह से होश उड़ जाते हैं और वे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पाते।
मंच पर आमने-सामने आने के बाद प्रेम अनुपमा को बधाई देता है, लेकिन साथ ही वह एक और चुनौती फेंकते हुए कहता है कि वह एक बार फिर से हार का स्वाद चखने के लिए तैयार रहे। इसके बाद होस्ट दोनों फाइनलिस्ट टीमों को डांस और कुकिंग का एक अनोखा कंबाइंड टास्क देता है। जब मुकाबला शुरू होता है, तो प्रेम अनुपमा और राही को एक साथ तालमेल बिठाकर डांस करते हुए देखता है। दोनों को इस तरह एक साथ थिरकते देख प्रेम गहरे सोच में डूब जाता है और उसे अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ता है।



















